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कोच हरेंद्र सिंह को हटाए जाने से नाराज हुआ हॉकी का 'सूरमा'!

भवनेश्वर में खेले गए हॉकी वर्ल्ड कप के बाद सीनियर टीम के कोच हरेंद्र को जूनियर टीम की जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है

Updated On: Jan 23, 2019 06:28 PM IST

FP Staff

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कोच हरेंद्र सिंह को हटाए जाने से नाराज हुआ हॉकी का 'सूरमा'!

भारतीय हॉकी में हेड कोच के लिए चल रहे म्यूजिकल चेयर के खेल और हाल ही में हुई कोच हरेंद्र की छुट्टी पर हॉकी दिग्गज अपनी-अपनी राय रख रहे हैं. इस दौरान पूर्व कप्तान और एक वक्त दुनिया के बेस्ट ड्रैग फ्लिकर रहे संदीप सिंह ने भी इस मसले अपना बात रखी है.

संदीप ने हरेंद्र सिंह को  भारतीय हॉकी के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ कोच बताते हुए कहा है कि कि कोई भी कोच रातोरात टीम तैयार नहीं कर सकता और उसे कम से कम तीन चार साल का समय दिए जाने की जरूरत है.

भुवनेश्वर में दिसंबर में हुए विश्व कप में भारत के क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बाद मुख्य कोच हरेंद्र को हटाकर जूनियर टीम की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा गया है. हरेंद्र सिंह पिछले 25 साल में भारतीय टीम के 25वें और छह साल में छठे कोच हैं जिन्हें बर्खास्त किया गया है.

वहीं खुद  को इस तरह से हटाए जाने पर हरेंद्र ने भी यही प्रतिक्रिया दी है कि उन्हें रिव्यू रिपोर्ट देने और उसके बारे में बात करने का मौका तक नहीं मिला. हरेंद्र जूनियर टीम का कोच बनने के लिए भी तैयार थे, लेकिन उन्होंने तमाम शर्तें भी रख दी थीं. इन शर्तों के बाद हालांकि हॉकी इंडिया की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. लेकिन सोशल मीडया पर इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने जिस तरह की बातें लिखी हैं उनसे साफ है कि हॉकी इंडिया हरेंद्र के पक्ष में नहीं है. भले ही बत्रा का हॉकी इंडिया से कोई लेना देना न हो, लेकिन माना जाता है कि उनका फैसला ही अंतिम होता है.

हरेंद्र के पक्ष में संदीप सिंह ने बयान अपनी ‘फ्लिकर ब्रदर्स हॉकी अकादमी’ के लॉन्च के वक्त दिया. अनुभवी डिफेंडर ने कहा, ‘ मुझे नहीं लगता कि भारत के लिए हरेंद्र सिंह से बेहतर कोई कोच हो सकता है. उन्हें समय देने की जरूरत थी. ओलिंपिक अगले साल है और अभी हमें क्वालीफायर खेलना है लिहाजा ऐसे समय में प्रयोग से बचना चाहिए.’

संदीप सिंह ने बुधवार को अपनी ‘फ्लिकर ब्रदर्स हॉकी अकादमी’ लॉन्च की जो अगले तीन साल में देश भर में विभिन्न स्कूलों के साथ मिलकर करीब 300 फ्रेंचाइजी शुरू करेगी जिसमें जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानकर विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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भारत के स्टार फुल बैक और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ रह चुके संदीप ने कहा, हॉकी को अलविदा कहने के बाद मेरा सपना था कि ऐसी एक अकादमी खोलूं जिसमें हाकी सीखने के इच्छुक बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाए और ऐसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कोच के रूप में तैयार किया जाए जिनके पास हुनर है लेकिन नौकरी नहीं.’

उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले तीन साल में भारत भर में करीब 300 अकादमियां शुरू करने का है जिसका आगाज अगले एक महीने में उत्तर भारत से किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमारी कई स्कूलों से बात चल रही है और जल्दी ही हम अपनी अकादमी शुरू करेंगे. यह फ्रेंचाइजी आधार पर होगी जिसमें स्कूल अपनी जमीन देंगे और हम बच्चों को बुनियादी ढांचा और कोचिंग देंगे.’

(इनपुट भाषा)

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