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Champions Trophy Hockey 2018: लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम

नेदरलैंड्स के साथ मुकाबला 1-1 से रहा ड्रॉ , 2016 की तरह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल

FP Staff Updated On: Jun 30, 2018 10:27 PM IST

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Champions Trophy Hockey 2018:  लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम

नेदरलैंड्स के शहर ब्रेडा में भारतीय हॉकी टीम टीम चंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गई है. शनिवार को खेले गए मुकाबले मे भारत ने मेजबान टीम को 1-1 से ड्रॉ पर ही रोक दिया और ज्यादा पॉइंट्स होने के चलते  मैन इन ब्लू को फाइनल में रविवार को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलने का हक हासिल हो गया है.

भारतीय टीम लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल मे जरूर पहुंच गई है लेकिन नेदरसैंड्स के खिलाफ मुकाबले ने भारत की कई कमजोरियों को उजागर कर दिया जिनमें सबसे बड़ी और पुरानी कमजोरी आखिरी वक्त में गोल खाना है.

भारत ने पहले क्वार्टर की शुरुआत में ही जोरदार हमला किया और दिलप्रीत ने खेल के दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया लेकिन अगर इस मुकाबले में गोलकीपर श्रीजेश बेहतरीन मुस्तैदी नही दिखाई होती तो भारत यह मैच हार सकता था.

मिडफील्ड में सामने आई कमजोरी

पहले क्वार्टर में भारत के दोनों पेनल्टी कॉर्नर जाया गए और मुकाबला 0-0 से बराबर रहा. दूसरे क्वार्टर में नेदरलैंड्स ने मिडफील्ड में भारतीय टीम की कलई खोल दी और ताबड़तोड़ हमले किए. दूसरे क्वार्टर में मेजबान टीम को मिले तीनों पेनल्टी कॉर्नर्स को गोल में तब्दील होने से रोकने में श्रीजेश ने बड़ी भूमिका निभाई. दूसरे क्वार्टर में तो ऐसा लग ही नहीं रहा था कि भारतीय टीम में डिफेंडर्स के अलावा कोई खेल भी रहा है.

mandeep singh

बहरहाल तीसरे क्वार्टर में भारत की ओर से कुछ जवाबी हमले जरूर किए गए. चोथे क्वार्टर पेनल्टी कॉर्नर पर मनदीप सिंह ने गोल करके भारत को 1-0 की लीड दिला दी. हरमनप्रीत की फ्लिक रीबाउंड हुई जिस पर मनदीप ने दोल दाग दिया.

आखिरी पांच मिनट में बढ़ी धड़कनें

इस गोल के बाद आखिरी के पांच मिनट के खेल ने भारतीय खेल प्रमियों की धड़कन यकीनन बढ़ा दी होंगी. नेदरलैंड्स ने थिएरी ब्रिंकमेन ने 55वें मिनट में जवाबी गोल दाग कर मेजबान टीम की उम्मीदें बढ़ा दीं. आखिरी वक्त में डच खिलाड़ियों ने भारतीय गोलपोस्ट पर जोरदार हमले किए और आखिरी के दो मिनट में एक गोल भी दागा लेकिन से वीडियो रेफरल की जरिए नकार दिया गया. इसके बाद नेदरलैंड्स को तीन पेनल्टी कॉर्नर्स मिले लेकिन एक भी गोल में तब्दील नहीं हो सका. भारत के इस ड्रॉ के साथ 8 पॉइंट्स हो गए जबकि नेदरलैंड्स के 7 पॉइंट्स ही रहे.

साल 2016 में भी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल भारत और ऑस्ट्रलिया के बीच खेला गया था जो कंगारू टीम ने पेनल्टी शूट आउटमें 3-1 से जीता था.

यह टूर्नामेंट आखिरी बार आयोजित हो रहा है. ऐसे में देखना होगा कि क्या भारत इस बार ऑस्ट्रेलिया को मात देकर इस ऐतिहासिक खिताब को हासिल कर पाती है या नहीं.

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