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बस दुआ-सलाम तक ही सीमित है सायना और सिंधु की दोस्ती

पीवी सिंधु का खुलासा, 'एक ही छत के नीचे ट्रेनिंग करने के बावजूद हमारे पास इतना वक्त नहीं होता कि बातचीत की जाए'

FP Staff Updated On: Dec 30, 2017 04:28 PM IST

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बस दुआ-सलाम तक ही सीमित है सायना और सिंधु की दोस्ती

यह साल खेलों के लिहाज से भारत के लिए बैडमिंटन की कामयाबी का साल रहा है. भारत में बैडमिंटन को एक नया मुकाम देने में दो महिला खिलाड़ियों की बेहद अहम भूमिका रही है. वो खिलाड़ी हैं सायना नेहवाल और  पीवी सिंधु. इन दोनों शटलर्स में कई समानताएं हैं.

दोनों ही हैदराबाद की रहने वाली हैं और दोनों ने ही बैडमिंटन का ककहरा मशहूर बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की शागिर्दी में सीखा है. भारत के लिए एक-एक ओलिंपिक मेडल जीत चुकी इन दोनों खिलाड़ियों के बीच की राइवलरी भी हमेशा चर्चा में रहती है. लोग जानना चाहते है कि आखिर इन दोनों के बीत आपसी रिश्ते कैसे हैं.

अब पीवी सिंधु ने दोनों खिलाड़ियो के बीच की केमिस्ट्री पर से पर्दा हटा दिया है. सिंधु का कहना है कि इन दोनों के बीच दोस्ती महज दुआ-सलाम तक ही सीमित है. समाचार पत्र हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इटरव्यू में सिंधु ने यह माना है कि सायना के साथ उनकी दोस्ती ‘हाय एंड बाय टाइप’ की ही है. यानी जब कभी आमने-सामने हुए तो दुआ-सलाम हो गई बस.

सिंधु ने स्पष्ट किया है कि ‘ हम दोनों एक साथ प्रैक्टिस करते हैं लेकिन हमारे पास इतना वक्त नहीं होता है कि एक-दूसरे से बात कर सकें.’

उन्होंने माना कि दोनों के बीच राइवलरी है, ‘ जब हमे खेलते हैं तो हम दोनों की जीतना चाहते है हम दोनों के खेल में जीत के लेकर आक्रामकता का भाव रहता है जो कि कई मायनों में ठीक भी है.’

सायना ने साल 2012 के लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था जो बैडमिंटन के इवेंट में भारत का पहला ओलिंपिक मेडल था. उसके बाद बैडमिंटन के कोर्ट में सिंधु का वर्चस्व शुरू हुआ. सिंधु ने 2016 के रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता. अब भी दोनों शटलर्स जब आमने सामने होती हैं तो दर्शकों को एक बेहतरीन राइवलरी देखने को मिलती है.

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