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शिव कपूर ने पैनासोनिक इंडिया गोल्फ खिताब जीता

कपूर का यह सत्र का दूसरा एशियाई टूर खिताब जबकि भारत में पहला

Bhasha Updated On: Nov 08, 2017 02:52 PM IST

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शिव कपूर ने पैनासोनिक इंडिया गोल्फ खिताब जीता

 

शिव कपूर ने दिल्ली गोल्फ क्लब में चौथे और अंतिम दौर में चार अंडर 68 के स्कोर के साथ रविवार को तीन शॉट से पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट जीत लिया. यह भारत में उनका पहला एशियाई टूर खिताब है. कपूर का यह सत्र का दूसरा एशियाई टूर खिताब है.

शिव ने अंतिम दौर में पांच बर्डी कीं, लेकिन एक बोगी भी कर गए. वह साथी भारतीय खिलाड़ियों अजितेश संधू (65), सुधीर शर्मा (69) और चिराग कुमार (64) से तीन शॉट आगे रहे. चिराग ने अंतिम दौर में नौ बर्डी और एक बोगी, जबकि संधू ने आठ बर्डी और एक बोगी की.

कपूर ने अप्रैल में यींगदर हैरिटेज खिताब भी जीता था, जबकि मौजूदा सत्र में वह थाईलैंड ओपन में भी उप विजेता रहे. उन्होंने अपना पहला एशियाई टूर खिताब 2005 में वोल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया के रूप में जीता था.

इस बीच 14 अंडर 274 के कुल स्कोर के साथ सात गोल्फर संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे, जिससे शीर्ष 10 में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा. अमेरिका के पॉल पीटरसन भी संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे. वह तीसरे दिन के बाद संयुक्त रूप से शीर्ष पर थे. करणदीप कोचर (66), एसएसपी चौरसिया (69) और ओम प्रकाश चौहान (69) भी संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे.

कपूर ने जैसे ही जीत दर्ज की और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया वैसे ही चिराग और राहिल गंगजी सहित उनके साथी और मित्रों ने उन्हें जश्न मनाते हुए सोडा और पानी से भिगा दिया.

अन्य भारतीयों में हनी बैसोया (68) और शमीम खान (72) कुल 276 के स्कोर से संयुक्त नौवें स्थान पर रहे. उनके तीन शॉट पीछे गगनजीत भुल्लर संयुक्त 12वें, जबकि शुभंकर शर्मा (69) संयुक्त 18वें स्थान पर रहे.

'इस अहसास को बयां करने के लिए शब्द नहीं'

कपूर ने खिताब जीतने के बाद कहा, 'मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं. आप जीतने का सपना देखते हो, लेकिन मैं अपने करियर में कभी इतना आगे नहीं गया इसलिए मैंने कभी अपने जीवन में स्पीच की तैयारी नहीं की. जब मैंने वोल्वो मास्टर्स जीता तो यह मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला था और इसके बाद लंबा अंतराल आ गया. मुझे नहीं पता था कि मैं दोबारा जीत पाऊंगा या नहीं, लेकिन यींगदर में जीत ने मुझे आत्मविश्वास दिया कि मैं फिर जीत सकता हूं और इतने वर्षों के बाद यहां जीत दर्ज करना विशेष है. सभी जीत की मेरे दिल में अलग जगह है.'

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