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CWG 2018: बॉक्सिंग में नमन को मिला ब्रॉन्ज, तो पांच मुक्केबाजों ने फाइनल में की जगह पक्की

भारतीय बॉक्सरों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है

Updated On: Apr 13, 2018 08:37 PM IST

FP Staff

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CWG 2018: बॉक्सिंग में नमन को मिला ब्रॉन्ज, तो पांच मुक्केबाजों ने फाइनल में की जगह पक्की

एशियाई खेलों के पदक विजेता विकास कृष्ण (75 किग्रा ) और सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) उन पांच भारतीय मुक्केबाजों में शामिल हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों में फाइनल में जगह बनाई जबकि तीन अन्य को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.

विकास और सतीश के अलावा अमित पांघल (49 किग्रा ), गौरव सोलंकी (52 किग्रा ) और मनीष कौशिक (60 किग्रा ) की तेजी से उभरती त्रिमूर्ति ने भी फाइनल में जगह बनाई लेकिन नमन तंवर (91 किग्रा ), कॉमनवेल्थ के पूर्व गोल्ड मेडल विजेता मनोज कुमार (69 किग्रा) और मोहम्मद हसमुद्दीन (56 किग्रा ) को ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा.

 

फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के गरसाइड से भिडेंगे मनीष

मनीष ने लाइटवेट 60 किग्रा वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड के जेम्स मैकगिवर्न को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. एशियाई खेलों की परीक्षण प्रतियोगिता में गोल्ड जीतने वाले 22 वर्षीय खिलाड़ी मैकगिवर्न के साफ-साफ प्रहारों के कारण मनीष पिछड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया. मनीष ने मैच के बाद कहा ,'मैं ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी (फाइनल में पहुंचने वाले हैरी गरसाइड) से भिडूंगा. कोच ने मुझे मेरे विपक्षी की गलतियों पर ध्यान देने और अच्छा प्रदर्शन करने को कहा है.'

हालांकि उनके विपक्षी, निर्णायकों के फैसले से नाराज दिखे और रिंग से निकलने के बाद कहते नजर आए, 'मेरा कांस्य पदक ऑस्ट्रेलिया में ही रह सकता है, मैं कांस्य पदक के लिए नहीं खेलता.'

गौरव ने धीमी शुरुआत के बाद की वापसी

फ्लाईवेट 52 किग्रा वर्ग में गौरव धीमी शुरूआत से उबरते हुए श्रीलंका के एम ईशान बंडारा को हराने में सफल रहे. वह पहले राउंड में पिछड़ रहे थे, लेकिन शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वापसी की. उन्होंने कहा, 'कई बार मुक्केबाजी में ये चीजें होती हैं लेकिन दूसरे चरण तक मैं बेहतर संतुलन के साथ खेला.' गौरव ने कहा, 'मेरे पीछे एक अच्छी टीम है और अब मैं गोल्ड के लिए तैयारी कर रहा हूं.' वह फाइनल में उत्तरी आयरलैंड के ही ब्रेंडन इर्विन से भिड़ेंगे.

इसके उलट अमित 49 किग्रा वर्ग में युगांडा के जुमा मिरो के खिलाफ आसान जीत (5-0) हासिल करने में सफल रहे. उन्होंने कहा, 'यह मेरी लिए काफी सहज था. मैंने अपने बायें मुक्के का काफी इस्तेमाल किया क्योंकि ये मेरी सबसे बड़ी ताकत है.'

हालांकि 19 साल के नमन स्थानीय खिलाड़ी जैसन वैटले से एक रोचक मुकाबले में 0-4 से हार गए. युवा विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद से यह नमन का सबसे अच्छा प्रदर्शन है.

 

 

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