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क्या कप्तान विराट कोहली और कोच शास्त्री के संबंधों आ चुकी है पहली दरार!

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अभ्यास मैचों के लेकर हाल ही में सामने आया कोच शास्त्री का बयान कोहली की सोच से अलग दिखता है

Updated On: Sep 15, 2018 12:51 PM IST

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu

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क्या कप्तान विराट कोहली और कोच शास्त्री के संबंधों आ चुकी है पहली दरार!
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भारतीय टीम का हेड कोच बनने के बाद पहली बार रवि शास्त्री ने अपने कप्तान विराट कोहली से अलग भाषा बोलनी शुरू की है. हर कदम पर अपने कप्तान को ही टीम का बॉस करार दे चुके शास्त्री ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज 1-4 से हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के आगामी दौरे पर ज्यादा अभ्यास मैचों की मांग की है. रोचक है कि इंग्लैड सीरीज शुरू होने से पहले कप्तान ने अभ्यास मैचों को समय की बर्बादी करार दिया था. कोच ने कभी इस पर अपनी राय नहीं दी लेकिन चुप्पी का मतलब था कि वह कप्तान से इत्तेफाक रखते थे.

पहली बार लगा है कि क्रिकेट को लेकर फैसलों को लेकर कप्तान और कोच की राय अलग नजर आने लगी है. क्या कोच की इस बदली सोच को कप्तान के साथ क्रिकेटीट फैसलों पर मतभेद के रूप में देखा जाना चाहिए!

बीसीसीआई के ताजा रिकॉर्ड के मुताबिक शास्त्री को तीन माह के लिए 2.05 करोड़ रूपए एडवांस सेलरी दी गई है. साल का क्या हिसाब बनता है, आंकड़ें साफ हैं. साउथ अफ्रीका में 1-2 और इंग्लैंड में 1-4 से सीरीज हारने के बाद कप्तान व टीम के सदस्यों के अपने करार से ज्यादा कोच पर अपने वेतन से साथ न्याय करने का दबाव अधिक है.

Cricket - India Nets - Emirates Old Trafford, Manchester, Britain - July 2, 2018 India coach Ravi Shastri during nets Action Images via Reuters/Ed Sykes - RC1F09050730

यह ऐसी स्थिति हैं जिसका शास्त्री पहली बार सामना कर रहे हैं क्योंकि इससे पहले श्रीलंका और वेस्टइंडीज की टीम को पीटने के बाद शास्त्री की आवाज में अलग ही जोश सुनाई देता था. ऐसे में निकट भविष्य में कुछ फैसलों को लेकर कप्तान और कोच के बीच तालमेल की कमी या विवाद सामने आए तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए. शास्त्री ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर तीन या चार दिन के अभ्यास मैच चाहते हैं. इसके लिए कोच ने बीसीसीआई से आग्राह भी किया है. उम्मीद की जानी चाहिए कि कप्तान भी इस मांग में कोच के साथ होंगे.

यकीनी तौर पर देर से ही सही, मगर कोच की अभ्यास मैच को लेकर मांग बिलकुल तर्कसंगत है. सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज लगातार एशिया से बाहर दौरों पर अभ्यास मैचों की कमी के कारण टीम इंडिया को उठाने पड़ रहे नुकसान पर अपनी बेबाक राय दे चुके हैं. लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं था.

इंग्लैंड से पहले साउथ अफ्रीका का दौरा एक सीधा उदहारण

नवबंर 2017 में श्रीलंका की टीम टेस्ट, वनडे और टी-20 सीरीज के लिए भारत में थी. श्रीलंका के साथ आखिरी मैच खेलने के तीन दिन बाद ही साउथ अफ्रीका का दौरा शुरू हो गया. टीम ने वहां की परिस्थितियों में खुद को ढालने की जरुरत ही नहीं समझी क्योंकि उसने दो अभ्यास मैच खारिज करने का फैलसा किया. बेशक टीम ने वहां मेजबानों की चुनौती दी लेकिन अभ्यास मैचों की कमी ने टीम के प्रदर्शन पर बुरा असर डाला.

इंग्लैंड के दौरे पर भी टीम अभ्यास मैचों की कमी से साथ टेस्ट सीरीज खेलने उतरी थी. टेस्ट सीरीज से ठीक पहले गर्मी के कारण काउंटी की टीम एसेक्स के साथ चार दिन का अभ्यास मैच तीन दिन में ही निपटाने का फैसला किया गया. कोच का बयान ऐसे समय में आया है जब खुद उनपर और कप्तान कोहली की क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं.

Mohali: Players of India and England greet each other after India won the third Test match between India and England in Mohali on Tuesday. PTI Photo by Vijay Verma(PTI11_29_2016_000149B)

बेशक इंग्लैंड में कोहली सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे लेकिन टीम सेलेक्शन को लेकर उनके कई फैसलों ने परिणामों पर असर डाला.

टीम साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में बड़ी सीरीज बुरी तरह हार चुकी है. साथ ही इस टीम पर अपने भरोसे के दम पर ही हेड कोच शास्त्री हार के बावजूद इसे पिछले 15 साल की विदेशी दौर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीम घोषित कर चुके हैं.

ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का दौरा कप्तान और कोच के लिए काफी अहम होने जा रहा है. न केवल क्रिकेट बल्कि उनके आपसी संबंधों के लिहाज से भी दोनों की दोस्ती की परीक्षा आगामी दौरे पर होने जा रही है.

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