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CWG 2018: पीवी सिंधु की बड़ी फैन है मेहुली, पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट से आगे निकलते हुए जीता मेडल

मेहुली ने 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट अपूर्वी चंदेला को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर मेडल जीता

Kiran Singh Updated On: Apr 09, 2018 10:46 AM IST

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CWG 2018: पीवी सिंधु की बड़ी फैन है मेहुली, पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट से आगे निकलते हुए जीता मेडल

नेशनल लेवल पर 8 गोल्ड मेडल जीतकर सनसनी फैलाने वाली मेहुली घोष ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट अपूर्वी चंदेला को पछाड़ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है. हालांकि मेहुली के गोल्ड मेडल के लिए सिंगापुर की मार्टिना की कड़ी टक्कर देते हुए नतीजे को शूट आॅफ तक ले गई, लेकिन यहां वह चूक गई और सिल्वर से संतोष करना पड़ा.

गोल्ड मेडल के लिए कांटे की टक्कर रही

अपना ही कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड तौर कर फाइनल्स में क्वालिफाइ करने वाली अपूर्वी चंदेला शुरुआत से ही शीर्ष पर कायम थी, लेकिन 19 शॉट्स के बाद वह दूसरे स्थान पर आ गई थी और मेहुल तीसरे पायदान पर चल रही थी. 20 शॉट्स तक टॉप 3 में भारत की दोनों शूटर थी. 21 वें शॉट में चंदेला ने 9.9 पॉइंट का निशाना लगाया और दूसरे नंबर पर चली गईं. 22 वें शॉट के बाद चंदेला के तीसरी पोजिशन पर आने के साथ ही उनका ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो गया था.

Shooting - Gold Coast 2018 Commonwealth Games - Women's 10m Air Rifle - Final - Belmont Shooting Centre - Brisbane, Australia - April 9, 2018. Gold medallist Martina Lindsay Veloso of Singapore, silver medallist Mehuli Ghosh of India and bronze medallist Apurvi Chandela of India pose with medals and Borobi plush dolls. REUTERS/Eddie Safarik - UP1EE490CO374

गोल्ड के लिए घोष और मार्टिना के बीच रही कांटे की टक्कर

चंदेला ने ब्रॉन्ज के साथ बाहर हो जाने के बाद गोल्ड मेडल के लिए भारत की मेहुली घोष और सिंगापुर की मार्टिना के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली , दो शॉट्स बाकी थे. गोल्ड मेडल का फैसला आखिरी शॉट्स से होना था. घोष ने 10.9 का परफेक्ट शॉट लगाया और दोनों के पॉइंट बराबर हो गए हैं. दोनों शूटर्स के पॉइंट्स 247.2 हो गए थे. नतीजा शूट आॅफ से निकाला गया और शूट ऑफ में मेहुली घोष ने 9.9 पॉइंट का निशाना लगाया जबकि सिंगापुिर की शूटर ने 10.3 पॉइंट का निशाना लगाकर गोल्ड मेडल हासिल कर लिया.

2016 में मिली थी मेहुली की काबिलियत को पहचान

भले ही मेहुली काफी करीब मामले में गोल्ड से चूक गई हो, लेकिन 17 साल की इस खिलाड़ी ने यहां भी अपना दबदबा बना ही लिया. 2016 में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड और सात सिल्वर मेडल जीतने के बाद मेहुली का जाना जाने लगा। इसके बाद से पश्चिम बंगाल की यह युवा निशानेबाज नहीं रूकी. 2017 में 61वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में मेहुली ने 8 गोल्ड मेडल पर निशाना लगाकर सनसनी फैला दी थी. हाल ही में मेक्सिको में हुए आईएसएसएफ विश्व कप में मेहुली ने 228.4 अंक हासिल कर विश्व जूनियर रिकॉर्ड बनाते हुए दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया .

सिंधु के फोन का किया था इंतजार

भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की प्रशंसक मेहुली को उनकी आक्रामता और फोकस काफी प्रभावित करता है. मेक्सिको में मेडल जीतने के बाद मेहुली ने पीवी सिंधु के फोन का इंतजार किया, उस समय सिंधू आॅल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में खेली रही थी और मेहुली को उम्मीद वापस आने पर सिंधु उन्हें फोन जरूर करेगी. इसके बाद में मेहुली को उनके कोच जॉयदीप ने बताया था.

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