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CWG History : 1978 एडमंटन में भी रहा कुश्ती में दबदबा, पादुकोण ने भी गोल्ड मेडल दिलाया

वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए करुणाकरण ने स्वर्णिम छटा बिखेरी

Updated On: Apr 03, 2018 10:55 PM IST

FP Staff

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CWG History : 1978 एडमंटन में भी रहा कुश्ती में दबदबा, पादुकोण ने भी गोल्ड मेडल  दिलाया

कॉमनवेल्थ गेम्स का 11वां संस्करण 1978 में कनाडा के एडमंटन शहर में आयोजित किया गया. पहली बार इन खेलों को कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना गया. इस बार 46 देशों के 1476 खिलाड़ियों ने भाग लिया. कुश्ती में भारत का दबदबा एडमंटन में भी जारी रहा. भारत को कुश्ती में तीन स्वर्ण पदक मिले. लेकिन पहली बार उसने बैडमिंटन और भारोत्तोलन में भी अपनी सुनहरी चमक बिखेरी. कुश्ती में अशोक कुमार, सतबीर सिंह और राजेंद्र सिंह ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाए. बैडमिंटन में प्रकाश पादुकोण ने स्वर्ण पदक जीता. ये पहला मौका था, जब भारत को इस खेल में इतनी बड़ी सफलता मिली. भारोत्तोलन में करुणाकरण ने स्वर्णिम छटा बिखेरी.

मेजबान कनाडा रहा शीर्ष पर

भारत ने सबसे ज्यादा पदक कुश्ती में ही जीते. पहलवानों ने तीन स्वर्ण के साथ चार रजत और दो कांस्य पदक जीते. भारत को कुल 15 पदक मिले, जिसमें पांच स्वर्ण, पांच रजत और पांच कांस्य पदक रहे. पहली बार ऐसा हुआ कि कनाडा ने अपनी मेजबानी में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को पीछे छोड़ दिया. कनाडा ने 45 स्वर्ण के साथ 109 पदक जीते. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच फिर कड़ी टक्कर देखने को मिली. इंग्लैंड 27 स्वर्ण के साथ 87 और ऑस्ट्रेलिया 24 स्वर्ण के साथ 84 पदक जीतकर तालिका में दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे.

सुरेश बाबू रहे तीसरे स्थान पर

भारत के सुरेश बाबू लंबी कूद में तीसरे स्थान पर रहे. एथलेटिक्स में भारत का लगातार तीसरे संस्करण में पदक था. 1958 में मिल्खा सिंह ने इसकी नींव रखी थी जबकि ट्रिपल जंपर मोहिंदर सिंह गिल ने 1970 और 1974 में पोडियम फिनिश करने में सफल रहे.

 

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