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अगर आपको लगता है कि नाम में क्या रखा है... तो इसको पढ़िए

क्रिकेट में कई खिलाड़ियो ने अपने बच्चों के नाम खेल पर, खिलाड़ियों पर यहां तक की देश तक के नाम पर रखे हैं

Updated On: Aug 22, 2018 07:01 PM IST

Shailesh Chaturvedi Shailesh Chaturvedi

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अगर आपको लगता है कि नाम में क्या रखा है... तो इसको पढ़िए

नाम में क्या रखा है... बहुत बार यह लाइन सुनी होगी. क्या वाकई नाम में कुछ नहीं रखा? अगर ऐसा नहीं होता, तो लोग अपने बच्चों का नाम रखने के लिए आमतौर पर इतनी मशक्कत नहीं करते. ..और फिर उन बच्चों का सोचिए, जिन्हें नाम यूं ही विरासत में मिलता है. उन्हें पता भी नहीं होता कि उनका नाम क्यों रखा गया है. लेकिन उस नाम के साथ पूरी जिंदगी बितानी पड़ती है.

इंडोनेशिया से एक खबर आई है. उसके मुताबिक एक परिवार ने अपनी बच्ची का नाम एशियन एशियन गेम्स रखा है. बच्ची का नाम आबिदा सोचा था. लेकिन वो एशियन गेम्स के आसपास हुई. इस ऐतिहासिक लम्हे की वजह से नाम आबिदा एशियन गेम्स रख दिया गया. अब जरा सोचिए कि उस बच्ची को इस नाम के साथ पूरी जिंदगी बितानी पड़ेगी. नहीं पता कि बच्ची को खेलों का कोई शौक होगा या नहीं. यह भी नहीं पता कि एशियन गेम्स नाम उसे पसंद होगा या नहीं.

इस तरह के तमाम उदाहरण हैं. खेलों से अलग भी. एक परिचित के घर में बच्ची थी, जिसका नाम था चाहीना. इसकी कहानी भी दिलचस्प है. मां-बाप को बच्चा नहीं चाहिए था. लेकिन वो हो गया. ऐसे में नाम रख दिया गया चाही ना या चाहीना. ऐसे बच्चे अगर बड़े होकर अपना नाम न बदलें, तो उसी के साथ जिंदगी बितानी पड़ सकती है. ऐसे तमाम उदाहरण हैं, जहां किसी ने अपने पसंदीदा खिलाड़ी से प्रेरित होकर बच्चे का नाम रखा.

बेदी ने गावस्कर के नाम पर रखा था बेटे का नाम

1967-68 की बात है. भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी. बिशन सिंह बेदी का पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा था. वहां उन्हें एक ऑस्ट्रेलियन लड़की से प्यार हो गया. शादी हुई. परिवार में नन्हा मेहमान आने वाला था. उसी के आसपास भारतीय क्रिकेट में एक तूफान आया. उसका नाम था सुनील गावस्कर. गावस्कर ने घरेलू क्रिकेट में जोरदार प्रदर्शन किया. फिर वेस्ट इंडीज गए, तो सीरीज में 774 रन बना दिए. बेदी बेहद प्रभावित थे. उन्होंने अपने बेटे का नाम रखा गवासिंदर सिंह.

बेदी ने गावस्कर के सरनेम पर अपने बेटे का नाम रखा था. उसके बाद गावस्कर और बेदी के बीच रिश्ते बिगड़ने की खबर आई. रिश्ते बेहद तल्ख हो गए. बेदी की वो शादी भी नहीं चली. उन्होंने दूसरी शादी की, जिससे हुए बेटे का नाम अंगद रखा. अंगद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन फिल्म स्टार बन गए.

Former Indian cricketer Sunil Gavaskar looks on during the launch of a new album ‘Khamoshi Ki Awaz’ by Ghazal maestro Pankaj Udhas in Mumbai late November 7, 2014. AFP PHOTO/STR / AFP PHOTO / STRDEL

रिश्ते बनते-बिगड़ते रहे. लेकिन शायद ही कभी बेदी ने अपने बेटे गवासिंदर सिंह का नाम बदलने की सोची हो. न ही गावस्कर ने कभी इसकी मांग की. वो हमेशा इसे अपने लिए सम्मान मानते रहे. बल्कि खुद गावस्कर ने भी अपने बेटे का नाम रोहन कन्हाई के नाम पर रखा. कन्हाई को गावस्कर अपना हीरो मानते थे.

दिलचस्प किस्सा है. रोहन का जब जन्म होने वाला था, तब गावस्कर वेस्ट इंडीज में थे. वही दौरा था, जब क्लाइव लॉयड ने चार तेज गेंदबाजों को खिलाया था. कप्तान बिशन सिंह बेदी को अपने खिलाड़ियों को चोट से बचाने के लिए पारी घोषित करनी पड़ी थी. उस समय गावस्कर ने अपने ओपनिंग जोड़ीदार अंशुमान गायकवाड़ से कहा था- अंशू, मैं यहां मरना नहीं चाहता. मैं अपने बेटे को देखे बिना मरना नहीं चाहता. उसी समय बच्चे का जन्म हुआ और गावस्कर ने नाम रख दिया रोहन.

रोड्स की बेटी का नाम है इंडिया

इसी तरह, जोंटी रोड्स ने अपने बेटी का नाम इंडिया रखा. आज के दौर में कोई भारतीय अगर किसी दूसरे देश के नाम अपने बेटे या बेटी को दे दे, तो सोशल मीडिया उसका क्या हाल करेगा, समझा जा सकता है. याद नहीं पड़ता कि दक्षिण अफ्रीका में कोई विरोध हुआ हो.

अपने पिता जोंटी रोड्स के साथ इंडिया रोड्स

अपने पिता जोंटी रोड्स के साथ इंडिया रोड्स

 

बल्कि लगातार जोंटी रोड्स बताते रहे कि कैसे इस देश से मिले गिफ्ट को उन्होंने इस देश का नाम दिया है. बेटी अब थोड़ी बड़ी हो गई होगी. हम नहीं जानते कि उसे इंडिया नाम अपने मां-बाप जितना ही पसंद आया या नहीं.

बार्न्स के कुत्ते का नाम सचिन

दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच विंसेंट बार्न्स ने भी कुछ ऐसा ही काम किया था. बार्न्स ने अपने कुत्ते का नाम सचिन तेंदुलकर के नाम पर रखा था. बार्न्स भारत आए थे. कुछ टीवी चैनलों ने इस पर बवाल भी किया. लेकिन पाया गया कि बार्न्स अपने कुत्ते को बच्चे की तरह प्यार करते थे. ये भी पाया गया कि भारत में एक तबके की तरह दक्षिण अफ्रीका में कुत्ता शब्द गाली की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाता.

लारा की बेटी का नाम सिडनी

ब्रायन लारा ने भी अपनी बेटी का नाम शहर के नाम पर रखा था. 1993 में ब्रायन लारा ने सिडनी टेस्ट में 277 रन की पारी खेली थी. उन्होंने अपनी बेटी का नाम सिडनी रखा. बाद में वो अपनी बेटी को शहर दिखाने भी ले गए थे. जब उन्होंने नाम रखा था, तो वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने मजाक किया था.

अपनी बेटी सिडनी के साथ लारा (दाएं से दूसरी)

अपनी बेटी सिडनी के साथ लारा (दाएं से दूसरी)

होल्डिंग ने कहा था कि लारा खुशकिस्मत हैं कि दोहरा शतक लाहौर में नहीं बना. एक और खिलाड़ी ने अपनी बेटी का नाम इंडिया रखा, वो हैं न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज डियोन नैश. इसी तरह शकीरा और गेरार्ड पीके ने अपनी बेटी का नाम मिलान रखा था. माइकल जैक्सन-डेबी रो की बेटी का नाम पेरिस रखा गया.

अश्विनी कुमार की बेटी का नाम हॉकी

अजीब नाम का एक किस्सा अश्विनी कुमार के साथ जुड़ा है. अश्विनी कुमार भारतीय हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष थे. वो सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक थे. हॉकी से बड़ा प्यार था उनका. उन्होंने अपनी बेटी का नाम हॉकी रखा था. हालांकि बाद में बेटी ने अपना आधिकारिक नाम बदल लिया. इनमें से कुछ नाम बेहद प्यारे हो सकते हैं. लेकिन कुछ अजीब भी हैं. जैसे शहर या खेल या खेल इवेंट पर अपने बच्चे का नाम रख लेना.

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