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कबड्डी के कोच को नहीं मिलेगा द्रोणाचार्य अवॉर्ड, खेल मंत्रालय का फैसला

हीरांनंद कटारिया के नाम को मंजूरी मिलने के बाद हुआ फैसला, वुशु के पदाधिकारी भी है हीरानंद

FP Staff Updated On: Aug 26, 2017 02:11 PM IST

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कबड्डी के कोच को नहीं मिलेगा द्रोणाचार्य अवॉर्ड, खेल मंत्रालय का फैसला

इस साल के खेल पुरस्कारों के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब खेल मंत्रालय ने हीरानंद कटारिया को द्रोणाचार्य पुरस्कार ना देने का फैसला लिया है. तीन दिन पहले ही उन्हें यह पुरस्कार देने की मंत्रालय की ओर से मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब विवाद के बाद शुक्रवार को इसे वापस ले लिया गया.

हीरानंद ने समिति के सामने कबड्डी में अपने योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए नामांकन किया था, जबकि वह भारतीय वुशू महासंघ के संयुक्त सचिव हैं. खिलाड़ियों और कोचों ने उनके चयन पर हैरानी जताई थी. कबड्डी खिलाड़ियों ने भी यह दावा किया था कि वह किसी हीरा नंद को नहीं जानते.

इससे पहले खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा था कि वह समिति के फैसले के साथ रहेंगे, लेकिन अगर उनके दस्तावेजों में असमानता पाई जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी. जैसे ही यह पता चला कि कटारिया योग्य उम्मीदवार नहीं हैं उनका नाम सूची से हटा दिया.

खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा 'मंत्री ने कुछ लोगों से बात कर उनके बारे में जानकारी देने को कहा. वह समिति के फैसले के साथ जाना चाहते थे, पर जब कुछ रिपोर्ट में उनके नामांकन पर संदेह जताया गया तो उन्होंने अधिकारियों से इसकी जांच करने को कहा. जब यह पाया कि वह इसके हकदार नहीं हैं इसके बाद उन्होंने उनका नाम पुरस्कार सूची से हटाने का आदेश दे दिया.'

पहला मौका नहीं है जब अधिसूचना के बाद किसी का नाम राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची से हटाया है. 2013 में ट्रिपल जंपर रंजीत महेश्वरी का नाम भी अंतिम समय में अर्जुन पुरस्कार की सूची से हटा दिया गया था. उन्हें डोपिंग के पुराने मामले में दोषी पाने के बाद पुरस्कार नहीं दिया गया.

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