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विश्‍व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप : एमसी मैरी कॉम ने पक्का किया सातवां पदक, सेमीफाइनल में बनाई जगह

पांच बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम ने लाइट फ्लाईवेट (48 किग्रा वर्ग) में चीन की वू यू को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई

Updated On: Nov 20, 2018 05:28 PM IST

FP Staff

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विश्‍व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप : एमसी मैरी कॉम ने पक्का किया सातवां पदक, सेमीफाइनल में बनाई जगह

भारत की सुपरस्टार मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने मंगलवार को एआईबीए महिला विश्व चैंपियनिशप में अपना सातवां पदक पक्का कर लिया. पांच बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम ने लाइट फ्लाईवेट (48 किग्रा) में चीन की वू यू को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके साथ ही 35 वर्षीय और तीन बच्चों की मां मैरी कॉम महिला मुक्केबाजी के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ी बन गई हैं. अंतिम चार में जगह बनाकर उन्होंने कम के कम अपना कांस्य पदक पक्का कर लिया है.

मैरी कॉम जब रिंग में उतरीं तो उनके नाम पर विश्व चैंपियनिशप के पांच गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल था. उन्होंने विश्व चैंपियनिशप में अपना आखिरी पदक 2010 में जीता था. तब उन्होंने 48 किग्रा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज अब सेमीफाइनल में गुरुवार को उत्तर कोरिया की हयांग मि किम से भिड़ेंगी, जिन्हें उन्होंने पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में हराया था.

मैरी कॉम ने अपने चिर परिचित अंदाज में खेलते हुए चीनी मुक्केबाज को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया. उनके दाएं बाएं हाथ से लगाए गए मजबूत मुक्कों का यू वु के पास कोई जवाब नहीं था. विश्व चैंपियनिशप में छह पदक जीत चुकी मैरी कॉम आत्ममुग्ध होने से बचना चाहती हैं और एक बार में एक ही मुकाबले पर ध्यान लगा रही हैं.

उन्होंने मुकाबले के बाद कहा, ‘यह काफी कठिन भी नहीं था और आसान भी नहीं था. मैं रिंग में ध्यान भंग नहीं होने देती, जिससे फायदा मिलता है. मैं उसे देखकर उसके खिलाफ खेल रही थी. चीन की मुक्केबाज काफी मजबूत हैं, लेकिन उसके खिलाफ यह मेरा पहला मुकाबला था.'

अगले मुकाबले के बारे में उन्होंने कहा, ‘अब मैं पदक दौर में प्रवेश कर चुकी हूं. एशियाई चैंपियनशिप में मैंने उसको हराया था. अभी सेमीफाइनल में लड़ना है, अति आत्मविश्वास से नहीं खेलना है. उसकी वीडियो का आकलन किया था, उसी के हिसाब से खेलूंगी.’

मनीषा मौन को देखना पड़ा हार का मुंह

युवा मुक्केबाज मनीषा मौन (54 किग्रा) को हालांकि 2016 विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता स्टोयका पैट्रोवा से 1 - 4 से पराजय का मुंह देखना पड़ा. दोपहर के सत्र में दूसरी भारतीय मनीषा रिंग में उतरीं. उन्हें शीर्ष वरीय के खिलाफ कहीं न कहीं अनुभव की कमी महसूस हुई. मनीषा की यह सीनियर में पहली बड़ी चैंपियनशिप थी, लेकिन उनका मानना है कि यह अनुभव उनके लिए बहुत काम आएगा.

बुल्गारिया की मुक्केबाज ने शुरू से मनीषा को दबाव में रखा और कुछ बेहतरीन पंच से उन्हें कोई मौका नहीं दिया. बैंथमवेट मुक्केबाज मनीषा को शुरू से ड्रॉ में कड़े मुकाबले खेलने पडे, उन्होंने पहले दौर में विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदकधारी, फिर पोलैंड की विश्व चैंपियन को मात दी. लेकिन आज वह जीत हासिल नहीं कर सकीं.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

 

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