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69 मेडल@69 कहानियां : 35 की उम्र में ऐसा जुनून.. बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

कहानी 69: सीमा पूनिया को इस बार भले ही बॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन वह लगातार चार राष्ट्रमंडल खेलों, दो एशियाड और तीन ओलिंपिक में खेलने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गईं

Updated On: Sep 16, 2018 07:47 PM IST

FP Staff

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69 मेडल@69 कहानियां : 35 की उम्र में ऐसा जुनून.. बना दिया अनोखा रिकॉर्ड
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35 वर्षीय डिस्कस थ्रोअर सीमा पूनिया का जुनून ऐसा कि एशियन गेम्स 2018 में वो रिकॉर्ड कायम कर दिया, जो आज तक कोई न कर पाया. सीमा पूनिया ने 62.26 मीटर डिस्कस थ्रो कर बॉन्ज मेडल पर कब्जा किया. यह उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. सीमा ने पिछले एशियाड में इससे कम दूरी पर गोल्ड जीता था.

सीमा पूनिया को भले ही बॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन वह लगातार चार राष्ट्रमंडल खेलों, दो एशियाड और तीन ओलिंपिक में खेलने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गईं. सीमा ने राष्ट्रमंडल खेलों में चार और एशियाड में दो पदक जीते हैं. हालांकि ओलिंपिक में वह तमगा नहीं जीत पाई हैं. सीमा ने राष्ट्रमंडल खेलों में 2006 में सिल्वर, 2010 में बॉन्ज,  2014 में सिल्वर और 2018 में सिल्वर जीता है. 2014 इंचियोन एशियाड में गोल्ड मेडल जीता था.

सीमा ने 11 साल की उम्र से एथलेटिक्स में प्रवेश कर लिया था. उन्होंने 17 साल की उम्र में विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चक्का फेंक में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन डोपिंग का दोषी पाए जाने के कारण उनका मेडल छीन लिया गया था. तब आईएएएफ के नियमों के अनुसार केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. इसके बाद उनका करियर उतार चढ़ाव भरा रहा, पर सीमा ने हिम्मत नहीं छोड़ी.

इस वजह से चूकी गोल्ड मेडल से

जिस समय सीमा थ्रो कर रही थी, उस समय दर्द इतना था कि पूरा पैर नहीं रखा जा रहा था. उनका दर्द लगातार बढ़ रहा था. फिर भी सीमा फाइनल में अपने तीसरे प्रयास में 62.26 मीटर फेंक कर तीसरा स्थान हासिल किया. सीमा ने अपने पहले प्रयास में 58.51 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका, लेकिन दूसरा प्रयास में उनका फाउल रहा. चौथे प्रयास में उन्होंने 61.28 मीटर की दूरी तय की, जबकि पांचवां प्रयास फाउल रहा. इस बार उन्हें चीनी खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिली. चीन की यांग चेन ने 65.12 मीटर के साथ गोल्ड और उनकी हमवतन बिन फेंग ने 64.25 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता. दोनों ने शुरुआत से ही टॉप टू पोजीशन पर कब्जा बरकरार रखा.

सफलता के लिए पति ने की कांवड़ यात्रा

मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत के गांव खेवड़ा निवासी सीमा की शादी सकौती टांडा में हुई है. अंकुश पूनिया सीमा के पति और कोच भी हैं. एशियन गेम्स में सीमा के अच्छे प्रदर्शन की कामना को लेकर अंकुश ने इस बार कांवड़ यात्रा भी की. अंकुश पूनिया का कहना है कि सीमा का इस बार बॉन्ज मेडल जीतना भी बड़ी बात है. वह लगातार देश के लिए मेडल ला रही हैं.

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