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विदेश में प्रशिक्षण के लिए पदक बेचने को मजबूर तैराक साजन प्रकाश

प्रकाश को स्पेन में होने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा लेना है, जिसके लिए उनके पास ना तो फंड है और ना ही कोई प्रायोजक

FP Staff Updated On: Dec 11, 2017 06:44 PM IST

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विदेश में प्रशिक्षण के लिए पदक बेचने को मजबूर तैराक साजन प्रकाश

2016 रियो ओलिंपिक में भारत की ओर से भाग लेने वाले एकमात्र तैराक साजन प्रकाश खराब आर्थिक हालात के चलते अपने पदक बेचने के लिए मजबूर हैं. साजन को प्रशिक्षण के लिए स्पेन जाना है और अगर उन्हें आर्थिक मदद नहीं मिलती है, तो वह ऐसा करने के लिए मजबूर होंगे.

तिरुअनंतपुरम राष्ट्रीय खेलों में छह स्वर्ण और तीन रजत पदक जीत चुके प्रकाश ने कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिली है, जबकि वह टारगेट पोडियम स्कीम (टाप्स) के लिए चुने जा चुके हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार 24 वर्षीय प्रकाश ने कहा, 'पिछले दो महीने में दुबई, थाईलैंड और सिंगापुर में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए मैंने अपनी जेब से चार लाख रुपए से अधिक खर्च कर दिए हैं. अब मेरे पास पैसे नहीं हैं. मुझे स्पेन में होने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा लेना है. जिसके लिए मेरे पास ना तो फंड है और ना ही कोई प्रायोजक.'

प्रकाश ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों के लिए की जाने वाली तमाम मदद की बातें सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं. उन्होंने कहा कि हम पदकों के सूखे का रोना रोते हैं, लेकिन उदीयमान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं करते हैं. हमें विधिवत ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने की जरूरत होती है. किसी को एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भेजना ही पर्याप्त नहीं है.

प्रकाश ने दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से भी ट्वीट के जरिए आर्थिक मदद की अपील की लेकिन कोई जवाब नहीं आया. उन्होंने कहा, ' मैं खेलों में पैसा बनाने नहीं आया हूं. मैं अपने देश को गौरवान्वित महसूस कराना चाहता हूं, लेकिन बिना किसी आर्थिक मदद और प्रायोजक के यह सब करना संभव नहीं है.'

कुछ समय पहले तक प्रकाश भारतीय रेलवे के कर्मचारी थे. लेकिन उन्होंने रेलवे छोड़कर पुलिस में इंस्पेक्टर पद स्वीकार कर लिया था, जिसका प्रस्ताव केरल सरकार ने दिया था. लेकिन ट्रेनिंग में व्यस्त रहने के कारण वह पुलिस विभाग की औपचारिकता पूरी नहीं कर सके. जिसकी वजह से उन्हें वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.

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