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विश्‍व चैंपियन के ताज के लिए रिंग में 'पंच का दम' दिखाने को तैयार भारत की मुक्‍केबाज

टूर्नामेंट में 62 देशों क 277 मुक्‍केबाज हिस्‍सा ले रहे हैं

Updated On: Nov 22, 2018 03:51 PM IST

Kiran Singh

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विश्‍व चैंपियन के ताज के लिए रिंग में 'पंच का दम' दिखाने को तैयार भारत की मुक्‍केबाज

आखिरकार अब वो समय भी आ गया, जब दुनिया की सर्वश्रेष्‍ठ मुक्‍केबाज बनने के लिए रिंग में 67 देशों की 277 मुक्‍केबाजों के पंच का दम दिखेगा. भारत के दूसरी बार होने जा रहे महिला विश्‍व मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप के आगाज का बिगुल बज चुका है और गुरुवार से हर तरफ आवाज तो सुनाई देगी, लेकिन ये आवाजे मुंह से नहीं, बल्कि पंच की होंगी.

भारत की 10 मुक्‍केबाज विश्‍व चैंपियन बनने के इरादे से रिंग में उतर रही है और इस समय पूरे देश की नजर की एक बार फिर मैरी कॉम पर हैं, जो रिकॉर्ड छठीं बार गोल्‍डन पंच लगाने के लिए बेताब हैं. 62 देशों के 277 मुक्‍केबाजों में मैरी के अलावा भारत की सरिता देवी भी इस ताज को पहनने की मजबूत दावेदार हैं, जिन्‍होंने 2006 में यहीं पर 52 किग्रा में इस ताज को पहना था. हालांकि इन 10 सालों में काफी कुछ बदल चुका है और उनकी वेट कैटेगरी भी बदल चुकी है, जिसमें उनके सामने कठिन चुनौतियां हैं.

मैरी पर ज्‍यादा दबाव

फिलहाल भारतीय दल में सबसे ज्‍यादा उम्‍मीद मैरी पर हैं. पांच बार की विश्‍व चैंपियन मैरी का यह सातवां टूर्नामेंट हैं और उनका शानदार प्रदर्शन जारी है. लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट मैरी ने 2002, 2005, 2006, 2008 और 2010 में वल्‍र्ड चैंपियन का ताज पहना था. 2001 में उन्‍होंने सिल्‍वर मेडल जीता था, लेकिन उसके बाद उन्‍होंने जो अपने पदक रंग बदला, उसे ही बरकरार रखा. भले ही भारत की इस दिग्‍गज मुक्‍केबाज की उम्र 35 वर्ष हो चुकी हो, लेकिन इसी साल अप्रेल में गोल्‍ड कोस्‍ट में हुए कॉमनवेलथ गेम्‍स में इन्‍होंने गोल्‍ड जीतकर अपनी लय दिखाई दी थी. मैरी 48 किग्रा में चुनौती पेश करेंगी.

क्‍या लय हासिल कर पाएंगी सरिता देवी

sarita devi

2006 में जब दिल्‍ली में पहली बार महिला विश्‍व मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप हुई थी, जब सरिता देवी ने 52 किग्रा में गोल्‍ड मेडल जीता था, लेकिन 2014 में एशियन गेम्‍स में विवादित मुकाबले के बाद सरिता पर बैन लग गया था और बैन खत्‍म होने के बाद जब इस पूर्व विश्व चैंपियन ने वापसी की, तब से उन्‍हें अपने पुराने रंग में लौटने के लिए संघर्ष करना पड़ा रहा है. हालांकि सरिता ने एशियन चैंपियनशिप में पांच विभिन्‍न कैटेगरी में चार गोल्‍ड और एक सिल्‍वर जीता है. अब देखना होगा कि यहां घरेलू दर्शकों की मौजूदगी में वह 60 किग्रा में अपनी पुरानी रंगल दिखाने में सफल हो पाती हैं या नहीं.

मैरी को हराकर आई थी चर्चा में 

मैरी कॉम से प्रेरित पिंकी रानी उस समय चर्चा में आई, जब उन्‍होंने 2009 में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में और 2014 में कॉम्‍नवेल्‍थ गेम्‍स के क्‍वालिफिकेशन में पांच बार की विश्‍व चैंपियन मैरी को हरा दिया. 51 किग्रा में चुनौती पेश कर रही पिंकी ने इसी साल नई दिल्‍ली में हुए इंडिया ओपन में गोल्‍ड अपने नाम किया.

पिता ने छुपाकर शुरू की थी बॉक्सिंग 

57 किग्रा में भारत की चुनौती पेश करने वाली मनीषा की कहानी काफी हद तक मैरी कॉम से मिलती है. मनीषा ने पिता से छुपाते हुए बॉकिसंग करनी शुरू की. 2013 में स्‍टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्‍वर मेडल जीतने के बाद उनके पिता को सच्‍चाई का पता चला.

सोनिया से भी उम्‍मीद

अनुभवी खिलाडि़यों के अलावा भारत की नजर युवा मुक्‍केबाज सोनिया चहल  पर भी टिकी हैं. सोनिया 57 किग्रा में चुनौती पेश करेंगी.

वेट कैटेगरी बदली, क्या किस्‍मत बदल पाएंगी सिमरनजीत 

64 किग्रा में सिमरनजीत कौर अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं. 2013 में उन्‍होंने 48 किग्रा कैटेगरी से बॉक्सिंग शुरू की और उनके बाद ज्‍यादा वेट कैटेगरी में चली गई. 2013 में ही यूथ वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में 60 किग्रा में भारत का प्रतिनिधित्‍व करते हुए ब्रॉन्‍ज मेडल जीता. 2016 में हरिद्वार में हुए नेशनल चैंपियनशिप में वह बेस्‍ट बॉक्‍सर भी रही.

उम्‍मीदों को खरी उतरने में कितना सफल होंगी  लवलीना बोरगोहेन

Lovlina Borgohain

20 साल की लवलीला बोरगोहेन के हालांकि यह साल कुछ खास नहीं रहा. कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में उनका प्रदर्शन उम्‍मीदों के विपरीत रहा और उन्‍हें खाली हाथ लौटना पड़ा, लेकिन हाल ही के कुछ माह में इस युवा मुक्‍केबाज ने काफी अच्‍छा प्रदर्शन किया. इंडिया ओपन में गोल्‍ड, वियतनाम में एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्‍ज और अस्‍ताना में हुए प्रेसीडेंट कप में ब्रॉन्‍ज अपने नाम किया.

एक बार पंच का दम दिखाने के लिए तैयार है स्‍वीटी 

स्‍टेट स्‍तर पर कबड्डी खेलने के बाद बॉक्सिंग में अपना दम दिखाने वाली स्‍वीटी 75 किग्रा में रिंग में उतरेंगी. कबड्डी खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाली स्‍वीटी ने पिता ने कहने पर 15 वर्ष की उम्र में 2009 में बॉक्सिंग को चुन और नौ सालों में खुद को एक बेहतरीन बॉक्‍सर में रूप में ढ़ाला. 25 साल की स्‍वीटी ने 2014 विश्‍व चैंपियनशिप में सिल्‍वर मेडल जीता था.

कई गेमों में हाथ आजमाने के बाद दमदार मुक्‍का लगाएंगी भाग्यवती काचरी

81 किग्रा में भारत का प्रतिनिधित्‍व करने वाली भाग्‍यवती काचरी ने कई खेलों में हाथ आजमाने के बाद रिंग में कदम रखा और 2009 में साई जॉइन की. इसके तीन माह बाद ही उन्‍होंने मिजोरम में हुए यूथ नेशनल में ब्रॉन्‍ज मेडल जीता.

बड़े स्‍तर का खुद को साबित करने उतरेंगी सीमा 

81 से अधिक वेट कैटेगरी में भारत को सीमा पूनियां से उम्‍मीदे हैं. 2015 में इंटरनेशन डेब्‍यू मुकाबले में ब्रॉन्‍ज जीतने वाली सीमा ने पांचवें नेशंस कप में गोल्‍ड  जीता. अब देखना होगा कि इतने बड़े स्‍तर पर सीमा किस रंग का पंच लगा पाती है.

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