S M L

फ्रेंच ओपन टेनिस 2017: दस में दस, नडाल फिर बने चैंपियन

फाइनल मुकाबले में वावरिंका को 6-2, 6-3, 6-1 से मात देकर रिकॉर्ड 10वीं बार जीता खिताब

Updated On: Jun 12, 2017 12:34 AM IST

FP Staff, Bhasha

0
फ्रेंच ओपन टेनिस 2017:  दस में दस, नडाल फिर बने चैंपियन

जगह पेरिस हो. लाल रंग का कोर्ट हो. राफेल नडाल के हाथ में रैकेट हो. इसके बाद सब कुछ नडाल के नाम होता है. एक बार फिर वही हुआ, जो अरसे से होता आ रहा है. एक नहीं, दो नहीं, पूरे दस बार ऐसा हुआ है. नडाल दसवीं बार फ्रेंच ओपन चैंपियन बने हैं. वो भी पूरे टूर्नामेंट में महज 35 गेम हारकर.

एक बार फिर नडाल ने दिखाया कि उन्हें यूं ही क्ले कोर्ट के बादशाह नहीं कहा जाता. रोलां गैरो पर अपनी ख्याति के मुताबिक प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड के स्टैन वावरिंका को उन्होंने एकतरफा फाइनल में हराया. रिकॉर्ड 10वीं बार नडाल ने फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट में पुरुष सिंगल्स खिताब जीता. स्पैनिश खिलाड़ी नडाल ने वावरिंका को 6-2, 6-3, 6-1 से हराया.

 

इस जीत के साथ ही नडाल दुनिया के ऐसे पहले  खिलाड़ी बने, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट को रिकॉर्ड दस बार जीता हो. फाइनल मुकाबले में वावरिंका कहीं भी नडाल को चुनौती देते नहीं दिखे और एक भी सेट नहीं जीत सके. अपना 22वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे नडाल ने फ्रेंच ओपन में तीसरी बार बिना सेट गंवाए खिताब जीता है. उन्होंने केवल 35 गेम गंवाए और इनमें फाइनल के केवल छह गेम शामिल हैं.

स्पैनिश खिलाड़ी ने शुरू से अपना दबदबा बनाये रखा और आखिर तक उसे बरकरार रखा.  हालांकि शुरुआत में वावरिंका ने थोड़ी टक्कर देने की कोशिश की और उन्हें पहले सेट के तीसरे गेम में ब्रेक पॉइंट का मौका भी मिला. लेकिन इसके बाद नडाल ने पूरे मैच में उन्हें आगे ऐसा कोई अवसर मुहैया नहीं कराया. वावरिंका ने शुरू में नडाल को टक्कर देने की कोशिश की. नडाल ने  चौथे गेम में चार ब्रेक पॉइंट बचाए और स्कोर 2-2 से बराबर किया.

Tennis - French Open - Roland Garros, Paris, France - June 11, 2017 Spain's Rafael Nadal celebrates with the trophy after winning the final against Switzerland's Stan Wawrinka Reuters / Benoit Tessier TPX IMAGES OF THE DAY - RTS16L7I

क्ले  कोर्ट के बादशाह नडाल ने  इसके बाद आसानी से अपनी सर्विस पर अंक बनाया और फिर वावरिंका की सर्विस तोड़कर 4-2 से बढ़त हासिल कर ली. वावरिंका ने अपनी सर्विस पर फोरहैंड बाहर मारकर 17वीं बार अपनी गलती से अंक गंवाया. इससे नडाल ने 44 मिनट में यह सेट अपने नाम किया.

 

तीसरे सेट के पहले गेम में नडाल ने फिर से 2015 के चैंपियन वावरिंका की सर्विस तोड़ी. इसके तुरंत बाद नडाल के पास दो ब्रेक पॉइंट थे जिससे उन्होंने स्कोर 4-1 कर दिया. इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बचाए रखी और जब स्विस खिलाड़ी ने अपना बैकहैंड नेट पर मारा तो नडाल ने इतिहास रच दिया।

फाइनल में 31 वर्षीय नडाल और 32 वर्षीय वावरिंका आमने सामने थे और 1969 के बाद पहला मौका था जब फाइनल में 30 साल से अधिक उम्र के दो खिलाड़ी खेल रहे थे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi