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अलविदा 2016: बेटियों के नाम रहा पूरा साल

अलग अलग खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

Updated On: Dec 30, 2016 08:56 PM IST

Lakshya Sharma

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अलविदा 2016: बेटियों के नाम रहा पूरा साल

खेल के मैदान में भारत के लिए साल 2016 शानदार रहा. हालांकि रियो ओलिंपिक में खराब प्रदर्शन ने इसकी चमक थोड़ी फीकी जरूर कर दी लेकिन फिर भी ये साल भारत के लिए एक यादगार साल रहा.

2016 में खासकर महिला खिलाड़यों ने अच्छा प्रदर्शन कर पूरे विश्व में अपना नाम कमाया.तो उन्हीं महिला खिलाड़ियों के बारे में बात करते है जिन्होंने 2016 में कामयाबी की नई इबारत लिखी.

पीवी सिंधु

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ये साल पीवी सिंधु के लिए शायद पूरी जिंदगी का सबसे अच्छा साल रहा. सिंधु ने इस साल रियो ओलिंपिक में रजत पदक जीत कर इतिहास रच दिया. महिला बैडमिंटन के फाइनल में सिंधु दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी कैरोलिना मरीन से हार गई, लेकिन इस हार के बावजूद इतिहास रचने में कामयाब रही.

सिंधु ओलिंपिक में बैडमिंटन में रजत जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी. इससे पहले साइना ने लंदन ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था. सिंधु इस साल सायना से भी एक कदम आगे निकल गई. सिंधु ने इस साल चाइना ओपन का खिताब भी जीता. सिंधु को इस साल भारत के सबसे बड़े खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया.

साक्षी मलिक

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साल 2016 में पुरुष पहलवान और कुश्ती विवाद और निराशा में रही. लेकिन महिला पहलवान के रूप में भारत को एक नया स्टार मिला. उस चमकते सितारे का नाम है साक्षी मलिक. रियो ओलिंपिक में किसी भारतीय को साक्षी से उम्मीद नहीं थी. लेकिन साक्षी को खुद से उम्मीद भी थी और भरोसा भी.

जब पूरा भारत ओलिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से आहत था, तब गुमनामी से निकलकर हरियाणा की साक्षी मलिक ने देश को रियो ओलिंपिक में पहला पदक दिलाया.

साक्षी ने 58 किलो ग्राम वर्ग मुकाबले में कांस्य पदक जीता. साक्षी को रेपेचाज के पहले राउंड में किर्गिस्तान की पहलवान एसुलू तिनिवेकोवा से 0-5 से हार का सामना करना पड़ा.

दूसरे राउंड की शुरुआत में पिछड़ने के बाद साक्षी ने जबरदस्त वापसी की और 8-5 से मैच जीतकर इतिहास रच दिया. साक्षी को खेलों में उनके योगदान के लिए इस साल राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से नवाजा गया.

दीपा मलिक

 

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पैरालिंपिक में भारतीय टीम को अच्छी सफलता मिली. पैरालिंपिक में भारत को 4 पदक मिले. इसी साल पैरालिंपियन दीपा मलिक ने भी देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.

दीपा ने गोला फेंक एफ- 53 की प्रतिस्पर्धा में रजत पदक जीता. ऐसा करने वाली दीपा भारत की पहली महिला पैरांपियन है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि दीपा मलिक का कमर से नीचे का हिस्सा लकवा से ग्रस्त है. ट्यूमर की वजह से दीपा के अब तक 31 ऑपरेशन हो चुके है.

खेलों में शानदार प्रदर्शन की वजह से दीपा का नाम अब तक चार बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आ चुका है. पहली बार उनका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में तब आया था, जब उन्होंने यमुना नदी के बहाव की उल्टी दिशा में एक किलोमीटर की दूरी तय की थी.

58 किलोमीटर तक स्पेशल तरीके से बाइक राइडिंग करने, पैन इंडिया ड्राइविंग के 3278 किमी सफर और लद्दाख में सबसे ऊंची रोड पर ड्राइविंग करके पहुंचने पर भी उनका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आया था.

दीपा कर्माकर

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त्रिपुरा के एक छोटे से गांव से आई 23 वर्षीय दीपा कर्माकर ने रियो ओलिंपिक में कोई पदक तो नहीं जीता, लेकिन करोड़ों दिल जरूर जीत लिए. दीपा न केवल ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाली बल्कि स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भी पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनीं

प्रोदुनोवा जैसे खतरनाक कारनामे, जिसे करने का जोखिम रूस और अमेरिका के जिम्नास्ट भी नहीं उठाते, लेकिन दीपा ने इसे अंजाम देकर रियो से पदक नहीं लेकर आने के बावजूद उसने करोड़ों देशवासियों का दिल जीता.

अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कई पदक जीतने के बावजूद एक खिलाड़ी वो लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाता जो दीपा ने रियो में चौथे स्थान पर रहकर अर्जित की.

दीपा के इस प्रदर्शन की कई दिग्गजों ने तारीफ की. रियो के बाद दीपा पर सम्मान की झड़ी लग गई जिसमें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी शामिल है.

सानिया मिर्जा

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भारत की टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा के लिए भी साल 2016 उपलब्धि भरा रहा. सानिया मिर्जा ने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के महिला युगल मुकाबले में जीत दर्ज की.

सानिया मिर्जा और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने चेक गणराज्य की सातवीं वरियता प्राप्त जोड़ी एंड्रिया लावाकोवा और लूसी हराडेका को हराया. ये खिताब सानिया मिर्जा का लगातार तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब था.

इस साल सानिया मिर्जा को खेलों में योगदान के लिए इस साल पद्म भूषण सम्मान भी मिला. साथ ही उन्हें 2016 के टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल किया गया है.

अदिति अशोक

Gurugram: Aditi Ashok poses after receiving the Hero Women's Indian Open Golf trophy in Gurugram on Sunday. PTI Photo (PTI11_13_2016_000180B)

भारत की उभरती हुई गोल्फर अदिति अशोक के लिए साल 2016 यादगार रहा. अदिति को महिला यूरोपीय टूर की साल की उभरती हुई खिलाड़ी भी चुना गया. इस दौरान वह टूर पर अपने पहले साल में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली भारतीय भी बनी.

अदिति महिला इंडियन ओपन जीतकर यूरोपीय लेडीज टूर प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी. उन्होंने इसके बाद कतर लेडीज ओपन के रूप में अपना लगातार दूसरा खिताब जीता. उन्होंने फ्लोरिडा में क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में संयुक्त 24वें स्थान के साथ एलपीजीए में खेलने के आंशिक अधिकार भी हासिल किए.

ललिता बाबर

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रियो ओलिंपिक में एक और महिला खिलाड़ी ललिता बाबर ने शानदार प्रदर्शन किया. लंबी दूरी की धावक ललिता ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई.

पिछले 32 सालों में ललिता पहली ऐसी महिला धावक बन गई जिसने ट्रैक स्पर्धा में ओलिंपिक एथलेटिक्स के फाइनल में जगह बनाई. उनसे पहले ये कारनामा पीटी उषा ने किया था. पी टी उषा ने 1982 में कारनामा किया था.

स्मृति मंधाना

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वैसे तो क्रिकेट का नाम सुनते ही आपके मन में कोहली या धोनी जैसे खिलाड़ियों का जिक्र होता है. लेकिन भारतीय महिला क्रिकेटर भी किसी कम नहीं है ये साबित किया है भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने.

स्मृति ने साल 2016 में शानदार प्रदर्शन किया. इसी प्रदर्शन के कारण आईसीसी ने उन्हें 2016 की अपनी बेस्ट इलेवन में भी चुना. आईसीसी की टीम में जगह बनाने वाली स्मृति इकलौती भारतीय क्रिकेटर है. 20 साल की स्मृति ने अब तक 23 वनडे में 701 रन बनाए हैं. जिसमें उनके नाम 1 शतक और 5 अर्धशतक है.

हरमनप्रीत कौर

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हरमनप्रीत कौर के लिए ये साल काफी अच्छा रहा. हरमनप्रीत इस साल ऑस्ट्रेलिया की घरेलू लीग में खेलती दिखाई दी. इस लीग में खेलने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी है. हरमनप्रीत ने बिग बैश की सिडनी थंडर्स से अनुबंध किया.

हरमनप्रीत ने लीग में खेलने के बारे में कहा कि वह बहुत पहले से इस लीग में खेलना चाहती थी,लेकिन बोर्ड से एनओसी नहीं मिल पाने के कारण अब तक ये संभव नहीं हो पाया. अब इस लीग के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं और उम्मीद करती हूं कि भारत में भी इस तरह की लीग महिला क्रिकेटरों के लिए हो.

 

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