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इन वजहों से आपको नहीं खरीदनी चाहिए 'बुलेट'

स्वैग की बात ठीक है मगर कीमत के साथ-साथ फीचर की बात भी होनी चाहिए

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee Updated On: Jan 10, 2018 03:28 PM IST

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इन वजहों से आपको नहीं खरीदनी चाहिए 'बुलेट'

भारतीयों की सबसे पसंदीदा मोटर सायकिल कौन सी है? बिना किसी सर्वे के लगभग हर भारतीय जवाब दे देगा, बुलेट यानी रॉयल एनफील्ड. मिड लेवल बाइक सेगमेंट में अकेली रॉयल एनफील्ड की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत है. ये एकछत्र राज्य बुलेट की डिज़ाइन, क्वालिटी और दूसरी बातों से ज्यादा उससे जुड़े स्वैग के चलते है. जब बुलेट चले तो दुनिया रास्ता दे या बिल्ट लाइक ए गन जैसे विज्ञापनों ने बुलेट की लोकप्रियता जो बढ़ाई सो बढ़ाई, पुलिस अधिकारियों और सेना के अफसरों के बुलेट चलाने ने इस मोटरसाइकिल में अलग स्वैग जोड़ा.

मगर एक मोटरसाइकिल की प्राथमिक कसौटी अगर उसका इस्तेमाल, क्वालिटी और उसके मुकाबले कीमत रखी जाए तो निसंदेह ही रॉयल एनफील्ड पर सवाल खड़े होते है. अगर आप शौक और स्वैग के लिए एक रॉयल एनफील्ड चाहते हैं तो अलग बात है. अगर आप जरूरत के लिए बुलेट खरीदने का विचार बना रहे हैं या बुलेट आपकी पहली मोटरसाइकिल होने वाली है तो आपको इस ‘इंडियन बुल’ या देसी हार्लेडेविडसन की कमियों को जान लेना चाहिए.

भारी वजन

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रॉयल एनफील्ड की सबसे बड़ी समस्या उसका वजन है. गाड़ी कम से कम 200 किलो की होगी. ये वजन इंजन का नहीं बल्कि बुलेट का क्लासिक लुक बनाए रखने के लिए होता है. बुलेट चलाने वाले कहते हैं कि ये गाड़ी को पहाड़ों पर चलाने में बेहतर बनाता है. पहली चीज़ तो पहाड़ और वजन का ये संबंध सही नहीं है. ऐसा है भी तो आप साल में कितने दिन बुलेट पर लद्दाख की सड़कों पर चलेंगे. वजन को लेकर बड़ी समस्या है, अगर गाड़ी खराब हो गई तो भगवान मालिक है.

हाईवे के लिए नहीं

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रॉयल एनफील्ड के चाहने वाले चाहे जो तर्क दें, एक्सप्रेस हाईवे पर भी रॉयल एनफील्ड 70 की स्पीड से ऊपर आरामदेह सवारी नहीं रह जाती. 350 सीसी की गाड़ी के लिए ये खराब बात है. ऊपर से बुलेट का वाइब्रेशन, मर्द को दर्द होता हो न होता हो बाइक चलाने वाले को जल्दी थकान जरूर होती है. नई बुलेट की सर्विस में भी समस्याएं हैं. अक्सर जो बुलेट स्पेशलिस्ट मैकेनिक मिलते हैं वो पुरानी बुलेट के जानकार होते हैं.

खराब क्वालिटी, कम माइलेज

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बुलेट के खराब होने का रिस्क बहुत ज्यादा है. बीच हाइवे पर चेन खराब होने जैसे कई पहलू हैं जिनसे बाइकर्स दो चार होते रहते हैं. इसके साथ ही बुलेट के ब्रेकिंग सिस्टम पर भी बहुत भरोसा नहीं किया जा सकता. कोई भी रॉयल इनफील्ड 35 किलोमीटर से ज्यादा का एवरेज नहीं देती. जबकि इतनी पावर और स्पीड पैदा करने वाली तमाम दूसरी गाड़ियां देती हैं. बुलेट का पेट्रोल टैंक भी बहुत बड़ा नहीं होता ऐसे में लंबे सफर के लिए कई दूसरी गाड़ियां बेहतर हैं. ठंड के मौसम में आपने कितने लोगों को देर तक रॉयल एनफील्ड को किक मारते देखा है.

महंगी है

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बुलेट के साथ ये अच्छी बात भी है और खराब भी. इसका महंगा होना इसके स्वैग में बढ़ोत्तरी करता है. लेकिन अगर आप स्वैग के कद्रदान नहीं हैं तो 1 लाख के अंदर ऐसी कई बेहतर गाड़ियां खरीद सकते हैं जो आपको बढ़िया लुक के साथ-साथ बेहतर माइलेज और स्पीड दे सकती है. कीमत की ये बात बाइक खरीदने से लेकर सर्विस करवाने तक जारी रहती है.

कुल मिलाकर अगर आप रॉयल एनफील्ड क्लब या बुलेट बाइकर्स गैंग का हिस्सा बनने के लिए रॉयल एनफील्ड खरीदना चाहते हैं तो खरीदिए. अगर आप पैसों और फीचर के हिसाब से सोच रहे हैं तो दूसरे ऑप्शन और अपनी जरूरतों को समझिए.

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