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एशियन गेम्स से पहले भूटान में अभ्यास करेंगे भारतीय एथलीट

भारत की 17 सदस्यीय टीम 21 मई से 20 जून तक थिम्पू एथलेटिक्स ट्रैक एवं फील्ड केंद्र में अभ्यास करेगी

Updated On: May 20, 2018 07:00 PM IST

Bhasha

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एशियन गेम्स से पहले भूटान में अभ्यास करेंगे भारतीय एथलीट

भारत के मध्यम और लंबी दूरी के धावक आगामी एशियन गेम्स से पहले भूटान के पहाड़ी इलाके में चार सप्ताह तक अभ्यास करेंगे. भारत की 17 सदस्यीय टीम 21 मई से 20 जून तक थिम्पू एथलेटिक्स ट्रैक एवं फील्ड केंद्र में अभ्यास करेगी. टीम के साथ तीन कोच और एक मालिशिया भी होगा. वे रविवार को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाई अड्डे से भूटान के लिए रवाना होंगे.

भारतीय टीम में सुधा सिंह, पीयू चित्रा, एल सूरिया, लक्ष्मणन गोविंदन, गोपी ठोकनाल, अजय कुमार सरोज और जिनसन जॉनसन भी शामिल हैं. यह भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीटों का दूसरा बैच है, जो विदेश में अभ्यास करेगा. इससे पहले 400 मीटर दौड़ के एथलीट (महिला और पुरुष दोनों) 14 मई को पोलैंड के स्पाला रवाना हो गए थे. भूटान में जो अन्य एथलीट अभ्यास करेंगे उनमें अर्जुन कुमार, दुर्गा बहादुर बुद्धा, जीवा सतरान अशोकन, कालिदास लक्ष्मण हिरावे, प्रदीप सिंह चौधरी, साहिल ठाकरान, अंकित, चिंता यादव, मीनू और झूमका खातून शामिल हैं.

काफी ऊंचाई पर स्थित है अभ्यास केंद्र

भूटान का एथलेटिक्स में कोई खास योगदान नहीं है. यहां तक की एशिया में भी उसका विशेष स्थान नहीं है और दक्षिण एशिया में भी उसे कमजोर माना जाता है, लेकिन अभ्यास केंद्र काफी ऊंचाई (समुद्र तल से 2500 मीटर) पर स्थित है, इसमें सिंथेटिक ट्रैक है और यहां लागत काफी कम है जिससे भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के अधिकारी प्रभावित थे. साथ ही खेल मंत्रालय ने भी इस दौरे को मंजूरी दे दी.

कलमाड़ी की मदद से बिछाई गई थी ये ट्रैक

दिलचस्प बात यह है कि इस ट्रैक के निर्माण में एक भारतीय का योगदान है. एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी जब आईएएएफ परिषद के सदस्य थे तब उन्होंने इस अभ्यास केंद्र पर सिंथेटिक ट्रैक बिछाने में अहम भूमिका निभाई थी. यह ट्रैक 2012 में आईएएएफ से मिली धनराशि से बिछाया गया था. यह पहला अवसर है जबकि भारतीय धावकों को किसी बड़ी प्रतियोगिता से पहले विदेश में अभ्यास के लिए भेजा रहा है. आम तौर पर वे ऊटी या धर्मशाला में अभ्यास करते थे. ऊटी में सिंथेटिक ट्रैक नहीं है, जबकि धर्मशाला में एक सिंथेटिक ट्रैक है.

मध्यम और लंबी दूरी के धावकों के अभ्यास के लिए आदर्श स्थान

एएफआई के अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने कहा कि मध्यम और लंबी दूरी के धावकों के अभ्यास के लिए थिम्पू आदर्श स्थान है. क्योंकि यह ऊटी और धर्मशाला से अधिक ऊंचाई पर स्थित है और इसकी लागत भी कम है. सुमरिवाला ने कहा, ‘थिम्पू का अभ्यास केंद्र 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है, जबकि हमारे एथलीट 2000 मीटर की कम ऊंचाई पर अभ्यास कर रहे थे. इसलिए आगामी प्रतियोगिता के लिए इससे निश्चित तौर पर हमारे एथलीटों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा किसी अन्य देश की तुलना में वहां अभ्यास और रहने की लागत कम है.’

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