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CWG 2018: इस दबाव में थीं सायना, अगर हार जाती तो जरूर होती यह बात

दूसरे गेम में दोनों के बीच 64 स्ट्रोक्स की लंबी रैली खेली गई

Kiran Singh Updated On: Apr 15, 2018 09:21 AM IST

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CWG 2018: इस दबाव में थीं सायना, अगर हार जाती तो जरूर होती यह बात

दो साल पहले रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद से पीवी सिंधु का कद दिनों दिन बढ़ता गया और दूसरी तरफ सिंधु के कद के सामने दर्शकों ने लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सायना नेहवाल को कम कर दिया. सायना की तुलना सिंधु के प्रदर्शन से होने लगी और चोट के कारण अपने खराब प्रदर्शन से जूझ रही सायना पर को संन्यास लेने की सलाह मिलने लगी. कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में जब दोनों दिग्गज आमने सामने हुई तो माना जा रहा था कि सिंधु सायना पर हावी हो जाएगी, लेकिन सायना पर तो किसी और दबाव में थी, उन पर सिंधु के खिलाफ मैच जीतने का दवाब था, क्योंकि अगर वह हार जाती थी तो लोग उन्हें कहते कि सायना को अब संन्यास ले लेना चाहिए. जीत के बाद सायना ने माना भी कि अगर वह मैच हार जाती तो लोग कहते कि सायना की अब उम्र हो चुकी है और उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए.

सायना ने रोमांचक और कड़े मुकाबले में सिंधु को हराकर दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता और इसी के साथ सायना कॉमनवेल्थ गेम्स में दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई है. मुकाबला शुरू होने से पहले ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला होने का माना जा रहा था, मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने का मुकाबला भी देखा गया. लंबी-लंबी रैलियों ने दोनों को थकाया तो बहुत, लेकिन हार किसी ने नहीं मानी. सायना- सिंधु लगातार एक दूसरे पर अटैक करते रहे और आखिर में सीनियर खिलाड़ी सायना ने अपने अनुभव का बखूबी इस्तेमाल करते हुए सीधे गेमों में गोल्ड अपने नाम कर लिया. वीमन सिंगल्स में गोल्ड भी भारत का तो सिल्वर भी.

सायना की चतुराई रही सिंधु पर हावी

56 मिनट तक चले इस मुकाबले में सायना की चतुराई सिंधु पर हावी रही। सिंधु विश्व की तीसरे नंबर की और सायना 12वें नंबर की खिलाड़ी है, लेकिन सायना इस मुकाबले की अपनी विपक्षी से अधिक अनुभवी है और इसका अच्छा नमूना सायना में गोल्ड कोस्ट में आज किया. इंजरी से उभर रही सिंधु पर फतल हासिल करने के लिए सायना ने चतुराई से मुकाबला खेला और सिंधु की कमजोरी को भांपते हुए उसे ही अपना हथियार बनाया और सिंधु के क्रॉस कोर्ट पर अटैक करना जारी रखा. सिंधु को क्रॉस कोर्ट पर बैकहैंड खेलने में परेशानी हो रही थी, जिसका फायदा सायना को मिला.

दूसरे गेम की अग्निपरीक्षा

पहला गेम सायना ने 21-18 से जीता, लेकिन दूसरे में दोनों खिलाड़ियों की ताकत की असली परीक्षा हुई. एक ही कोच की दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे गेम में भारतीय दर्शकों के अलावा दूसरे देशों के दर्शकों को भी अपना फैन बना दिया. दूसरे गेम में सिंधु ने लीड बनाई, लेकिन सायना ने अपनी लंबी रैली के जल्द ही स्कोर 4-4 से बराबर कर लिया है सिंधु ने फिर बढ़त बनाई और 11-8 से दूसरे गेम में लीड बनाई, लेकिन सायना ने जल्द ही बराबरी किया. गेम में सिंधु 19-18 से आगे थी, लेकिन सायना ने स्कोर बराबर किया. स्कोर 20-20 के बराबर हुआ. सायना ने 21-20 से बढ़त हासिल की और उन्हें बस मैच पॉइंट चाहिए था, लेकिन इस बार सिंधु ने स्कोर बराबर किया. सायना ने बढ़त हासिल की और मैच पॉइन्ट के लिए सायना के स्मैश का जवाब सिंधु नहीं दे पाई. सायना ने बैक कोर्ट पर जाकर खेला था.

64 स्ट्रोक्स की रैली के बाद दोनों खिलाड़ियों ने ली सांस

दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला कितना अहम था, इसका इस एक रैली से लगाया जा सकता है, जिसके बाद दोनों खिलाड़ियों अपने कोर्ट पर थकान के बाद झुके गए थे. 68 सेकंड में की रैली ने 64 स्ट्रोक खेले गए और पॉइन्ट सायना के खाते में जुड़ा. पहले गेम में 27 स्ट्रोक की रैली खेली गई थी.

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