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अलविदा 2017 : क्रिकेट, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग से लेकर क्यू स्पोर्ट्स में मचाई धूम, साल के पांच स्टार

भारत को खेलों में सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि अन्य मैदानों से भी लगातार अच्छी खबरें मिलतीं रहीं

Sachin Shankar Updated On: Dec 27, 2017 03:03 PM IST

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अलविदा 2017 : क्रिकेट, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग से लेकर क्यू स्पोर्ट्स में मचाई धूम, साल के पांच स्टार

भारत के लिए क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों के लिए भी यह साल उपलब्धियों भरा रहा. आइए जानते हैं विराट कोहली के अलावा अन्य खेलों के उन खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने अपने प्रदर्शन से 2017 को रोशन बनाए रखा.

 कोहली के लिए 2017 रहा 'विराट साल'

भारतीय कप्तान विराट कोहली के लिए 2017 पूरी तरह से विराट साल रहा. इस साल विराट छाए रहे. वास्तव में कोहली के इन धमालों को भारतीय क्रिकेटप्रेमी लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे. इस साल उन्होंने जिस तरह रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी की है उससे तो अब सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड खतरे में नजर आने लगे हैं. बल्लेबाजी की नई परिभाषाएं गढ़ रहे विराट ने पूरे साल आंकड़ेबाजों को उलझाए रखा और अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक पूरा कर डाला. विराट के टेस्ट में 20 और वनडे में 32 शतक हो चुके हैं. कप्तान के रूप में वह सर्वाधिक दोहरे शतकों का रिकॉर्ड बना चुके हैं.

ईडन गार्डन में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में विराट बिना खाता खोले आउट हो गए थे. लेकिन सीरीज खत्म होते-होते उन्होंने रनों का एवरेस्ट (610 रन) खड़ा कर दिया. इस मामले में वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं. विराट तीन अलग-अलग सीरीजों में 600  या इससे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. विराट ने यह कमाल साल 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया (692 रन) के खिलाफ,  साल 2016-17 में इंग्लैंड (655) और साल 2017-18 में श्रीलंका के विरुद्ध किया.

CANBERRA, AUSTRALIA - JANUARY 20: Virat Kohli of India looks on during the Victoria Bitter One Day International match between Australia and India at Manuka Oval on January 20, 2016 in Canberra, Australia. (Photo by Mark Metcalfe - CA/Cricket Australia/Getty Images)

कोहली ने तीनों प्रारूप में साल का समापन 2818  रनों के साथ किया. इसमें उनका औसत 68.73 रहा. वहींविराट ने इस दौरान 11 शतक, 10 अर्धशतक और तीन दोहरे शतक भी बनाए. इसके अलावा वह भारत के तीसरे सबसे सफल कप्तान बन गए हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में 20 टेस्ट जीत लिए हैं और वह सौरव गांगुली (21 जीत), धोनी (27 जीत) के बाद तीसरे नंबर पर आ गए हैं. विराट ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज 1-0 से जीतने के बाद लगातार नौ सीरीज जीतने के ऑस्ट्रेलिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.

मीराबाई चानू ने उठाया उम्मीदों का बोझ

2016 रियो ओलंपिक में जिन खिलाड़ियों से देश पदक की उम्मीद कर रहा था उनमें से एक थीं मीराबाई चानू. उन्हें खुद पर भरोसा था कि वह भारत को पदक दिलाने में सफल होंगी. लेकिन इसके बाद जो हुआ वह किसी ने नहीं सोचा था. स्नैच में वह तीन में से एक ही बार लिफ्ट कर पाईं, वहीं क्लीन एंड जर्क में वह तीनों प्रयासों में असफल रहीं. मीराबाई उन दो खिलाड़ियों में से थीं जो इवेंट पूरा नहीं कर पाईं. रियो में मिली हार के बाद चानू सिर्फ पांच दिनों के लिए अपने घर गईं और फिर ट्रेनिंग के लिए पटियाला लौट आईं. इस हार का भार चानू लंबे समय तक खुद पर महसूस करती रहीं.

वह रियो की खराब यादों को भूलना चाहती थीं. इसीलिए अमेरिका में वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की तैयारी के लिए वह काफी पहले कैलिफोर्निया आ गई थीं. 23 साल की चानू ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 194 किग्रा भार उठाया जो नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इस तरह उन्होंने भारत की झोली में गोल्ड डाल दिया. चानू से पहले ओलंपिक कांस्य पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी ने 1994 और 1995 विश्व चैंपियनशिप में पीला तमगा जीता था. वर्ल्ड चैंपियनशिप की वजह से मीराबाई अपनी बहन की शादी में शामिल नहीं हो पाई थीं. उनके फैसले से घर में सभी लोग नाराज थे. वह उनकी नाराजगी को समझ सकती थीं. मीराबाई ने अपने पैरेंट्स से वादा किया था कि वह विजेता बनकर लौटेंगी और प्यारी बहन को सोना गिफ्ट करेंगी. मीराबाई ने अपना वादा पूरा किया.

क्यू स्पोट्र्स के गोल्डन बॉय पंकज आडवाणी

27 साल पहले जब इराक ने कुवैत पर कब्जा जमाया तो उसने भारत को सबसे प्रतिभावान खिलाड़ियों में से एक के रूप में सौगात दे डाली. पंकज आडवाणी उस समय नन्हें बच्चे थे. कुवैत में बसा उनका परिवार उस समय छुट्टियां मनाने अमेरिका गया हुआ था. तभी इराक ने हमला कर दिया. वे लोग वापस घर नहीं लौट सके. आखिरकार आडवाणी परिवार ने हिंदुस्तान का रुख किया और बेंगलुरु में आकर बस गया. दस साल की उम्र में पंकज ने अपने भाई श्री का साथ पकड़ा और एक स्नूकर क्लब में पहुंच गए. उसके बाद जो कुछ हुआ वह इतिहास हो चुका है.

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32 वर्षीय आडवाणी ने इस साल नवंबर में दोहा में आईएसएसएफ विश्व बिलियडर्स और स्नूकर चैंपियनशिप में खिताबों का डबल बनाकर अपने करियर में विश्व खिताबों की संख्या को 18 तक पहुंचा दिया. वह दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैंजिसने स्नूकर में छोटे और लंबे दोनों प्रारूप में विश्व खिताब अपने नाम किया है. इसके अलावा वह इंग्लिश बिलियडर्स (पाइंट और टाइम फार्मेट) में विश्व चैंपियन बनने वाले भी पहले खिलाड़ी हैं. वह भारत के पहले खिलाड़ी हैंजिसने सिक्स रेड स्नूकर खिताब जीता है.

श्रीकांत ने जीते चार सुपर सीरीज खिताब

आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहने वाले किदांबी श्रीकांत में कड़ी मेहनत करने और सतत आगे बढ़ते रहने का जज्बा है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कदम-दर-कदम कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते हुए श्रीकांत ने 2017 में आखिरकार इतिहास रच डाला. श्रीकांत ने इस सत्र में चार सुपर सीरीज खिताब अपने नाम किए. इसके साथ ही वह सुपर सीरीज मुकाबलों में साइना नेहवाल के बाद सबसे कामयाब भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं. साइना ने अभी तक आठ सुपर सीरीज मुकाबले जीते हैं. जबकि श्रीकांत ने करियर में कुल छह सुपर सीरीज खिताब जीते हैं.

श्रीकांत ने 2017 में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलियाई, डेनमार्क और फ्रेंच ओपन खिताब जीता. जबकि एक टूर्नामेंट में वह उप विजेता रहे. उनसे पहले महान खिलाड़ी लिन डैनली चोंग वेई और चेन लोंग ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं. श्रीकांत ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज के फाइनल में मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन चीन के चेन लोंग को सीधे सेटों में हराकर तहलका मचा दिया था. ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में श्रीकांत ने वो करिश्मा कर दिखाया जो वो पहले कभी नहीं कर पाए थे. चेन लोंग के साथ ये उनका छठा मुकाबला था और श्रीकांत पहली बार उनसे कोई मुकाबला जीते. अपने इस प्रदर्शन से वह विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचे और दुबई फाइनल्स में जगह बनाई.

नई उपलब्धियां हासिल करतीं सिंधु

भले ही वह पुरुष खिलाड़ी थे, जिन्होंने इस सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बैडमिंटन में नई इबारत लिखी. लेकिन पीवी सिंधु ने एक बार फिर नई उपलब्धियां हासिल कीं. 22 साल सिंधु देश की सबसे कामयाब महिला खिलाड़ी बन चुकी हैं. सिंधु ने इस साल अपने करियर की बेस्ट रैंकिंग नंबर दो हासिल की. उन्होंने तीन खिताब और तीन रजत पदक के साथ विश्व की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपना दावा पुख्ता किया.  2017 में सिंधु ने सैयद मोदी इंटरनेशनलइंडियन ओपन और कोरिया ओपन में खिताबी जीत हासिल की. वह कोरिया ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. उन्होंने वर्ल्ड सुपर सीरीज और विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया. वह हांगकांग ओपन में उपविजेता रहीं.

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