S M L

World Cup Hockey Final : शूट आउट में नेदरलैंड्स को हराकर बेल्जियम ने जीती ‘दुनिया’, ऑस्ट्रेलिया तीसरे नंबर पर

फाइनल मुकाबले में बेल्जियम ने नेदरलैंड्स को सडन डेथ में पहुंचे मुकाबले में मात देकर वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता

Updated On: Dec 16, 2018 09:50 PM IST

Shailesh Chaturvedi Shailesh Chaturvedi

0
World Cup Hockey Final : शूट आउट में नेदरलैंड्स को हराकर बेल्जियम ने जीती ‘दुनिया’, ऑस्ट्रेलिया तीसरे नंबर पर

बेल्जियम के आर्थर डि स्लूवर का हिट गोल में जाते ही जश्न शुरू हो गया. खिलाड़ियों के जश्न के बीच मैदान पर सेरेमनी की तैयारी होने लगी. लेकिन इसके बीच नेदरलैंड्स के गोलकीपर ने रिव्यू लिया. उस वक्त रिव्यू में भले ही उनके पक्ष में रहा. लेकिन बेल्जियम को जीत के लिए अगले ही शॉट पर मौका मिल गया. पेनल्टी शूट आउट में सडेन डेथ का पहला हिट ही बेल्जियम को जिता गया. भुवनेश्वर में हॉकी वर्ल्ड कप ने नया फाइनलिस्ट और नया चैंपियन देखा. बेल्जियम पहली बार चैंपियन बना. उसने शूट आउट में 3-2 से जीत पाने में कामयाबी हासिल की. तीसरा स्थान ऑस्ट्रेलिया को मिला, जिसने इंग्लैंड को 8-1 से मात दी.

फाइनल मुकाबला चौकन्नेपन का था. रिस्क न लेने का था. एक-दूसरे को रिस्क लेने के लिए उकसाने का था. इसीलिए कुछ हद तक नीरस था. बॉल पजेशन हो, सर्कल पेनीट्रेशन, गोल पर हिट... हर मामले में दोनों टीमें करीब बराबर थीं. बेल्जियम को तो कोई पेनल्टी कॉर्नर तक नहीं मिला. नेदरलैंड्स को जरूर दो मिले, जिन पर गोल नहीं हो सके. निर्धारित समय पर स्कोर 0-0 होने के बाद फैसले के लिए शूट आउट की जरूरत थी.

Belgium's Florent van Aubel (C) fights for the ball with Netherland's Jonas de Geus during the field hockey final match between Belgium and Netherlands at the 2018 Hockey World Cup in Bhubaneswar on December 16, 2018. (Photo by Dibyangshu SARKAR / AFP)

वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक सिर्फ तीसरी बार फाइनल मुकाबला शूट आउट तक गया है. तीनों बार दो में एक टीम नेदरलैंड्स रही है. 1973 में, जब उसने भारत को हराकर खिताब जीता. उसके बाद 1994 में, जब पाकिस्तान ने उसे हराया. नेदरलैंड्स के लिए सेमीफाइनल के हीरो जेरोन हर्ट्जबर्गर ने गोल से शुरुआत की. लेकिन बेल्जियम के आर्थर वान डोरेन की कोशिश विपक्षी गोलकीपर ने कामयाब नहीं होने दी. हर्ट्जबर्गर के बाद उनकी टीम के लिए सिर्फ योनस डे ज्यूस ही गोल करने में कामयाब हुए. बेल्जियम के लिए फ्लोरेंट वान ऑबेल और विक्टर वेगनेज ने गोल किए.

यह भी पढ़ें - Hockey World Cup 2018: अंपायरिंग पर सवाल उठाने पर एफआईएच ने भारतीय कोच को लगाई फटकार

शूट आउट के पहले पांच हिट के बाद स्कोर 2-2 से बराबर होने के बाद सडेन डेथ हुआ. फ्लोरेंट वान ऑबेल बेल्जियम के लिए गोल करने में कामयाब रहे. लेकिन एक दिन पहले के हीरो हर्ट्जबर्गर गेंद बाहर मार गए. इसी के साथ हॉलैंड के लिए चौथी बार चैंपियन बनने का सपना टूट गया. लेकिन हॉकी दुनिया को नया वर्ल्ड कप चैंपियन जरूर मिल गया.

ऑस्ट्रेलिया ने जीता ब्रॉन्ज

ऑस्ट्रेलिया की जीत के बारे में बात करने से पहले जरा इंग्लैंड के बारे में भी सोच लीजिए. यह टीम लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंची. लगातार तीसरी बार हारी. लगातार तीसरी बार ब्रॉन्ज मेडल मैच हारी. उसमें भी पिछले 27 घंटे में उसके खिलाफ 14 गोल हुए. पहले उसे सेमीफाइनल में बेल्जियम ने 6-0 से मारा. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने तो गोलों की बरसात कर दी. उसने 8-1 से जीत दर्ज की.

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरू से ही वो खेल खेलना शुरू किया, जिसके लिए उसे जाना जाता है. आक्रामकता और ज्यादा से ज्यादा गोल करने की कोशिश इस टीम की हमेशा से खासियत रही है. वही उसने आज भी किया. शनिवार को भी उसने ऐसे ही शुरुआत की थी. हालांकि नेदरलैंड्स ने उसे गोल करने में कामयाब नहीं होने दिया. टीम बदली, तो नतीजा भी बदला. इंग्लैंड टीम के पास ऐसा डिफेंस नहीं था, जो ऑस्ट्रेलियाई तूफान को रोक सकता. ओडिशा में वैसे भी साइक्लोन आने की चेतावनी है. ऑस्ट्रेलिया ने कलिंग स्टेडियम में सुनामी के ही दर्शन कराए.

Australia's players pose for photograph with their bronze medal after their field hockey bronze medal match between England and Australia at the 2018 Hockey World Cup in Bhubaneswar on December 16, 2018. (Photo by Dibyangshu SARKAR / AFP)

आठवें मिनट में गोल की शुरुआत हुई, तो खात्मा 60वें यानी आखिरी मिनट में ही हुआ, जब पेनल्टी कॉर्नर पर गोल के जरिए स्कोर लाइन 8-1 हो गई. टॉम क्रेग ने हैट्रिक जमाई. उन्होंने नौवें, 19वें और 34वें मिनट में तीन मैदानी गोल किए. जेरेमी हावर्ड ने 57वें और 60वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला. इसके अलावा ब्लेक गोवर्स ने आठवें, ट्रेंट मिटन ने 25वें और टिम ब्रैंड ने 34वें मिनट में गोल किया. इंग्लैंड की तरफ से एकमात्र गोल अनुभवी बैरी मिडिलटन ने मैच के 45वें मिनट में किया.

यह भी पढ़ें - BWF world tour finals: लगातार सात खिताबी हार के बाद सिंधु के सिर सजा जीत का ताज

टूर्नामेंट में इस बार पोडियम फिनिश करने वाली तीन टीमों को सम्मानित करने के बजाय ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को पहले ही मेडल दे दिए गए. खेलों की परंपरा रही है, जहां पोडियम फिनिश करने वाली तीनों टीमें साथ खड़ी होती हैं. लेकिन ऐसा लगता है कि एफआईएच के लिए परंपरा का अब कोई खास मतलब नहीं बचा है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi