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Women's asian champions trophy : खिताब का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय महिला हॉकी टीम

फाइनल में कोरिया से फिर हारी भारतीय महिला टीम, कोरिया ने तीसरी बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती

FP Staff Updated On: May 20, 2018 04:40 PM IST

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Women's asian champions trophy : खिताब का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय महिला हॉकी टीम

भारतीय महिला हॉकी टीम एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब का बचाव करने में नाकाम रही. भारतीय महिला हॉकी टीम रविवार को डोंगाई सिटी (कोरिया) में फाइनल में मेजबान साउथ कोरिया से 0-1 से हार गई. कोरिया ने अपने ठोस रक्षण का बेजोड़ नमूना पेश किया. उसकी तरफ से योंगसिल ली ने 24वें मिनट में मैदानी गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ.

कोरिया ने तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया, जबकि भारतीय टीम लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद दूसरे खिताब से चूक गई. एक दिन पहले भी दोनों टीमों के बीच ग्रुप स्तर का मुकाबला हुआ था, जो 1-1 की बराबरी पर छूटा था. इस मैच में भी दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर हुई और दोनों ने स्तरीय खेल दिखाया.

पहले क्वार्टर में नहीं हुआ कोई गोल

भारतीय रक्षापंक्ति की शुरू में कोरिया ने अच्छी परीक्षा ली. उन्होंने मध्यपंक्ति में गेंद को अपने कब्जे में रखा और भारतीयों पर दबाव बनाया. भारत ने हालांकि उसके प्रयासों को अच्छी तरह से नाकाम किया. कोरिया के पास कुछ अच्छे मौके थे, लेकिन पहले 15 मिनट में कोई गोल नहीं हुआ. कोरिया ने हालांकि दूसरे पीरियड में दबदबा बनाया तथा दो मिनट के अंदर तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए. भारतीय गोलकीपर सविता ने अच्छा प्रदर्शन करके टीम पर से खतरा टाला.

24वें मिनट में गोल करने में सफलता मिली कोरिया को

कोरिया को आखिर में 24वें मिनट में गोल करने में सफलता मिली जब भारतीय जवाबी हमले का बचाव करने की अच्छी स्थिति में नहीं थे. मी ह्यून पार्क दाएं छोर की बेसलाइन से गेंद आगे लेकर बढ़ीं. उन्होंने भारतीय गोल की तरफ गेंद बढ़ाई और ली ने डिफलेक्ट से उसे गोल में पहुंचाया. एक गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय लय हासिल करने के लिए जूझते रहे. भारत ने बराबरी का गोल करने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन कोरियाई हर बार पूरी तरह से मुस्तैद थीं. मेजबान टीम ने दूसरे हाफ में अपना अधिकतर समय गोल बचाने में लगाया.

भारतीय गोलकीपर सविता ने किए खूबसूरत बचाव

कोरिया के पास 43वें मिनट में दूसरा गोल करने का मौका था, लेकिन मी ह्यून पार्क का शॉट सविता ने बचा दिया. कोरिया को इसके एक मिनट बाद चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन फिर से सविता ने उसे बढ़त मजबूत नहीं करने दी. आखिरी क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ी अपने हाफ में ही मंडराते रहीं. उन्होंने भारतीय फारवर्ड को मौका नहीं दिया. अंतिम क्षणों में भारतीय टीम बराबरी का गोल करने के लिए बेताब दिखी. उसने गोलकीपर सविता की जगह अतिरिक्त खिलाड़ी भी उतारा, लेकिन वे कोरिया की मजबूत रक्षापंक्ति में सेंध नहीं लगा पायीं.

भारत दूसरी बार उप विजेता रहा

कोरिया ने तीसरी बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती है. इससे पहले उसने 2010 और 2011 में खिताब जीता था, भारत दूसरी बार उप विजेता रहा. वह 2013 के फाइनल में जापान से हार गया था. भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा युवा लालरेमसियामी को टूर्नामेंट की उदीयमान खिलाड़ी चुना गया. स्ट्राइकर नवनीत कौर और वंदना कटारिया तथा चीन की झियोमिंग सोंग ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल किए.

 

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