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अगर 90 मीटर का थ्रो लगातार कर पाया तभी ओलिंपक मेडल जीत सकता हूं- नीरज चौपड़ा

CWG 2018 में नीरज चौपड़ा ने 86.47 मीटर का जैवलिन थ्रो करके भारत के लिए जीता है गोल्ड

FP Staff Updated On: Apr 19, 2018 09:14 AM IST

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अगर 90 मीटर का थ्रो लगातार कर पाया तभी ओलिंपक मेडल जीत सकता हूं- नीरज चौपड़ा

गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में जेवलिन थ्रो में भारत के लिए गोर्ड मेडल जीतने वाले एथलीट नीरज चौपड़ा को एथलेटिक्स में भारत के लिए ओलिंपिक मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है. वहीं खुद नीरज का मानना है अब उनका टारगेट लगातार 90 मीटर के थ्रो को हासिल करना है उसके बाद ही उनका ओलिंपिक मेडल जीतने का ख्वाब पूरा हो सकता है.

नीरज ने पीटीआई से कहा है कि ‘मेरा टारगेट 90 मीटर के थ्रो पर पहुचंने का है. वर्ल्ड लेवल पर यही एक बेंच मार्क है. अगर मैं इसे हासिल करने में कामयाब रहता हूम तभी में वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलिंपक में मेडल जीतने का दावा पेश कर सकता हूं.'

साल 2016 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर सुर्खियों में आए नीरज ने कॉमनवेल्थ खेलो में इस सीजन का अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए 86.47 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल हासिल किया था. कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में एथलेटिक्स के इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले वह चौथे भारतीय हैं.

हाल ही में भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष आदिल सुमारीवाला ने कहा था कि नीरज का जर्मनी में जाकर ट्रेनिंग करने का फैसला गलत था क्योंकि उन्हें नहीं पता कि बेहतर ट्रेनिंग सेंटर कहां कहां हैं. अपने भविष्य की ट्रेनिंग के बारे में नीरज ने साफ किया है वह एशियन गेम्स से पहले पटियाला के स्पोर्ट्स सेंटर में जाकर ट्रेनिंग करेंगे.

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