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क्या खेल मंत्रालय की स्कीम 'टॉप्स' में शामिल हो पाएंगे जैवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग!

अक्टूबर के पहल हफ्ते में खेल मंत्री राठौड़ से मिल सकते हैं देविंदर कंग, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं कंग

FP Staff Updated On: Sep 26, 2017 03:23 PM IST

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क्या खेल मंत्रालय की स्कीम 'टॉप्स' में  शामिल हो पाएंगे जैवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग!

हाल ही में खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने देश के कुछ चुनिंदा एथलीटों को 50,000 रुपए प्रति माह जेब खर्च देने के का ऐलान किया था. ऐसे एथलीट जिनसे मंत्रालय को 2020 के टोक्यो ओलिंपिक में मेडल मिलने की उम्मीद हैं. इस योजना को खेल मंत्रालय की  टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम यानी टॉप्स के साथ लागू किया गया है. टॉप्स के भीतर ऐसे 152 एथलीट्स का चयन किया गया है जिनसे मेडल मिलने की उम्मीद है. इस योजना के तहत उसमें चुने गए एथलीटों के जेबखर्च के अलावा उनके ट्रेनिंग से लेकर खान-पान तक के हर तरह के खर्चे के लिए खेल मंत्रालय से एक निश्चित रकम मुहैया कराई जाती है.

इस योजना में चुने गए 152 खिलाड़ियों में जेवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग का नाम शामिल नहीं है. हाल ही में देविंदर ने एथलैटिक्स की वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल्स में जगह बनाकर सबको चौंका दिया था. इसके अलावा वह एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक हासिल कर चुके हैं. देविंदर ने पिछले दिनों कहा था कि अगर उनको टॉप्स में शामिल नहीं किया जाता है तो वह भारत को छोड़कर इटली की ओर से खेलने शुरू कर देंगे.

बहरहाल अब देविंदर का कहना है कि वहीं कोई भी फैसला करने से पहले खेल मंत्री राज्यवर्धन राठोड़ से अक्टूबर के पहले सप्ताह में मुलाकात करेंगे और उनको उम्मीद है कि खुद भी एथलीट रह चुके राठौड़ उनकी बात को जरूर समझेंगे.

वही पीटीआई के मुताबिक राठौड़ का कहना है कि उन्हें देविंदर कंग के साथ अपने अपॉइंटमेंट की कोई जानकारी नहीं है. वहीं साइ के डारेक्टर और खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास का कहना है कि टॉप्स के भीतर खिलाड़ियों का चयन मेरिट के आधार पर किया गया है और अब इसमें देंविंदर कंग को शामिल करने की कोई गुंजाइशन नहीं है.

 

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