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गोल्फर दिलाएगा आदमखोर बाघिन के खौफ से आजादी!

नए सर्च ऑपरेशन के लिए विशेष टीम का गठन किया है जिसका नेतृत्व गोल्फर और डॉग ट्रेनर ज्योति रंधावा को दिया गया है

Updated On: Oct 10, 2018 08:40 AM IST

FP Staff

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गोल्फर दिलाएगा आदमखोर बाघिन के खौफ से आजादी!

महाराष्ट्र का यवतमाल जिला पिछले कुछ समय से बाघिन टी-1 के खौफ में जी रहा है. पिछले कुछ समय में यह बाघिन 13 लोगों का शिकार कर चुकी है. इसकी तलाश के लिए लगभग अब तक 200 से अधिक रेंजर्स को तैनात किया जा चुका है हालांकि फिर भी कोई सफलता हासिल नहीं हुई है.

अब बाघिन को पकड़ने की नई पहल के लिए अधिकारी केन कार्सो ब्रीड के कुत्तों को पांढरकवाड़ा के जंगलों में लेकर आ रहे है ताकि इस बाघिन को पकड़ने में मदद मिल सके. इस नए ऑपरेशन के लिए विशेष टीम का गठन किया है जिसका नेतृत्व गोल्फर और डॉग ट्रेनर ज्योति रंधावा को दिया गया है. रंधावा को दिल्ली से पांढरकवाड़ा बुला लिया गया है. इस टीम में रंधावा के अलावा शार्प शूटर नवाब शफत अली खान के बेटे असगर को भी शामिल किया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बाघिन की तलाश के लिए दो केन कार्सो को कुत्तों को तैनात किया गया है जिनमें से प्रत्येक का खर्चा छह लाख रुपए है. इन कुत्तों के ऑपरेशन में इस्तेमाल का जिम्मा रंधावा संभालेंगे. निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों में टी-1 की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है. ऐसे में खोजी कुत्तों को अब उसकी छोड़ी महक से ही उसे ट्रैक करने के लिए लगाया गया है.

A Cane Corso waits to enter a dog beauty contest in Bucharest December 3, 2006. REUTERS/Bogdan Cristel (ROMANIA) - GM1DUBSWSZAA

ट्रैक करने के लिए उन्हें हैदराबाद के जू में बाघिन के यूरिन सूंघाकर पांढरकवाड़ा लाया गया है जिससे वह बाघिन को ट्रैक करने में मदद कर सके. पिछले नौ महीने से चल रहे इस ऑपरेशन में अधिकारी अब तक खाली हाथ ही हैं. जून, 2016 को शुरू हुआ हमलों का सिलसिला एक के बाद एक लोगों की मौत से बढ़ता चला गया. इस नरभक्षी बाघिन का पहला शिकार एक बुजुर्ग महिला बनी थीं, जो कपास के खेत में पड़ी मिलीं. फिर अगला शिकार एक बुजुर्ग किसान बना. इसके बाद एक के बाद एक बाघिन के हमले के कई मामले सामने आए.

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