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'अग्नि-5' का सफल परीक्षण, 5000 किमी तक निशाना साधने में सक्षम

सतह से सतह मार करने में सक्षम 'अग्नि-5' मिसाइल का छठा परीक्षण रविवार सुबह लगभग 9.48 बजे ओडिशा तट पर सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया

FP Staff Updated On: Jun 03, 2018 05:04 PM IST

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'अग्नि-5' का सफल परीक्षण, 5000 किमी तक निशाना साधने में सक्षम

भारत ने देश में विकसित, परमाणु आयुध (हथियार) ले जाने में सक्षम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ का आज यानी रविवार को ओडिशा तट पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. इस मिसाइल की मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर है.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि सतह से सतह (सर्फेस टू सर्फेस) मार करने में सक्षम इस मिसाइल को रविवार सुबह लगभग 9 बजकर 48 मिनट पर बंगाल की खाड़ी में डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड-4 से सचल प्रक्षेपक (मोबाइल लॉन्चर) की मदद से प्रक्षेपित किया गया.

सूत्रों ने बताया कि अत्याधुनिक अग्नि-5 मिसाइल का यह छठा परीक्षण था और यह पूरी तरह सफल रहा. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपनी पूरी दूरी तय की और सभी मानकों को पूरा किया. उन्होंने बताया, ‘मिशन के दौरान रडार, सभी ट्रैकिंग उपकरणों और निगरानी स्टेशनों से मिसाइल के हवा में प्रदर्शन पर नजर रखी गई और उसकी निगरानी की गई.’

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक अधिकारी ने बताया कि ‘अग्नि-5’ नौवहन और मार्गदशन, वॉर हेड और इंजन के संदर्भ में नई प्रौद्योगिकी से लैस अत्याधुनिक मिसाइल है.

अधिकारी ने बताया कि ‘अग्नि-5’ के परीक्षण के दौरान स्वदेश निर्मित कई नई प्रौद्योगिकियों का सफल परीक्षण हुआ. नौवहन प्रणाली, बेहद उच्च सटीक रिंग लेजर गायरो आधारित इनर्शियल नैविगेशन सिस्टम (आरआईएनएस) और अत्याधुनिक सटीक आकलन करने वाले माइक्रो नैविगेशन सिस्टम (एमआईएनएस) से यह सुनिश्चित हुआ कि मिसाइल सटीक दूरी के कुछ ही मीटर के भीतर अपने लक्ष्य बिंदु तक पहुंच गई.

‘अग्नि-5’ का पहला परीक्षण 19 अप्रैल, 2012 को, दूसरा 15 सितंबर, 2013, तीसरा 31 जनवरी, 2015 और चौथा परीक्षण 26 दिसंबर, 2016 को किया गया था. वहीं इस मिसाइल का पांचवा परीक्षण इसी साल 18 जनवरी को हुआ.

बता दें कि ‘अग्नि-5’ के यह पांचों परीक्षण सफल रहे थे.

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