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2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटिंग को हटाने को लेकर ब्रिटिश संसद में बुधवार को होगी बहस

भारतीय निशानेबाज 2002 के मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद से इस खेल में काफी पदक जीतते आए हैं, इसलिए भारत नहीं चाहता इसे हटाया जाए

Updated On: Jun 27, 2018 09:07 AM IST

FP Staff

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2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटिंग को हटाने को लेकर ब्रिटिश संसद में बुधवार को होगी बहस

बर्मिंघम में 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से निशानेबाजी को हटाने को लेकर जारी हंगामा ब्रिटिश संसद तक पहुंच गया और संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में इस मुद्दे पर बहस होगी.

यह घटनाक्रम भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह द्वारा लगातार की गई कोशिशों का नतीजा है और ऐसा समझा जा रहा है कि भारत इन खेलों में निशानेबाजी को दोबारा शामिल कराने के लिए हाउस ऑफ कॉमन्स में विभिन्न दलों का समर्थन जुटाने में सफल रहा है.

संघ के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा , ‘वहां (हाउस ऑफ कॉमन्स) गुरुवार को यह मुद्दा उठेगा. यह एनआरएआई के अध्यक्ष रनिंदर सिंह के कारण हो रहा है जो 2022 के खेलों में ओलिंपिक खेल निशानेबाजी को दोबारा शामिल कराने के लिए चुपचाप कोशिशें करते रहे हैं. ’’

अप्रैल में खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की अध्यक्ष लुइस मार्टिन और ब्रिटिश सांसद एवं डिजिटल , संस्कृति , मीडिया एवं खेल मंत्री मैट हैनकॉक को अलग अलग पत्र लिखकर उनसे 2022 के कॉमनवेल्थ में निशानेबाजी का स्थान सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था.

भारतीय निशानेबाज 2002 के मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद से इस खेल में काफी पदक जीतते आए हैं. इस साल अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ की निशानेबाजी स्पर्धाओं में भारत ने सात गोल्ड मेडल सहित 16 पदक जीते थे.

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