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नो नीडल पॉलिसी पर फटकार के खिलाफ अधिकारियों की अपील को आईओए का समर्थन

आईओए अध्यक्ष ने कहा खिलाड़ियों की जांच होगी लेकिन सीजीएफ के खिलाफ अपील करने वाले अधिकारियों के साथ हैं हम

Updated On: Apr 17, 2018 09:16 PM IST

FP Staff

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नो नीडल पॉलिसी पर फटकार के खिलाफ अधिकारियों की अपील को आईओए का समर्थन

कॉमनवेल्थ गेम्स की 'नो नीडल पालिसी' के उल्लंघन के कारण दो खिलाड़ियों को गेम्स से निकाले जाने के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) ने भारतीय अधिकारियों को फटकार लगाई थी. जिसके खिलाफ भारतीय अधिकारियों ने अपील दायर करने की बात कही थी. इस मामले के लगभग एक सप्ताह बाद मंगलवार को इन अधिकारियों को अब भारतीय ओलिंपिक संघ का समर्थन मिल गया है.

सीजीएफ ने खिलाड़ियों पर कार्रवाई के बाद अधिकारियों को फटकारा

दरअसल भारतीय रेस वॉकर केटी इरफान और ट्रिपल जंप खिलाड़ी राकेश बाबू के बेडरूम में नीडल मिलने के बाद उन पर कार्रवाई की गई. जिसके बाद सीजीएफ ने भारत के मिशन प्रमुख विक्रम सिसोदिया, जनरल टीम मैनेजर नामदेव शिरगांवकर और एथलेटिक्स टीम मैनेजर रविंदर चौधरी सहित अन्य अधिकारियों को कड़े शब्दों में पत्र लिखकर फटकार लगाई.

इस पर आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीजीएफ अदालत ने भारतीय अधिकारियों को फटकार लगाई. जिन्होंने यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया कि खिलाड़ी सीजीएफ की नो नीडल पॉलिसी पर चलें.'

अधिकारियों ने पहले ही कहा था नो निडल पॉलिसी का पालन करें

राजीव मेहता ने कहा था कि खिलाड़ी सजा के हकदार होंगे जिस पर फैसला आईओए का चिकित्सा और नैतिक आयोग करेगा. हालांकि आईओए अध्यक्ष ने मंगलवार को बयान जारी करके कहा कि वह सीजीएफ अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने वाले अपने अधिकारियों के साथ हैं.

मेहता ने यह साफ किया की भारतीय अधिकारियों ने सभी टीम नेतृत्वकर्ताओं, मैनेजर, मुख्य कोचों को नो नीडल पॉलिसी का पालन करने का निर्देश दिया था. उन्होंने सुनवाई के दौरान दोनों खिलाड़ियों द्वारा दिए गए बयान का हवाला भी दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अधिकारियों ने टीम बैठक के दौरान कई बार उन्हें इस नीति के बारे में बताया था.

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