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Asian Games 2018 : एथलेटिक्स में आए दो गोल्ड, स्वप्ना और अरपिंदर ने दिलाए

दुती चंद ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी सिल्वर मेडल जीतकर पीटी ऊषा जैसी एथलीटों की श्रेणी में अपना नाम लिखवाया

Updated On: Aug 29, 2018 08:52 PM IST

FP Staff

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Asian Games 2018 : एथलेटिक्स में आए दो गोल्ड, स्वप्ना और अरपिंदर ने दिलाए
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18वें एशियन गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारत के अच्छे प्रदर्शन का सिलसिला जारी है. बुधवार को भारत को स्वप्ना बर्मन और अरपिंदर सिंह ने गोल्ड मेडल दिलाए, जबकि दुती चंद ने 11वें दिन सिल्वर मेडल दिलाया. सबसे पहले दुती चंद ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी सिल्वर मेडल जीतकर पीटी ऊषा जैसी एथलीटों की श्रेणी में अपना नाम लिखवाया, जिन्होंने एशियन गेम्स में एक से अधिक मेडल जीते हैं.  इससे पहले 100 मीटर में भी सिल्वर मेडल जीतने वाली दुती ने 200 मीटर में 23.20 सेकेंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया. बहरीन की एडिडियोंग ओडियोंग ने 22.96 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल जीता. चीन की वेई योंगली (23.27 सेकेंड) में ब्रॉन्ज मेडल .

अरपिंदर  ने तिहरी कूद में  दिलाया 48 साल बाद गोल्ड

इसके बाद अरपिंदर सिंह ने पुरूषों की तिहरी कूद में 16.77 मीटर की छलांग लगाकर इस स्पर्धा में भारत को 48 वर्ष बाद पहला गोल्ड मेडल दिलाया.  राष्ट्रमंडल खेल 2014 में  ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद किसी बड़ी प्रतियोगिता में पदक नहीं जीत पाने वाले अरपिंदर ने अपने तीसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई. उज्बेकिस्तान के रसलान कुर्बानोव ने 16.62 मीटर छलांग लगाकर सिल्वर और चीन के शुओ काओ ने 16.56 मीटर के साथ  ब्रॉन्ज मेडल जीता.

arpinder singh

 

स्वप्ना हेप्टाथलन में सोने का तमगा जीतने वाली पहली भारतीय

उसके बाद स्वप्ना बर्मन ने दांत दर्द के बावजूद हेप्टाथलन में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. वह इन खेलों में हेप्टाथलन में सोने का तमगा जीतने वाली पहली भारतीय हैं. 21 वर्षीय बर्मन ने दो दिन तक चली सात स्पर्धाओं में 6026 अंक बनाए. इस दौरान उन्होंने ऊंची कूद (1003 अंक) और भाला फेंक (872 अंक) में पहला तथा गोला फेंक (707 अंक) और लंबी कूद (865 अंक) में दूसरा स्थान हासिल किया था. उनका खराब प्रदर्शन 100 मीटर (981 अंक, पांचवां स्थान) और 200 मीटर (790 अंक, सातवां स्थान) में रहा.

सात स्पर्धाओं में से आखिरी स्पर्धा 800 मीटर में उतरने से पहले बर्मन ने चीन की क्विंगलिंग वांग पर 64 अंक की बढ़त बना रखी थी. उन्हें इस आखिरी स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत थी और वह इसमें चौथे स्थान पर रहीं. इसी स्पर्धा के दौरान वह पिछले साल भुवनेश्वर में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान गिर गयी थी लेकिन आज इसमें चौथे स्थान पर रहने के बावजूद वह चैंपियन बनीं.

पूर्णिमा हेम्ब्रम चौथे स्थान पर रहीं

हेप्टाथलन में भाग ले रही एक अन्य भारतीय पूर्णिमा हेम्ब्रम 800 मीटर में उतरने से पहले जापान की युकी यामासाकी से 18 अंक पीछे थीं, लेकिन उन्होंने बर्मन से थोड़ा पहले दौड़ पूरी की और ओवरऑल 5837 अंक लेकर चौथे स्थान पर रहीं. क्विंगलिंग (5954 अंक) को सिल्वर और यामासाकी (5873) को ब्रॉन्ज  मेडल मिला. बर्मन से पहले बंगाल की सोमा बिस्वास तथा कर्नाटक की जेजे शोभा और प्रमिला अयप्पा ही एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में मेडल जीत पायी थीं. बिस्वास और शोभा बुसान एशियन गेम्स (2002) और दोहा एशियन गेम्स (2006) में क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रही थीं, जबकि प्रमिला ने ग्वांग्झू (2010) में ब्रॉन्ज  मेडल जीता था.

अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रह गए अरपिंदर 

अरपिंदर ने हालांकि सत्र में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17.09 मीटर से कमतर प्रदर्शन किया. उन्होंने जून में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप के दौरान यह दूरी पार हासिल की थी जिससे वह एशियाई रैंकिंग में तीसरे नंबर पर आ गए थे. अरपिंदर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17.17 मीटर है. वह 2014 एशियन गेम्स में पांचवें स्थान पर रहे थे. भारत के लिए इससे पहले एशियन गेम्स की तिहरी कूद में आखिरी ब्रॉन्ज  मेडल 1970 में मोहिंदर सिंह गिल ने जीता था. कुल मिलाकर यह तिहरी कूद में भारत का तीसरा ब्रॉन्ज  मेडल है. मोहिंदर सिंह ने 1958 में पहली बार इस स्पर्धा में सोने का तमगा हासिल किया था. यही नहीं 1982 में एस बालासुब्रहमण्यम के ब्रॉन्ज  मेडल के बाद यह भारत का एशियन गेम्स  में तिहरी कूद में पहला पदक भी है. इसी स्पर्धा में भाग ले रहे भारत के एक अन्य एथलीट एवी राकेश बाबू 16.40 मीटर की छलांग लगाकार छठे स्थान पर रहे.

Jakarta: India's Dutee Chand (R) crosses the finish line to win the Silver medal in the women's 200m final event at the 18th Asian Games 2018 in Jakarta, Indonesia on Wednesday, Aug 29, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI8_29_2018_000159B)

ज्योर्तिमय और सुनीता की बराबरी की दुती ने

ओड़िशा की 22 वर्षीय फर्राटा धाविका दुती को आईएएएफ की हाइपरड्रोजेनिज्म नीति के कारण 2014-15 में खेलने की अनुमति नहीं दी जिसके कारण वह 2014 राष्ट्रमंडल और एशियन गेम्स खेलों में भाग नहीं ले पाईं. उन्होंने खेल पंचाट में यह मामला उठाया और आखिर में उनके पक्ष में फैसला आया.  दिग्गज ऊषा ने 1986 सोल एशियन गेम्स में चार गोल्ड  मेडल जीते थे. ज्योर्तिमय सिकदर ने भी 1998 बैंकाक खेलों में दो पदक हासिल किए थे. सुनीता रानी भी 2002 में बुसान एशियन गेम्स से दो पदक लेकर लौटी थीं.

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