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.... तो क्या अपने देश के झंडे तले नहीं खेल पाएंगे भारतीय तीरंदाज!

भारत सरकार ने खेल संहिता का उल्लंघन करने के लिये दिसंबर 2012 में एएआई की मान्यता समाप्त कर दी थी

Updated On: Sep 17, 2018 06:16 PM IST

Bhasha

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.... तो क्या अपने देश के झंडे तले नहीं खेल पाएंगे भारतीय तीरंदाज!

विश्व तीरंदाजी (डब्ल्यूए) के महासचिव टॉम डीलेन ने आगाह किया है कि अगर अमान्य घोषित भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) चीजों में जल्द ही सुधार नहीं करता है तो फिर भारतीय तीरंदाजों को आगामी टूर्नामेंट में इस खेल की विश्व संस्था के ध्वज तले खेलना पड़ सकता है.

डीलेन ने कहा कि वे तीरंदाजों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं लेकिन उन्होंने आगामी ओलिंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट से पहले एएआई में चल रहे गतिरोध पर चिंता जताई है. विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप अगले साल जून में होनी है तथा इसमें महिला और पुरुष वर्ग में चोटी की आठ टीमों के लिए 24 सीटें दांव पर लगी होंगी. इसके अलावा अगले साल महाद्वीपीय क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट भी होगा.

डीलेन ने कहा, ‘‘वर्तमान स्थिति हमेशा के लिए जारी नहीं रह सकती. कभी ना कभी खिलाड़ियों को विश्व तीरंदाजी के ध्वज तले खेलना होगा. अभी सबसे मुख्य चिंता आगामी ओलिंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट को लेकर है.’

Jakarta: Indian men's Archery team members display their silver medals of compound team event, at the Asian Games 2018 in Jakarta on Tuesday, August 28, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan)  (PTI8_28_2018_000068B)

भारत सरकार ने खेल संहिता का उल्लंघन करने के लिये दिसंबर 2012 में एएआई की मान्यता समाप्त कर दी थी.

पिछले साल दिल्ली उच्च न्यायालय ने संविधान का मसौदा तैयार करने और नए सिरे से चुनाव कराने के लिए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी को प्रशासक नियुक्त किया था लेकिन अभी तक इस दिशा में कुछ भी नहीं हुआ है.

भारत ने पिछले कुछ समय से किसी बड़े तीरंदाजी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है और रिपोर्टों के अनुसार महाद्वीपीय ओलिंपिक क्वालिफायर्स -2019 एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप - जो पहले नई दिल्ली में होनी थी अब उसकी मेजबानी बैंकॉक को सौंप दी गई है.

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