S M L

महिला दिवस 2017: गूगल डूडल में काबिल महिलाओं की गाथा

महिला दिवस का इतिहास 1908 से शुरू होता है.

Updated On: Mar 08, 2017 08:34 AM IST

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha

0
महिला दिवस 2017: गूगल डूडल में काबिल महिलाओं की गाथा

आज वुमेंस डे है. गूगल ने इस मौके पर बहुत ही इंस्पायरिंग और खूबसूरत डूडल बनाया है. ये डूडल स्लाइड्स में हैं. स्लाइड्स में उन औरतों की कहानियां दिखाई गई हैं, जिन्होंने हर मुश्किल पार करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया.

पहली स्लाइड्स में एक बच्ची को उसकी दादी मां कहानियां इन्हीं साहसी और काबिल महिलाओं की कहानियां सुना रही हैं. अगली स्लाइड्स में ये बच्ची हमें अपनी नजरों से उन महिलाओं के सफर पर ले चलती है, जो धरती से लेकर आकाश तक में अपनी जीत और मौजूदगी की कहानियां रच चुकी हैं. जिन्होंने अपने दिमाग और दिल, हकीकत और कल्पना को नए रंग दिए.

इडा वेल्स- अमेरिकन जर्नलिस्ट और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट

फ्रीडा काह्लो- मेक्सिकन पेंटर और एक्टिविस्ट

लीना बो बार्डी- इटली मूल की ब्राजीलियन आर्किटेक्ट

ओल्गा स्कोरोखोदोवा- सोवियत साइंटिस्ट और रिसर्चर

मिरियम मकेबा- साउथ अफ्रीकी सिंगर और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट

सैली राइड- स्पेस में जाने वाली पहली महिला अमेरिकन एस्ट्रोनॉट

हेलेट केंबेल- तुर्की की आर्कियोलॉजिस्ट और ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली महिला

एडा लवलेस- इंग्लिश मैथेमेटिशयन और दुनिया की पहली महिला कंप्यूटर प्रोग्रामर

लोफ्तिया अलनाडी- पहली अरब-अफ्रीकी एविएटर

सिसिलिया ग्रियर्सन- अर्जेंटीनी फिजिशियन और रिफॉर्मर

ली ताई-योंग- कोरिया की पहली वकील और जज

रूक्मिणी देवी अरुणडेल- भरतनाट्यम डांसर और एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट

सुजेन लेंगलेन- 31 चैंपियनशिप जीतने वाली फ्रेंच टेनिस प्लेयर

महिला दिवस का इतिहास 1908 से शुरू होता है, जब महिलाओं का एक समूह अपनी सैलरी, काम करने के लिए एक बेहतर वातावरण और वोट करने के अधिकार को लेकर न्यूयॉर्क की सड़कों पर उतर आया.

इसके बाद 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से महिला दिवस की रैली निकाली गई. इसके बाद से ही पूरे विश्व की महिलाएं इन महिलाओं की सौंपी गई विरासत और एक बेहतर भविष्य की ओर उठाए गए कदम का जश्न मनाती आ रही हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi