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कराते में ब्लैक बेल्ट अरुणा को इस वजह से पिता लेकर आए थे जिमनास्टिक्स में

दीपा कर्माकार के बाद भारतीय जिमनास्टिक्स की पहचान बनी अरुणा रेड्डी को अपने पिता इसमें लेकर आए थे

FP Staff Updated On: Feb 25, 2018 02:17 PM IST

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कराते में ब्लैक बेल्ट अरुणा को इस वजह से पिता लेकर आए थे जिमनास्टिक्स  में

दीपा कर्माकर के बाद हैदराबाद ही अरुणा रेड्डी भी भारतीय जिमनास्टिक्स की पहचान बन गई हैं. मेलबर्न में हुए वर्ल्ड कप में अरुणा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और इसी के साथ वह वर्ल्ड कप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई है. ले 22 साल की अरुणा ने इस पदक के साथ ही अप्रैल में आॅस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है. गौरतलब है कि चोट के कारण दीपा कर्माकार ट्रायल्स में हिस्सा नहीं ले पाई थी.

किन क्या जानते हैं कि भारत की इस युवा जिमनास्ट की पहली पसंद कराते थी और वे इसमें ब्लैक बेल्ट भी हैं. खेल प्रेमी नारायण रेड्डी की छोटी बेटी अरुणा बचपन से ही कराते सीख रही थी, लेकिन उनके पिता के दिमाग के कुछ और ही योजनाएं चल रही थी. अरुणा ने पिता ने उनके शरीर के लचीलेपन को देखते हुए 2002 में जिमनास्टिक्स में डाल दिया और जब अरुणा ने जब 2005 में अपना पहला नेशनल मेडल जीता तो उन्हें भी इससे प्यार हो गया, लेकिन उनके पिता की किस्मत में अपनी बेटी की सफलता को नहीं, बल्कि संघर्ष को देखना ही लिखा था. नारायण 2010 में इस दुनिया को अलविदा कह गए. दीपा और अरुणा दोनों 2011 से एक साथ अभ्यास कर रही हैं. गौरतलब है कि शनिवार को अरुणा ने वॉल्ट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता, वहीं भारत की प्रणति नायक इस स्पर्धा में छठें पायदान पर रही.

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