S M L

CWG 2018: ट्रक ड्राइवर के बेटे गुरुराजा बने गोल्ड कोस्ट में भारत के पहले मेडलिस्ट

क्लीन एंड जर्क में दो बार और स्नैच में एक बार चूकने के बाद की वापसी

Updated On: Apr 05, 2018 08:40 AM IST

Kiran Singh

0
CWG 2018: ट्रक ड्राइवर के बेटे गुरुराजा बने गोल्ड कोस्ट में भारत के पहले मेडलिस्ट

गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में पहले दिन भारत का खाता खुला वेटलिफ्टिंग से. गुरुराजा पुजारी ने 56 किग्रा वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला मेडल दिलाया. गुरुराजा ने कुल 249 किलोग्राम वजन उठाया. वहीं मलेशिया के इजहार अहमद ने गोल्ड और श्रीलंका ने चतुरंगा लकमल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. चितुर गांव के गुरुराजा ने 2016 में साउथर एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था. वहीं एशियन गेम्स में गुरुराजा ने कुल 241 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता था. मलेशिया में हुई कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले गुरुराजा इस गेम्स में गोल्ड में मजबूत दावेदार थे, लेकिन पहले दो प्रयास में असफल रहने के कारण तीसरे प्रयास में 138 किलोग्राम उठा किला और कुल वजन 249 किलोग्राम हो गया.

स्नैच में एक बार चूके

गुरुराजा ने स्नैच में पहले प्रयास में 107 किग्रा उठाया, लेकिन दूसरे प्रयास में 111 किग्रा भार उठाने में चूक गए. स्नैच में तीसरे प्रयास में गुरुराजा ने 111 किग्रा भारवर्ग उठाया. वहीं क्लीन एंड जर्क में शुरुआती दो प्रयासों में 138 किग्रा उठाने में असफल रहे. दूसरे प्रयास में 138 किलो ग्राम उठाया लेकिन दुर्भाग्यशाली रहे के तीन में से दो जज ने इसे अवैध करार दे दिया, लेकिन आखिरी प्रयास में 138 किग्रा उठाने में सफल रहे.

पिता हैं ट्रक ड्राइवर

गुरुराजा ने पिता पेशे से ट्रक ड्राइवर है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपने को नहीं मारा और अच्छी शिक्षा भी मुहैया करवाई. गुरुराजा जब गर्वमेंट प्राइमरी स्कूल में थे, तब उन्होंने खेलों की तरफ अपना रूचि दिखाई और इसके बाद शारीरिक शिक्षा के टीचर ने उनका हौंसला बढ़ाया और इनके चैंपियन बनने के सफर की शुरुआत स्कूल से हुई.

एक समय डाइट के लिए भी नहीं थे पैसे

खिलाड़ियों की डाइट खेल के हिसाब से होती है और गुरुराजा की जिंदगी में भी एक समय ऐसा आया था, जब उनसे पास डाइट और सप्लीमेंट्स के लिए पैसे नहीं थे. उन्होंने 2010 में वेटलिफ्टिंग शुरू की और खेल में मेहनत अधिक होने के कारण उसी अनुसार डाइट और सप्लीमेंट की भी जरूरत होती है और परिवार में भी आठ सदस्य थे, जिस वजह से घर में काफी परेशानी भी हुई थी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi