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CWG 2018: इतिहास को बनना था और खास, इसीलिए चुना सायना-सिंधु के मुकाबले का दिन

बैडमिंटन के महामुकाबले में ही जीता भारत ने कॉमनवेल्थ खेलों का 500वां मेडल

FP Staff Updated On: Apr 16, 2018 01:55 PM IST

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CWG 2018: इतिहास को बनना था और खास, इसीलिए चुना सायना-सिंधु के मुकाबले का दिन

गोल्‍ड कोस्‍ट कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स भारत के लिए यादगार रहा. इसको और अधिक यादगार बनाया सायना- सिंधु के मुकाबले ने. अपने -अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर जैसे ही दोनों ने फाइनल में जगह बनाई, हर किसी की नजर गेम्‍स के आखिरी दिन होने वाले इस महामुकाबले पर टिक गई. इस मुकाबले में भारत के दो पदक तो पक्‍के थे, लेकिन किसके सिर सोने का ताज सजेगा और किसके चांदी का ताज सजेगा, हर किसी को इंंतजार था, लेकिन देश के साथ इतिहास भी इस मुकाबले का बेस्रबी से इंतजार कर रहा था, या यूं कहे इतिहास को पहले से ही इस मुकाबले का पता था और उसने खुद को खास बनाने के लिए इसी दिन को चुना.

भारत 1934 में कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में उतरा. गोल्‍ड कोस्‍ट कॉमलवेल्‍थ में उतरे से पहले तक भारत इन खेलों में अपने 500 मेडल के आंकड़े को छूने में 62 मेडल दूर था, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भारत यह आंंकड़ा नहीं छू पाया.

रा‍शिद अनवर ने जीता था भारत के लिए पहला काॅमनवेल्‍थ मेडल

ब्रॉन्ज मेडल के रूप में राशिद अनवर ने भारत के लिए पहला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल जीता. अनवर ने वेटलिफ्टिंग  ने मेडल जीता था. 1934 से 2018 तक भारत ने कुल 504 मेडल अपने नाम कर लिए है. जब भारतीय खिलाड़ी गोल्ड कोस्ट में 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्धघाटन समारोह में हिस्सा ले रहे थे. तब भारत इन खेलों में अपने 500 मेडल के आंकड़े से महज 62 मेडल या कहें 62 कदम दूर था. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के 10 दिन बीत जाने के बाद भी भारत इस आंकड़े को नहीं छू पाया था. शायद इतिहास में यह घटना कुछ खास अंदाज में खुद को अंकित करवाना चाहती थी. इसी लिए उसनेंं 11वें दिन खेले जाने वाले महा मुकाबले को चुना होगा. दरअसल बैडमिंटन महिला सिंगल्स फाइनल के इस महा मुकाबले में दो दिग्गज भारतीय खिलाड़ी आमने- सामने थीं. पीवी सिंधु और सायना नेहवाल के बीच खेले गए फाइनल में ही भारत ने इन खेलों का 500वां मेडल जीता.

21 वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा जीते गए  26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल सहित कुल 66 मेडल के बदौलत, इन खेलों में भारत के अब कुल 504 मेडल हो गए हैं. जिनमें 181 गोल्ड, 175 सिल्वर और 148 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.

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