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2018 में ये होंगे साइंस और टेक्नोलॉजी के मुख्य आकर्षण

कंप्यूटिंग के क्षेत्र में दस्तक दे रही इस नई क्रांति का नाम है क्वांटम कंप्यूटिंग. इसके साथ ही कुदरत के कुछ खास नजारे भी इस साल हमें देखने को मिलेंगे

Sandeep Nigam Updated On: Jan 06, 2018 08:35 PM IST

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2018 में ये होंगे साइंस और टेक्नोलॉजी के मुख्य आकर्षण

साइंस और टेक्नोलॉजी 2018 में एक नए दौर में प्रवेश कर रही है. जेनेवा स्थित फिजिक्स लैब सर्न के लिए कामकाज का ये अंतिम साल है क्योंकि इसके बाद यहां के मशहूर पार्टिकिल एक्सीलरेटर को सर्विसिंग के लिए बंद कर दिया जाएगा. लेकिन इससे पहले सर्न में ही विकसित कंप्यूटिंग की बिल्कुल नई टेक्नोलॉजी इस साल आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगी. कंप्यूटिंग के क्षेत्र में दस्तक दे रही इस नई क्रांति का नाम है क्वांटम कंप्यूटिंग. इसके साथ ही कुदरत के कुछ खास नजारे भी इस साल हमें देखने को मिलेंगे. 2018 में साइंस और टेक्नोलॉजी के कुछ खास आकर्षण प्रस्तुत हैं -

1. टेक्नोलॉजी की नई क्रांति 'क्वांटम कंप्यूटर्स'

अब वक्त आ गया है कि आप अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप को बदल डालें. क्योंकि इस साल ये पुराने होने वाले हैं. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो 2018 में गूगल एक ऐसी डिवाइस पेश करने जा रहा है जिसकी प्रोसेसिंग स्पीड इतनी तेज होगी कि दुनिया की कोई दूसरी मशीन इसका मुकाबला नहीं कर पाएगी. कंप्यूटिंग की दुनिया में नई क्रांति दस्तक दे रही है, जिसका नाम है क्वांटम कंप्यूटर.

quantam computer

गूगल ने शुरुआत में 49 क्यूबाइट्स के क्वांटम कंप्यूटर्स लांच करने की योजना बनाई है. ये कंप्यूटर्स इतने एडवांस होंगे कि ये सुपरकंप्यूटर्स को भी पछाड़ने की क्षमता रखेंगे. क्वांटम कंप्यूटर्स के आने का सबसे बड़ा फायदा आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र को मिलेगा.

2. अपने परदादा के परदादा से मिलने को तैयार हो जाइए

21 वीं सदी मानव जाति की विकास यात्रा के अध्ययन में अब तक अपनी नई खोजों के साथ स्वर्ण युग साबित हुई है. 70 लाख साल पुराने साहेलांथ्रोपस काडेंसिस और 3 लाख साल पुराने होमो नालेडी प्रजातियों के अवशेषों की खोज ने आधुनिक मानव की विकास यात्रा के बारे में हमारी समझ का दायरा बढ़ाया है. ज्ञान की ये यात्रा नई-नई खोजों के साथ आगे बढ़ रही है. इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि इस साल एक ऐसी नई प्रजाति की खोज की जा सकती है जिससे कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे.

2. missing link

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के फ्रेड स्पोर कहते हैं, ‘मानव की विकास यात्रा का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिक इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि 40 लाख साल और 70 लाख साल के बीच के इस बड़े अंतर में कौन सी मानव प्रजाति थी? क्योंकि इस बीच के बड़े अंतर की कई कड़ियां गायब हैं.’ वैज्ञानिकों को पूरी उम्मीद है कि इस साल ये गायब कड़ियां उनके हाथ लग जाएंगी जिससे कई गुत्थियां सुलझ सकेंगी.

3. जीवन के कई नए स्वरूपों की खोज

इस साल आपका परिचय जीवन के कुछ ऐसे स्वरूपों से हो सकता है जिनसे आप अब तक अपरिचित थे. हम बात कर रहे हैं बैक्टीरिया की. अपने इस सूक्ष्मतम स्वरूप में जीवन हवा पानी और धरती हर कहीं बिखरा पड़ा है. इनमें से मात्र एक प्रतिशत बैक्टीरिया से ही हमारी अब तक जान-पहचान हो सकी है.

Metagenomics

मेटाजीनोमिक्स नाम की साइंस की एक धारा इन नए-नए बैक्टीरिया की पहचान करने और उनके डीएनए का अध्ययन करने में जुटी है. मेटाजीनोमिक्स ने कुछ नई खोजें भी कर दिखाई हैं. बीते सितंबर में यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड, ऑस्ट्रेलिया के फिलिप ह्युजेनहोल्टज और उनकी टीम ने 1749 नई बैक्टीरिया प्रजातियों को खोज निकालने में सफलता पाई थी. फिलिप ह्युजेनहोल्टज कहते हैं हमारी अब तक की खोज तो मात्र सागर में बूंद के समान है, कई चौंकाने वाली खोजें होनी तो अभी बाकी हैं.

4. पहले ग्रह का रहस्य खोलेगा 'मिशन मर्करी'

मर्करी यानी हमारे सौरमंडल का पहला ग्रह 'बुध.' अगर साइंस के नजरिए से पौराणिक कहानियों में वर्णित नरक को खोजा जाए तो वो जगह बुध ग्रह पर ही है. सूरज के सबसे नजदीक और सौर विकिरण के तूफानों से पूरा फुंका हुआ, बेहद ऊंचे तापमान वाला एकदम उजाड़ और वीरान ग्रह है बुध.

Project Mercury

अक्टूबर 2018 को बेपी कोलंबो नाम का एक प्रोब इस ग्रह पर पहुंचने के लिए अपनी 7 साल की यात्रा पर निकल रहा है. बेपी कोलंबो बुध ग्रह की कक्षा में 2025 को पहुंचेगा. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगर यह प्रोब बेपी कोलंबो बुध की कक्षा में 350 डिग्री सेंटीग्रेड की गर्मी को झेल सका तो सौरमंडल के इस पहले ग्रह के बारे में कई रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा.

5. आपसे मिलने आ रहा है मंगल

mars

2018 का वर्ष खगोल विज्ञान में मंगल ग्रह के अदभुत नजारे के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. 15 साल बाद मंगल ग्रह अपने परिक्रमा पथ पर ऐसी स्थिति में आ रहा है जब वो धरती से सबसे ज्यादा करीब होगा. नासा जैसी प्रमुख स्पेस एजेंसी मंगल पर नए मिशन को लांच करने के लिए इस आदर्श स्थिति का इंतजार कर रहीं हैं. 2003 के बाद 27 जुलाई 2018 को ये स्थिति बन रही है जब रात के आसमान में लाल बल्ब के रूप में चमकता मंगल ग्रह अपनी चमक में बृहस्पति ग्रह को भी पीछे छोड़ देगा. 2018 के बाद ऐसी स्थिति अब 2035 में ही बनेगी.

6. सुपर ब्लू मून और लाल चंद्रमा

super blue moon and red moon

जनवरी 2018 की दूसरी पूर्णिमा जिसे ब्लू मून भी कहते हैं एक खास पूर्ण चंद्र ग्रहण को साथ ला रही है. 31 जनवरी 2018 को ब्लू मून के साथ पूर्ण चंद्र ग्रहण का ये खगोलीय संयोग 150 साल बाद बन रहा है. पू्र्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा सफेद से लाल और फिर लाल से सफेद हो जाएगा. प्रशांत महासागर के पश्चिमी किनारे, केंद्रीय और पूर्वी एशिया, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा सबसे शानदार दिखेगा. जबकि पश्चिमी एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप, मध्यपूर्व और पूर्वी यूरोप में चंद्रमा ग्रहण के साथ ही उदित होगा.

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