S M L

अगर औसत से ज्यादा जीना चाहते हैं तो तेज गति से चलें-फिरें

एक अध्ययन के मुताबिक हल्की चहलकदमी की तुलना में औसत गति की चाल किसी भी कारण से होने वाली मौत में 20 प्रतिशत तक कमी करती है जबकि तेज गति से चलने से इस खतरे को 24 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है

Bhasha Updated On: Jun 03, 2018 05:35 PM IST

0
अगर औसत से ज्यादा जीना चाहते हैं तो तेज गति से चलें-फिरें

अगर आप तेज कदमों से चलते हैं तो आप लंबे उम्र तक जी सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्दी मौत के खतरे को तेज गति से चलने से बहुत हद तक कम किया जा सकता है. चहलकदमी की रफ्तार बढ़ा कर इंसान अपने जीवन के कुछ वर्षों को और बढ़ा सकता है.

हल्की चहलकदमी की तुलना में औसत गति की चाल किसी भी कारण से होने वाली मौत में 20 प्रतिशत तक कमी करती है जबकि तेज गति से चलने से इस खतरे को 24 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है.

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के एमैनुएल स्टैमाटाकिस ने कहा, 'आम तौर पर तेज गति यानी प्रति घंटे 5 से 7 किलोमीटर चलना चाहिए. हालांकि यह चलने वाली की सेहत के स्तर पर भी निर्भर करता है. इसका एक वैकल्पिक सूचक यह है कि ऐसी गति से चलें जिससे रुकने पर आपकी सांस फूले या आपको पसीना आए.'

एक नए अध्ययन के मुताबिक, चाल की गति के प्रभाव को बुजुर्गों में ज्यादा स्पस्ट तौर पर देखा गया. औसत गति से चलने वाले 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के व्यक्तियों में दिल संबंधी बीमारियों से होने वाली मौत के जोखिम में 46 प्रतिशत कमी दर्ज की गई वहीं तेज चलने वालों में यह कमी 53 प्रतिशत रही.

यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
सदियों में एक बार ही होता है कोई ‘अटल’ सा...

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi