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...तो फिर ओलिंपिक में होगी शूटर्स की डायरेक्ट एंट्री

अगर यह नया प्रस्ताव पारित हो जाता है तो फिर ओलिंपिक में शूटरों को भेजने में नेशनल फेडरेशन की भूमिका होगी खत्म

Updated On: Nov 09, 2017 08:53 AM IST

Bhasha

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...तो फिर ओलिंपिक में होगी शूटर्स की डायरेक्ट एंट्री

इंटरनेशनल शूटिंग फेडरेशन यानी आईएसएसएफ ने जनवरी 2020 तक अपनी संबंधित स्पर्धाओं में विश्व में नंबर एक स्थान पर रहने वाले शूटरों  को टोक्यो ओलिंपिक में सीधी एंट्री देने का प्रस्ताव रखा है.अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो फिर इन खिलाड़ियों के चयन में नेशनल फेडरेशंस की कोई भागीदारी नहीं होगी.

भारतीय नेशनल राइफल फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा, ‘इससे यह सुनिश्चित होगा कि इन खास शूटरों, जो विश्व में नंबर एक पायदान पर हों, के चयन मामले में नेशनल फेडरेशन कुछ नहीं कह पाएंगे. एक तरह से यह अच्छा कदम है क्योंकि इससे सर्वश्रेष्ठ को ही तवज्जो दी जा रही है. जो भी शूटर विश्व में नंबर एक होगा वह किसी भी स्थिति में अच्छा होगा.’

प्रस्तावित नियम के अनुसार कोटा स्थान आवंटन की शुरूआत 2018 में कोरिया के चांगवान में 31 अगस्त से 14 सितंबर के बीच होने वाली आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप से हो जाएगी और प्रस्तावित प्रक्रिया में विश्व रैंकिंग के कुछ कोटा स्थान भी शामिल हैं. ’’ यह प्रत्येक प्रतियोगिता में केवल शीर्ष रैंकिंग के निशानेबाजों पर ही लागू होगा.

लिंग समानता रखने के अपने वादे के अनुसार आईएसएसएफ कार्यकारी समिति ने कहा कि टोक्यो में तीन मिक्स्ड तथा छह पुरूष और छह महिला व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 180 पुरूष और 180 महिला निशानेबाज भाग लेंगे.

रियो ओलिंपिक 2016 में निशानेबाजी में पुरूषों के लिये नौ और महिलाओं के लिये छह स्पर्धाएं थी.

आईएसएसएफ कार्यकारी समिति ने टोक्यो 2020 ओलिंपिक कोटा स्थानों के आवंटन के प्रस्तावित नियमों में संशोधन किया है जिन्हें अंतिम मंजूरी के लिये इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी(आईओसी) के पास भेजा जाएगा. आईएसएसएफ के अनुसार अगले साल फरवरी में ऐसा होने की संभावना है.

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