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सदा के लिए मौन हो गई प्रख्यात कमेंटेटर जसदेव सिंह की आवाज

उन्होंने नौ ओलिंपिक, छह एशियाई खेलों और अनगिनत बार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस प्रसारण का आंखों देखा हाल सुनाया था

Updated On: Sep 25, 2018 06:53 PM IST

Bhasha

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सदा के लिए मौन हो गई प्रख्यात कमेंटेटर जसदेव सिंह की आवाज

क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का आंखों देखा हाल सुनाने वाले देश के बेहद लोकप्रिय कमेंटेटर जसदेव सिंह की आवाज अब सदा के लिए मौन हो गई है. वह 87 वर्ष के थे. उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है.

दूरदर्शन पर 70 और 80 के दशक में खेल प्रसारण के मामले में रवि चतुर्वेदी और सुशील दोशी के साथ जसदेव सिंह खेल-प्रेमियों के लिए जाना माना नाम थे. चतुर्वेदी और दोशी मुख्य रूप से क्रिकेट कमेंट्री में थे जबकि जसदेव सिंह ओलिंपिक खेलों में नियमित थे. उन्होंने हेलसिंकी (1968) से मेलबर्न (2000) तक ओलिंपिक के नौ संस्करणों में कमेंट्री की.

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. राठौड़ ने ट्वीट किया, ‘मुझे यह जान कर काफी दुख हुआ कि बेहतरीन कमेंटेटर रहे जसदेव सिंह का निधन हो गया. वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के सर्वश्रेष्ठ कमेंटेटरों में से एक रहे हैं. उन्होंने नौ ओलिंपिक, छह एशियाई खेलों और अनगिनत बार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस प्रसारण का आंखों देखा हाल सुनाया था.’

उन्होंने छह बार एशियाई खेलों और इतनी ही बार हॉकी विश्व कप में कमेंट्री की थी. उन्होंने 1963 से 48 वर्षों तक गणतंत्र दिवस का आंखों देखा हाल सुनाया था. उन्हें 1985 में पद्म श्री और 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.  अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) के पूर्व प्रमुख जुआन एंटोनियो समारांच ने उन्हें 1988 सियोल ओलिंपिक में इन खेलों को बढ़ावा देने के लिए 'ओलिंपिक ऑर्डर' से सम्मानित किया था.

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