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CWG 2018: कुछ देर में होने वाला है महामुकाबले का आगाज, मेडल की संख्या बढ़ाने उतरेगा भारत

पिछली बार भारत ने 5 गोल्ड, 30 सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज सहित कुल 64 मेडल अपने नाम किए थे

Updated On: Apr 04, 2018 02:08 PM IST

Kiran Singh

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CWG 2018: कुछ देर में होने वाला है महामुकाबले का आगाज, मेडल की संख्या बढ़ाने उतरेगा भारत
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लंबे इंतजार के बाद आखिरी महामुकाबले का वह दिन आ ही गया. आज गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज होने वाला है और उद्घाटन समरोह शुरू होने में अब मात्र कुछ ही घंटे बचे हैं और इसके अगले दिन यानी बुधवार से शुरू हो जाएगी खिलाड़ियों की अग्नि परीक्षा. गोल्ड कोस्ट में 71 देशों के हजारों खिलाड़ी 19 खेलों की 275 स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगे. भारत की ओर से 218 खिलाड़ी मेडल ने अपनी दावेदारी पेश करने जा रहे हैं.

उद्घाटन समारोह क्वींसलैंड के गोल्ड कोस्ट करारा स्टेडियम में भारतीय समयानुसान तीन बजे होगा, जिसमें रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु भारतीय दल की ध्वजावाह होगी. ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में यह जिम्मा 2012 लंदन ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट विजय कुमार और 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के ध्यजवाह ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा थे.

pv sindhu

 

पैरा स्पोर्ट्स सहित 14 खेलों में उतरेंगे भारतीय खिलाड़ी

भारतीय दल पैरा स्पोर्ट्स सहित 14 खेलों में उतरेंगे. जिसमें एथलेटिक्स में 28, बैडमिंटन में 5, बास्क्टेबॉल में 24, बॉक्सिंग 12, साइक्लिंग 9, जिमनास्टिक्स 7, हॉकी 36, लॉन बॉल्स 10, शूटिंग 27, स्क्वॉश 6, स्विमिंग 5, टेबल टेनिस 10, वेटलिफ्टिंग 16 और रेसलिंग में 12 खिलाड़ी उतरेंगे. वहीं पैरास्पोट्र्स में 8 खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे.

पिछले बार 64 मेडल जीते थे भारत ने

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में भारत ने 15 गोल्ड, 30 सिल्वर और 19 ब्रॉन्ज सहित कुल 64 मेडल अपने नाम किए थे. भारत के लिए  रेसलिंग, शूटिंग और वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा मेडल आए थे. रेसलिंग में 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज सहित कुल 13 मेडल, शूटिंग में 4 गोल्ड, 9 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज सहित 17 मेडल और वेटलिफ्टिंग में 3 गोल्ड, 5 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज सहित कुल 14 मेडल आए थे.

जिम्नास्टिक्स में उम्मीदें बढ़ी

 

aruna reddy

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में दीपा कर्माकार ने इतिहास रचते हुए वॉल्ट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और इसी के साथ दीपा जिमनास्टिक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी बन गई थी, लेकिन अब जिमनास्टिक्स में भारत की उम्मीदें बढ़ गई हैं. चोट के चलते गोल्ड कोस्ट में नहीं दिखने वाली दीपा की गैरमौजूदगी के बावजूद भी जिमनास्टिक्स मेडल लाने का दम रखता है। 2014 से 2018 तक स्थिति काफी बदल चुकी है। गोल्ड कोस्ट में सात खिलाड़ी उतरे रहे हैं, जिसमें से अरुणा रेड्डी, प्रणति दास और प्रणति नायक से काफी मेडल की संख्या में इजाफा कर सकती हैं.

इन्होंने रचा था इतिहास

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में भारत के 215 खिलाड़ी उतरे थे. जिसमें चार खेलों में भारत ने इतिहास रचा था. जिमनास्टिक्स के अलावा विकास गोड़ा ने पुरुष डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड जीतकर भारत को 56 वर्षों बाद पुरुष एथलेटिक्स में पहला गोल्ड मेडल दिलाया था. स्क्वॉश में भी जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल ने इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ में  भारत को स्क्वॉश में पहला गोल्ड दिलवाया. वहीं पारूपल्ली  कश्यप ने बैडमिंटन में भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया और 32 वर्षों के बाद व्यक्तिगत स्पर्धा का गोल्ड जीता.

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