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जेवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग डोप टेस्ट में हुए फेल, लग सकता है चार साल का प्रतिबंध

अगर चार साल का प्रतिबंध लगता है तो देविंदर सिंह कंग का करियर लगभग खत्म हो जाएगा

FP Staff Updated On: Feb 28, 2018 07:06 PM IST

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जेवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग डोप टेस्ट में हुए फेल, लग सकता है चार साल का प्रतिबंध

अगले माह होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा है. भारत की पदक की उम्मीद देश के शीर्ष जेवलिन थ्रोअर देविंदर सिंह कंग को स्टेरायड के लिए पॉजीटिव पाए जाने पर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) ने अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है.

कंग का डोप नमूना पिछले साल से काम शुरू करने वाली आईएएएफ की नई डोपिंग रोधी संस्था एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने चार दिन पहले पटियाला में लिया था. इस 29 वर्षीय खिलाड़ी के नमूने में प्रतिबंधित स्टेरायड मिला है और कंग पर अब चार साल के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है. अगर ऐसा होता है तो उनका करियर लगभग खत्म हो जाएगा.

एआईयू अधिकारियों ने कंग का परीक्षण उनके द्वारा वाडा संहिता के ‘रहने के स्थान’ संबंधी नियम के तहत मुहैया कराए समय पर किया था, क्योंकि वह उन पांच भारतीय एथलीटों में शामिल हैं, जिन्हें आईएएएफ के पंजीकृत परीक्षण पूल में रखा गया है. आईएएएफ ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को मंगलवार को ही कंग के डोप में विफल रहने की सूचना दे दी थी और उनका नाम तुरंत ही एनआईएस पटियाला में हुई भारतीय ग्रां प्री की पुरुष जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा के शुरुआती लाइन अप से हटा दिया गया.

अस्थाई रूप से निलंबित किया गया

एएफआई के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘खिलाड़ी ने अपने रहने के स्थान संबंधी जानकारी में उस दिन (चार दिन पहले) सुबह 10 से 11 बजे का समय दिया था. एआईयू के लोग पटियाला आए और नमूने लिए और इसमें प्रतिबंधित स्टेरायड पाया गया है. उन्हें अस्थाई रूप से निलंबित किया गया है.’

गांजा सेवन के लिए पॉजीटिव पाया गया था पिछले साल

पिछले साल पंजाब के इस एथलीट को गांजे के सेवन के लिए पॉजीटिव पाया गया था जिसके अंश उनके मूत्र नमूने में मिले थे. यह नमूना राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के अधिकारियों ने 15 मई को यहां हुई इंडियन ग्रां प्री के दौरान लिया था. उनके मौजूदा मामले का हालांकि नाडा और गांजे के पहले वाले मामले से कोई लेना देना नहीं है. अधिकारी ने कहा, ‘इस मामले से सिर्फ आईएएएफ निपटेगा. उन्हें एआईयू के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा.’

विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई थी जगह

देविंदर सिंह कंग को इस साल होने वाले कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक का दावेदार माना जा रहा था. उन्होंने 2017 में लंदन में हुई विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया था और जेवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे. इसके अलावा वह एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक हासिल कर चुके हैं. अगर कंग दोषी पाए जाते हैं तो कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भारत की उम्मीदों को झटका लगेगा.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

 

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