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खेल मंत्री राठौड़ ने लगाया एथलीट्स की 'फिजूलखर्ची' पर अंकुश

कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स की तैयारियों पर खर्चे की सीमा की निर्धारित

FP Staff Updated On: Nov 15, 2017 11:54 AM IST

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खेल मंत्री राठौड़ ने लगाया एथलीट्स की 'फिजूलखर्ची' पर अंकुश

खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने एथलीट्स पर, सरकारी सहायता के तहत मिलने वाले पैसे को मनमाने ढंग से खर्च करने पर अंकुश लगा दिया है. सरकार की ओर से टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम यानी टॉप्स के तहत मिने वाली धनराशि  की सीमा को निर्धारित कर दिया गया है.

खबरों के मुताबिक खेल मंत्रालय ने अब अगले साल ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों के लिए 15 लाख रुपए और उसके बाद जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए 25 लाख रुपए खर्च करने की सीमा तय कर दी है. खेल मंत्रालय द्वारा इस स्कीम में शामिल एथलीट्स को 50 हजार रुपए प्रति माह के जेब खर्च को इस सीमा से अगल रखा है.

इसके अलावा खुद भी ओलिंपिक पदक विजेता शूटर रहे राठौड़ ने शूटरों के साथ नरमी बरतते हुए उनके खर्च की सीमा को ज्यादा रखा है. शूटरों के लिए कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों के खर्चे की सीमा 30 लाख रुपए और एशियन गेम्स की तैयारियों के खर्चे की सीमा 40 लाख रुपए निर्धारित की गई है.

सरकार की इस योजना के तहत कुल 152 एथलीट्स को यह सुविधा दी गई है. माना जा रहा है कि पिछले साल रियो ओलिंपिक के दौरान कुछ एथलीट्स ने एक करोड़ रुपए तक के बिल जमा किए थे जबकि भारत को महज दो मेडल ही हासिल हो सके थे. ऐसे में मंत्रालय ने एथलीट्स की इस फिजूलखर्ची पर रोक लगाना चाहता था.

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