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इस बार भी आसान नहीं होगी कोहली के लिए 'खेल रत्न' बनने की राह

देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार के लिए कोहली समेत 15 एथलीट्स ने ठोका है दावा, के श्रीकांत, बजरंग, विकास कृष्ण, नीरज चौपड़ा और मीराबाई चानू देंगे कोहली को कड़ी टक्कर

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: May 08, 2018 05:05 PM IST

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इस बार भी आसान नहीं होगी कोहली के लिए 'खेल रत्न' बनने की राह

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली इस वक्त अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रहे हैं. मैदान के भीतर जहां उनका बल्ला रन बरसा रहा है वहीं मैदान के बाहर विज्ञापन का मार्केट भी उनपर जमकर दांव लगा रहा है. बीसीसीआई की राजनीति में भी सुप्रीम कोर्ट की बनाई प्रशासको की समित यानी सोओए की सरपरस्ती में कोहली की हर मुराद पूरी हो रही है. चाहे पसंदीदा कोच का चुनाव हो या खिलाड़ियों की तनख्वाह बढ़वाने की बात हो या फिर अफगानिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट को छोड़ कर काउंटी क्रिकेट में खेलने का मसला हो, हर बार कोहली ही बात मानी गई है.

जाहिर है हाल के कुछ सालों में उनका बेहतरीन प्रदर्शन उनकी हर फरमाइश के पूरे होने की बड़ी वजह है. ऐसा लगता है जैसे कोई चीज बची नहीं है जिसे कोहली चाहें और हासिल ना सर सकें. लेकिन खेलों की दुनिया का एक रुतबा ऐसा है जिसे कोहली अब तक हासिल करने में नाकाम रहे हैं. वह रुतबा है देश का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न. दो साल पहले  2016 में बीसीसीआई ने कोहली के नाम की सिफारिश इस पुरस्कार के लिए थी लेकिन वह कोशिश नाकाम रही थी.

इस साल एक बार फिर से बोर्ड ने कोहली का नाम खेल मंत्रालय के पास इस पुरस्कार के लिए भेजा तो है लेकिन उनके लिए इसे हासिल करने की राह बेहद मुश्किल है.

क्रिकेटर्स के लिए यह पुरस्कार नहीं आसां

क्रिकेट के खेल को इस देश में भले ही धर्म का दर्जा दिया जाता हो लेकिन लेकिन इसके खिलाड़ियों के लिए ‘खेल रत्न’ बनना बेहद मुश्किल रहा है. साल 1991-92 से शुरू हुए इस पुरस्कार को अब तक बस दो क्रिकेटर ही हासिल कर सके हैं. 1997-98 में सचिन तेंदुलकर और 2007 में एमएस धोनी को ही यब प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिल सका है. भारत के मशहूर क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को भी  दो बार बोर्ड ने नामांकित किया था लेकिन वह भी इसे हासिल नहीं कर सके थे.

दरअसल इस पुरस्कार को देते वक्त जिन बातों का ख्याल रखा जाता है उनमें लोकप्रियता से ज्यादा प्रदर्शन को वरीयता दिए जाने का मानक निर्धारित किया गया है. और अगर इसी सिद्धांत पर इस बार भी चुनाव हुआ तो विराट कोहली के लिए राह आसान नहीं होगी.

इनसे है मुकाबला

29 अगस्त को हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के जन्म दिन यानी देश के खेल दिवस पर राष्ट्रपति के हाथों मिलने वाले इस पुरस्कार के लिए इस साल 15 खिलाड़ियों ने दावेदारी पेश की. बीसीसीआई ने अगर विराट कोहली का नाम आगे किया है तो बाकी फेडरेशंस ने भी अपने-अपने एथलीट्स के नाम आगे बढ़ाए हैं.

मीराबाई चानू ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलवाया. चानू ने वेटलिफ्टिंग में 48 किग्रा कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड जीता. चानू में कुल 196 किग्रा वजन उठाया.

महिला वेटलिफ्टर  मीराबाई चानू खेल रत्न की बड़ी दावेदार हैं. हाल ही में गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्ख गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल करने के अलावा वह पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल हासिल करने का कारनामा कर चुकी हैं जो अपने अाप में एक बड़ी उपलब्धि है.

Gold Coast: Gold medalist India's Neeraj Chopra at the medal ceremony of men's javelin throw event during the Commonwealth Games 2018 in Gold Coast, Australia on Saturday. PTI Photo by Manvender Vashist (PTI4_14_2018_000112B)

जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल करते एथेलेटिक्स की दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चौपड़ा भी खेल रत्न की रेस में हैं. नीरज ने हाल में कॉमनवेल्थ खेले में गोल्ड मेडल हासिल किया है.

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बैडमिंटन में सायना नेहवाल और पीवी सिंधु के की परछांई के आगे निकल कर भारतीय पुरुष शटलर्स का सिक्का पूरी दुनिया में जमाने में किदांबी श्रीकांत का अहम भूमिका रही है. गोल्ड कोस्ट में एक सिल्वर और एक गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे श्रीकांत ने हाल के वक्त में कई सुपर सीरीज में अपने रैकेट का कमाल दिखाया है और अब आंध्र प्रदेश सरकार ने उनके नाम की सिफारिश भी खेल रत्न के लिए कर दी है.

तीरंदाजी में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल करने वीले अभिषेक वर्मा भी कोहली को टक्कर देने वाली रेस में शामिल है. उनके अलावा महिला तीरंदाज ज्योति सुरेखा का नाम भी दावेदारों की लिस्ट में है.

एशियन गेम्स में एक गोल्ड समेत दो मेडल और गोल्ड कोस्ट में गोल्ड मेडल जीतने वाले बॉक्सर विकास कृष्ण के अलावा बॉक्सर मनोज भी देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार के लिए दावा ठोक चुके हैं. नाम के नाम की सिफारिश रेलवे ने की है.

Gold Coast : India's Bajrang celebrates after defeating Wales' Kane Charig to win gold in men's freestyle 65 kg wrestling event, at the Commonwealth Games 2018 in Gold Coast, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist (PTI4_13_2018_000083B)

एक गोल्ड समेत दो कॉमनवेल्थ मेडल, एक एशियन गेम्स मेडल और एक वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल को जीतने वाले रेसलर बजरंग भी खेल रत्न बनेन के तगड़े दावेदार है. रियो पैरालंपिक की मेडल विनर दीपा मलिक ने इस बार भी खेल रत्न के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है जबकि बधिर कुश्ती में वर्ल्ड चैंपियन बने रेसलर वीरेंदर भी रेस में शामिल हैं.

तो इस साल देश का खेल रत्न बनने के कोहली ख्वाब के सामने जो दावेदार है वो कहीं भी उनके कमतर नजर नहीं आ रहे हैं. आमतौर पर खेल मंत्रालय की बनाई कमेटी एक ही खेल रत्न पुरस्कार विजेता का नाम आगे बढ़ाती है लेकिन अपवाद के तौर पर कुछ मौकों पर एक से ज्यादा खिलाड़ियों को भी इस सम्मान से नवाजा गया है. देखना होगा क्या इस बार भी 2016 की ही तरह कोहली की झोली खाली रहती है या फिर उनके स्वर्णिम करियर में खेल रत्न का तमगा भी शामिल हो जाएगा.

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