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क्या है खेल मंत्री राठौड़ के खिलाड़ियों को ‘चाय सर्व करने वाले’ फोटो का सच

केंद्रीय खेल मंत्री खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए जकार्ता में हैं, वो खिलाड़ियों के साथ डाइनिंग एरिया में नाश्ता कर रहे थे

Updated On: Aug 28, 2018 06:18 PM IST

FP Staff

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क्या है खेल मंत्री राठौड़ के खिलाड़ियों को ‘चाय सर्व करने वाले’ फोटो का सच

सोमवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर अचानक शेयर होने लगी. इसमें खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हाथ में एक ट्रे लेकर खड़े हैं. दावा किया गया कि राठौड़ खिलाड़ियों को चाय सर्व कर रहे हैं. पहली नजर में ट्रे में रखे कटोरीनुमा चीजों से ऐसा लग नहीं रहा था कि ये चाय के कप हैं. इसके बावजूद लोगों ने जांचने के बजाय सोशल मीडिया पर कमेंट्स के ढेर लगा दिए. दिलचस्प तो यह रहा कि कुछ राष्ट्रीय अखबारों ने भी इस तस्वीर का इस्तेमाल यह  लिखते हुए किया कि राठौड़ चाय पिला रहे हैं या खिलाड़ियों को कुछ सर्व कर रहे हैं.

सबसे पहले तस्वीर ही इस बात पर संदेह पैदा करने के लिए काफी है. इसमें प्लेट में जिस तरह की कटोरियां हैं, उसमें आमतौर पर चाय नहीं पी जाती. दूसरा, तस्वीर को ध्यान से देखने पर नजर आ रहा है कि वो गेम्स विलेज में डाइनिंग एरिया है. एशियन गेम्स या ओलिंपिक्स में कॉमन डाइनिंग एरिया होता है. खाने के लिए बफे सिस्टम होता है. यानी आप स्टॉल पर जाएं, वहां से अपना खाना लें और उसे लेकर कहीं बैठकर खा लें. वहां सर्व करने जैसा कुछ होता नहीं है. इसीलिए तस्वीर पर संदेह हो रहा था.

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इसकी जांच में कुछ तस्वीरें सामने आईं. एक तस्वीर में राठौड़ दूध और कॉर्नफ्लेक्स ले रहे हैं. इससे साफ हो गया कि कम से कम उनकी ट्रे में चाय तो नहीं थी. कटोरियों में कॉर्नफ्लेक्स दूध ही लिया जाता है. उसके अलावा, एक और तस्वीर आई, जिसमें राठौड़ कई अधिकारियों और खिलाड़ियों के साथ बैठे हैं. साथ खाना खा रहे हैं. ऐसा होना आम है.

जिन खिलाड़ियों के साथ राठौड़ बैठे थे, उनमें से एक ने बताया कि वो ट्रे में खाना लेकर आए थे. आते हुए वो टेबल पर आए. उनके आने पर खिलाड़ी खड़े होकर उनसे बात करने लगे. उसके बाद वो साथ बैठे और ब्रेकफास्ट किया. खेल मंत्री इस तरह के इवेंट में जाते हैं, तो सबसे अहम होता है खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना. वही राज्यवर्धन राठौड़ कर रहे थे.

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राठौड़ खुद एक खिलाड़ी रहे हैं. उन्हें पता है कि खिलाड़ियों के साथ किस तरह बात करनी चाहिए. ऐसा क्या कहना चाहिए, जिससे वो प्रेरित हों. वही उन्होंने किया भी. इससे पहले कई बार अधिकारियों की नेगेटिव खबरें आती हैं कि वे सिर्फ फोटो खिंचाने गए थे. लेकिन ऐसे खेल मंत्री पहले भी रहे हैं, जो लगातार खिलाड़ियों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाते रहे हों. राठौड़ ने भी वैसा ही काम किया है. इसकी सराहना भी होनी चाहिए. लेकिन यह कतई सच नहीं है कि वो खाना या चाय सर्व कर रहे थे. लेकिन सोशल मीडिया पर अचानक कुछ ‘चल’ जाए, तो उसे रोकना कहां आसान होता है.

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