S M L

Champions Trophy Hockey 2018 : रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने दी भारत को मात

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-3 से हारने के बाद अब भारत का मुकाबला बेल्जियम से गुरुवार को

Shailesh Chaturvedi Shailesh Chaturvedi Updated On: Jun 27, 2018 09:11 PM IST

0
Champions Trophy Hockey 2018 : रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने दी भारत को मात

नेदरलैंड्स के शहर ब्रेडा में इस गर्म दिन में उम्मीद गर्मागर्म मुकाबले की थी. ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच टक्कर हो, तो खुला हुआ खेल देखने को मिलता है, जिसमें एक के बाद एक हमले नजर आएं. ऐसा ही हुआ. चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2018 में बुधवार को यही एक मैच था. दर्शकों को इसमें पूरा रोमांच मिला. लेकिन आखिर में नतीजा ऐसा रहा, जो कम से कम भारतीय समर्थकों के लिए निराशा भरा था. ऑस्ट्रेलिया ने 3-2 से जीत दर्ज करते हुए भारत को पूल में तीसरे नंबर पर धकेल दिया. अब ऑस्ट्रेलिया टॉप पर है. उसके सात अंक हैं. दूसरे नंबर पर नेदरलैंड्स है, जिसके भारत जितने ही छह अंक हैं. लेकिन गोल औसत मे बेहतर होने की वजह से वो दूसरे स्थान पर है.

यह मैच ऐसा था, जिसके पहले हाफ में भारत ज्यादा मौके मिले. सर्किल एंट्री भारत की ज्यादा थीं. लेकिन बढ़त ऑस्ट्रेलिया ले गया. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया ने कभी बढ़त खोई ही नहीं. पहले क्वार्टर में ही तीन गोल हो गए थे. छठे मिनट में ही लैकलन शार्प के गोल से उसने बढ़त बनाई. भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला था. इस पर बिरेंद्र लाकड़ा गेंद को रोक नहीं पाए. लेकिन डी के बाहर से ललित उपाध्याय ने गेंद को पकड़ा और डी में वरुण कुमार को पास दिया, जिन्होंने मौका नहीं गंवाया. जब क्वार्टर के आखिरी क्षण चल रहे थे, तब टॉम क्रेग ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया.

BREDA - Rabobank Hockey Champions Trophy India - Australia Photo: Varun Kumar celebrates. COPYRIGHT WORLDSPORTPICS FRANK UIJLENBROEK

दूसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुए. लेकिन इसके अंत में कुछ ऐसा हुआ, जिसने मैच का नतीजा तय किया. लगभग आखिरी क्षणों में ऑस्ट्रेलिया और भारत के एक-एक खिलाड़ी को ग्रीन कार्ड दिखाया गया. इस दौरान भारत के दस खिलाड़ी होने चाहिए थे. लेकिन 11 खिलाड़ी मैदान पर थे. इसकी सजा कप्तान को मिलती है, जो येलो कार्ड के रूप में मिली. इस वजह से मनप्रीत को बाहर बैठना पड़ा, जो मैदान पर कैप्टन बैंड के साथ थे. उसी दौरान ऑस्ट्रेलिया ने तीसरा गोल किया.

इसके अलावा, एक वजह भारतीय टीम का मौके चूकना रहा. कई ऐसे मौके थे, जहां भारत को गोल करना चाहिए था. ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ अगर आप इतने मौके गंवाएंगे, तो यकीनन हारने के हकदार बनेंगे. वही भारत के साथ हुआ. हालांकि यह भी कह सकते हैं कि श्रीजेश ने कम से कम 4-5 शानदार बचाव न किए होते, तो अंतर और बड़ा होता. ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे क्वार्टर में ट्रेंट मिटन के गोल से 3-1 की बढ़त बनाई.

इसके बाद भारतीय टीम कोशिश करती रही. मैच के आखिरी कुछ मिनट भारत के नाम रहे. लगातार हमले बोले गए. लेकिन यहां भी मौके चूके गए. इसी बीच, कोच हरेंद्र सिंह ने गोलकीपर श्रीजेश को हटाकर 11 फील्ड प्लेयर खिलाने का फैसला किया. यही वो समय था, जब हरमनप्रीत ने एक और गोल करके गोल अंतर कम किया. यह गोल पेनल्टी कॉर्नर पर था. भारत को नौ पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिसमें से सिर्फ एक पर गोल हुआ. दो पेनल्टी कॉर्नर पर पुश तक नहीं रुका.

यह सही है कि गर्म दिन टर्फ काफी सूखा हुआ था. भारतीय टीम लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिलने पर पुश लेने की जगह पर पानी डाल रही थी. मैच के बाद ऑस्ट्रेलियन टीम ने भी माना कि टर्फ सूखा होने से पेनल्टी कॉर्नर लेने में दिक्कत हो रही थी. लेकिन इसके बावजूद दोनों टीमों को 16 पेनल्टी कॉर्नर मिलना और उस पर सिर्फ दो गोल होना कुछ ऐसा है, जिसे डिफेंड करना आसान नहीं है.

अब भारतीय टीम बेल्जियम के खिलाफ खेलेगी. यहां भारत की जीत उसे फाइनल में पहुंचा देगी. नेदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला होना है. तीसरा मैच अर्जेंटीना और पाकिस्तान के बीच होगा. भारतीय टीम के पास अब जीत के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. उसे बेल्जियम के अलावा मेजबान नेदरलैंड्स के खिलाफ खेलना है. टूर्नामेंट में अब तक नेदरलैंड्स जोरदार प्रदर्शन कर रही है. ऐसे में बेल्जियम के इस मैच को जीतना भारत की उम्मीदों को बेहतर करेगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi