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जूनियर वर्ल्ड कप फाइनल हॉकी: भारत बना चैंपियन

भारत और बेल्जियम के बीच फाइनल मैच के पल-पल की खबर

| December 18, 2016, 07:24 PM IST

Shailesh Chaturvedi Shailesh Chaturvedi

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हाइलाइट

Dec 18, 2016

  • 19:32(IST)

    पिछले चैंपियन जानिए मोहनदास मेनन के इस ट्वीट के जरिए

  • 19:29(IST)
  • 19:26(IST)
  • 19:25(IST)
  • 19:23(IST)

    भारतीय खिलाड़ी तिरंगा लहरा रहे हैं... पूरा स्टेडियम तिरंगों से पटा पड़ा है.... भांगड़ा शरू हो गया है...

  • 19:22(IST)

    भारत बन गया है जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी चैंपियन

  • 19:22(IST)

    बेल्जियम ने गोल किया... भारत ने खिताब जीता

  • 19:21(IST)

    एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला है....

  • 19:21(IST)

    भारतीय टीम खुशियां मना रही है... समय खत्म

  • 19:20(IST)

    बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर

  • 19:20(IST)

    अब एक मिनट से भी कम समय बाकी.. गेंद हरमनप्रीत के पास

  • 19:19(IST)

    हरमनप्रीत ने एक और अच्छा बचाव किया... 

  • 19:19(IST)

    सिर्फ दो मिनट का खेल बाकी है... 

  • 19:18(IST)

    गोलकीपर के बगैर खेल रही है बेल्जियम... ऐसे में भारत का हमला होने पर गोल  होने के मौके ज्यादा होंगे... 

  • 19:18(IST)

    बाल-बाल बचा भारत... हेनरी राएस का रिवर्स स्टिक साथी खिलाड़ी से कंट्रोल नहीं हुआ

जूनियर वर्ल्ड कप फाइनल हॉकी: भारत बना चैंपियन

वो मिल्टन कींस था, जब भारत पहली बार जूनियर वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा था. 19 साल पहले की बात है. वहां पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसे शिकस्त खानी पड़ी थी. चार साल बाद भारत फिर फाइनल में पहुंचा. इस बार अर्जेंटीना सामने था. लेकिन 6-1 का नतीजा बताता है कि चैंपियन बनने के लिए भारत ने किस दबदबे के साथ मुकाबला खेला. वो जगह थी होबार्ट.

अब लखनऊ की बारी है. यहां भारत को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भी इस टीम को जर्मनी के साथ फेवरिट कहा जा रहा था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल की जीत इसे फिर फेवरिट की तरह ही सामने लेकर आई है.

15 साल बाद पूरा होगा चैंपियन बनने का सपना!

15 साल बाद चैंपियन बनने से भारतीय टीम सिर्फ एक कदम दूर है. सिर्फ 70 मिनट के अच्छे खेल से भारतीय टीम चैंपियन का तमगा पा सकती है. शुक्रवार शाम की तरह रविवार को भी मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के खचाखच भरा रहने की उम्मीद है. अपने दर्शकों के बीच ख्वाबों की ताबीर करना कौन नहीं चाहेगा.

hockey crowd

कोच हरेंद्र सिंह ऑस्ट्रेलिया पर जीत के बाद कह ही चुके हैं कि वो हमेशा से टीम को पोडियम का हकदार मानते थे. उन्होंने कहा, ‘मैंने टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों से कहा था कि पोडियम तय है. पदक का रंग तय करना तुम लोगों का काम है.’

हरेंद्र मानते हैं कि 18 दिसंबर इस टीम के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है. इसमें किसी को कोई शक भी नहीं होना चाहिए. बेल्जियम टीम ने सीनियर और जूनियर लेवल पर बहुत तेजी से तरक्की की है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने जिस तरह ओपन गेम खेला, वो बेल्जियम के खिलाफ होने की उम्मीद कम है. यूरोपियन टीमें विपक्षी को इतनी जगह नहीं देतीं.

पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना होगा अहम

2001 चैंपियन टीम के सदस्य जुगराज सिंह के मुताबिक भारत के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के साथ ऑफ द बॉल रनिंग पर ध्यान देना सबसे अहम है. यही बात मैच का फैसला करने में काम आएगी. इन सबके बारे में बताने के लिए भारत के पास सीनियर टीम के कोच रोलंट ओल्टमंस हैं.

टूर्नामेंट में भारत ने पहले दो मैचों में कुछ समय खराब हॉकी खेली है. लेकिन सही समय पर खुद को सुधारने का काम किया. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच अच्छा नहीं खेला. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने पिछड़ने के बाद जिस तरह गेम को कंट्रोल किया, वो उनकी क्षमताओं को बताने के लिए काफी है. कनाडा और इंग्लैंड पर मिलाकर भारत ने नौ गोल किए थे. दक्षिण अफ्रीका से बमुश्किल 2-1 से जीत मिली थी.

hocke jr semi

भारत ने पहले तीन मैचों में जो गलतियां कीं, उससे सीखा. रोलंट ओल्टमंस के मुताबिक अब परफेक्ट मैच खेलने का समय है. कम से कम हॉकी इंडिया ने मैच को परफेक्ट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. सीनियर टीम के कोच को टीम के साथ जोड़ा गया. सीनियर टीम के गोलकीपर को मेंटॉर बनाया गया. कई पूर्व खिलाड़ी सपोर्ट स्टाफ में हैं. हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर साथ हैं.

पूरे टूर्नामेंट में कप्तान हरजीत सिंह ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, जो भारतीय मिडफील्ड की धुरी हैं. शुक्रवार के मैच में गुरजंत सिंह और मनदीप सिंह ने बेहतरीन गोल किए. डिफेंस में गलतियां हुई हैं. इसके बावजूद कह सकते हैं कि डिप्सान टिर्की और हरमनप्रीत सिंह ने अच्छा खेल दिखाया है. गोलकीपर विकास दहिया तो खैर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के हीरो थे ही.

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