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बैडमिंटन कोच मुल्यो को लेकर फेडरेशन में असमंजस की स्थिति

बीते सालों में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की कामयाबी में मुल्यो का बड़ा योगदान रहा है

Updated On: Dec 28, 2017 10:04 AM IST

FP Staff

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बैडमिंटन कोच मुल्यो को लेकर फेडरेशन में असमंजस की स्थिति

भारतीय बैडमिंटन कोच मुल्यो हंडोयो क्या अब भी भारत के साथ हैं या नहीं इस सवाल को लेकर अब अनिश्चितता बन गयी है क्योंकि भारतीय बैडमिंटन फेडरेशन ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है कि इस इंडोनेशियाई कोच ने अपना पद छोड़ने का फैसला किया है.

मुल्यो के अवकाश पर जाने के बाद रिपोर्ट आयी थी कि इस इंडोनेशियाई का वापस आना मुश्किल है और वह सिंगापुर बैडमिंटन संघ से जुड़ने वाले हैं. फेडरेशन के अध्यक्ष हिमंता बिस्वा सरमा इससे वाकिफ ही नहीं है.

सरमा से जब इन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बारे में पता नहीं है. ’ फेडरेशन सचिव अनूप नारंग ने भी रिपोर्टों का खंडन किया.

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. वह अवकाश पर अपने घर गये हैं लेकिन उन्होंने भारतीय बैडमिंटन को छोड़ने की अपनी इच्छा को लेकर हमसे कोई बात नहीं की है. ’ रिपोर्टों के अनुसार मुल्यो इस मसले पर अपने परिवार के साथ चर्चा करने के लिये स्वदेश गये हैं. मुल्यो भारत से मिल रही धनराशि से खुश नहीं हैं और सिंगापुर में पद संभालने पर विचार कर रहे हैं जहां वह 2001 और 2004 के बीच काम कर चुके हैं.

2004 के एथेंस ओलिंपिक में तोफीक हिदायत के गोल्ड मेडल का श्रेय मुल्यो को ही दिया जाता है. भारतीय बैडमिंटन में पीवी सिंधु और के श्रीकांत की फिटनेस के स्तर को सुधारने में मुल्यो का बड़ा योगदान है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

 

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