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विंटर ओलिंपिक 2018 : डोपिंग का पहला मामला आया सामने, जापानी स्पीड स्केटर प्रतिस्पर्धा से बाहर

सेइतो प्रतिबंधित डायूरेटिक एसेटालोजामाइड के सेवन के दोषी पाये गए हैं

FP Staff Updated On: Feb 13, 2018 12:43 PM IST

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विंटर ओलिंपिक 2018 : डोपिंग का पहला मामला आया सामने, जापानी स्पीड स्केटर प्रतिस्पर्धा से बाहर

साउथ कोरिया के प्योंगचांग में विंटर ओलिंपिक को शुरू हुए पांच दिन हो गए हैं और इसमें 92 देश के करीब 2900 खिलाड़ी 102 इवेंट में अपनी चुनौती पेश कर हैं. इसी बीच इस महामुकाबले में पहला डोपिंग का मामला भी सामने आया है. जापन के शॉर्ट ट्रेक स्पीड स्केटर केई सेइतो को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाया गया है. खेलों के लिए बनी आर्बिट्रेशन कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्योंगचांग ओलिंपिक का ये पहला मामला है.

  डोपिंग निरोधक एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि 21 वर्षीय सेइतो प्रतिस्पर्धा से बाहर डोप टेस्ट में नाकाम रहे. एजेंसी ने बताया कि सेइतो प्रतिबंधित डायूरेटिक एसेटालोजामाइड के सेवन के दोषी पाये गए हैं. सीएएस ने कहा कि सेइतो खुद ही खेलगांव से चले गए हैं और पूरी जांच होने तक ओलिंपिक से बाहर ही रहेंगे.सीएएस ने एक बयान में कहा कि सेइतो खुद खेलगांव से चले गए हैं और पूरी जांच होने तक ओलंपिक से बाहर रहेंगे.

सेइतो एक ह्ययूमन बायोलॉजी स्टूडेंट हैं, जिनकी बहन हितोमी भी प्योंगचांग ओलिंपिक में हिस्सा ले रही हैं. जापानी रिपोर्ट्स के अनुसार सेइतो विंटर ओलिंपिक में डोप टेस्ट के दोषी पाये जाने वाले पहले जापानी खिलाड़ी बन गए हैं. मंगलवार को प्योंगचांग ओलिंपिंक में जापान की ओलिंपिक कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये जापान के लिए बेहद शर्म की बात है. गौरतलब है कि जापान 2020 समर ओलिंपिक का मेजबान है.

सेइतो जापान की 3000 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे और 2013 तथा 2014 विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर रहे थे वहीं सेइतो ने का कि मुझे इस दवाई के बारे में नहीं पता था कि ये बैन है और इसके लिए लडूंगा.

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