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Hockey Women’s World Cup 2018: कितनी मजबूत है वर्ल्ड कप में भारतीय चुनौती, जानिए पूरी महिला टीम को

भारतीय चुनौती कैसी होगी, इसे जानने के लिए टीम के हर खिलाड़ी के बारे में जानना जरूरी है

Updated On: Jul 19, 2018 10:32 AM IST

FP Staff

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Hockey Women’s World Cup 2018: कितनी मजबूत है वर्ल्ड कप में भारतीय चुनौती, जानिए पूरी महिला टीम को

21 जुलाई से महिला हॉकी विश्व कप लंदन में शुरू हो रहा है. भारतीय टीम अपने पहले मैच में ओलिंपिक चैंपियन इंग्लैंड से भिड़ेगी. भारत के पूल में इंग्लैंड, अमेरिका और आयरलैंड हैं. टीम अनुभवी है. भारतीय चुनौती कैसी होगी, इसे जानने के लिए टीम के हर खिलाड़ी के बारे में जानना जरूरी है. जानिए कैसी है टीम –

रानी (कप्तान), फॉरवर्ड

उम्र – 23

मैच – 213

शर्ट नंबर – 28

15 साल की उम्र में रानी ने राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली थी. 2009 के चैंपियंस चैलेंज में वो सुर्खियों में आईं. कजान में हुए इस टूर्नामेंट में वो सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी थीं. चार गोल उन्होंने फाइनल में किए. एफआईएच वीमंस यंग प्येर ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए नामांकित होने वाली वो अकेली भारतीय हैं. अर्जेंटीना में 2010 में खेले गए विश्व कप में वो बेस्ट यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थीं. भारतीय कप्तान का मानना है कि 2018 वर्ल्ड कप के लिए टीम का अनुभव उसकी मजबूती है.

MADRID - India Test Matches 03 Spain v India (w) Foto: Rani (C) WORLDSPORTPICS COPYRIGHT FRANK UIJLENBROEK

सविता (उप कप्तान, गोलकीपर)

उम्र – 27

मैच – 169

शर्ट नंबर – 11

उनके दादा चाहते थे कि वो मजबूत बनें. इसीलिए उन्होंने सविता के लिए हॉकी को चुना. जब वो गोल  पोस्ट के सामने खड़ी होती हैं, तो वो मजबूती नजर आती है. भारत के लिए खेली बेहतरीन गोलकीपर में एक. 2016 में महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम की सदस्य थीं. रियो ओलिंपिक्स में भी टीम का हिस्सा थीं. पेनल्टी शूटआउट में उनके बचाव ने वीमंस एशिया कप में भारत को 13 साल बाद खिताब दिलाया था. सविता कहती हैं, रैंकिंग अहम नहीं हैं... मैच के हालात को डील करना अहम है.

रजनी (गोलकीपर)

उम्र – 27

मैच – 74

शर्ट नंबर – 13

रजनी की मां अगले कुछ दिनों में कुछ ज्यादा मंदिरों के दर्शन करती दिखेंगी. आंध्र प्रदेश में चित्तूर की रजनी कहती हैं कि वो मेरी और टीम की सफलता के लिए कामना करती रहती हैं. रजनी लगातार टीम इंडिया के कोर ग्रुप का हिस्सा रही हैं. कोच को पता है कि उनके रूप में टीम के पास बहुत अच्छा बैक-अप है.

दीपिका (डिफेंडर)

उम्र – 31

मैच – 219

शर्ट नंबर – 17

चोट से वापस आना हमेशा मुश्किल होता है. लेकिन एसीएल के बाद वापसी करना तो छोटे मोटे चमत्कार जैसा ही माना जाना चाहिए. दीपिका कभी डिफेंडर की पोजीशन से विंगर या फॉरवर्ड की तरह भी खेलती रही हैं. 31 साल की दीपिका दो वर्ल्ड कप खेल चुकी हैं. 2006 और 2014 की टीम में वो थीं. 2017 में एशिया कप का गोल्ड जीतने वाली टीम का भी वो हिस्सा थीं.

सुनीता लाकड़ा (डिफेंडर)

उम्र – 26

मैच – 132

शर्ट नंबर – 26

इस साल एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की कप्तान, जिसमें भारत फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ 0-1 से हार गया था. लाकड़ा डिफेंसिव स्ट्रक्चर की अहम कड़ी हैं. 2009 में उन्होंने करियर की शुरुआत की. मुश्किल मौके पर शांत रहना उनकी खासियत है, जिसका टीम को फायदा मिला है.

सुनीता लाकड़ा

सुनीता लाकड़ा

दीप ग्रेस इक्का (डिफेंडर)

उम्र – 23

मैच – 164

शर्ट नंबर – 3

सुंदरगढ़ के साई सेंटर से निकली इक्का को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान ओडिशा नेशनल स्कूल्स हॉकी टूर्नामेंट से मिली, जो 2009 में हुआ था. 2013 के महिला एशिया कप टीम का वो हिस्सा थीं, जिसने कांस्य जीता था. उसके बाद से लगातार टीम इंडिया का हिस्सा हैं. ग्रेस बहुत अच्छी पेनल्टी कॉर्नर फ्लिकर भी हैं.

गुरजीत कौर (डिफेंडर)

उम्र – 22

मैच – 55

शर्ट नंबर – 2

अगर भारत को अहम मौके पर गोल की जरूरत हो और 35 फीसदी से ज्यादा बार पेनल्टी कॉर्नर ड्रिल के कामयाब होने की जरूरत हो तो उसमें गुरजीत कौर का अहम रोल होगा. उनकी फ्लिक ताकतवर होती है. एंगल के साथ ली गई फ्लिक विपक्षी डिफेंस को तोड़ सकती है. खालसा कॉलेज, जालंधर से आईं गुरजीत ने जापान में हुई महिला एशिया कप की जीत में आठ गोल के साथ बड़ा रोल अदा किया था. टूर्नामेंट की वो तीसरी सर्वोच्च स्कोरर थीं. भारत को वर्ल्ड कप में आगे जाना है, तो उनके गोल की बड़ी भूमिका होगी.

मोनिका मलिक (मिडफील्डर)

उम्र – 24

मैच – 117

शर्ट नंबर – 4

मोनिका को 2010 के जूनियर नेशनल्स में अच्छे खिलाड़ी के तौर पर पहचान मिली थी. 2012, चंडीगढ़ में हुए जूनियर नेशनल्स में उन्होंने फिर शानदार प्रदर्शन किया. चंडीगढ़ को सिल्वर मिला.

मोनिका

मोनिका

भारतीय जूनियर टीम में आईं. मिड फील्ड में उनके स्किल और रिवर्स स्वीप कमाल के हैं.

नमिता टोप्पो (मिडफील्डर)

उम्र – 22

मैच – 149

शर्ट नंबर – 19

पांपोश हॉस्टर से 2012 के चैंपियंस चैलेंज वन तक का सफर उनके लिए सपने जैसा रहा है. वो कहती हैं कि वर्ल्ड कप में उनके खेल से टीम का प्रदर्शन और बेहतर हो, ऐसा चाहती हैं. 2014 के कॉमनवेल्थ,  एशियाड और 2017 के महिला एशिया कप का वो हिस्सा रही हैं.

नमिता टप्पो

नमिता टोप्पो

निकी प्रधान (मिडफील्डर)

उम्र – 24

मैच – 69

शर्ट नंबर – 8

पुलिस कांस्टेबल की बेटी निकी को झारखंड की ऐसी पहली महिला हॉकी खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल है, जिसने ओलिंपिक्स में हिस्सा लिया. चोट उनके करियर का हिस्सा रही हैं. टीम की सबसे फिट खिलाड़ियों में एक. ओलिंपिक्स के अलावा वो वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल और 2017 के एशिया कप में टीम का हिस्सा थीं.

नेहा गोयल (मिडफील्डर)

उम्र – 21

मैच – 36

शर्ट नंबर – 32

नेहा ने पूर्व भारतीय कप्तान प्रीतम सिवाच की हॉकी एकेडमी में खेल सीखा है. स्टिक, जूते और किट का खर्चा मुसीबत बना. नेहा को समझ आया कि बड़े स्तर पर खेलने से उनके लिए जिंदगी आसान हो सकती है. 14 साल की उम्र में वो जूनियर एशिया कप खेली. साल 2011 की बात है. चार देशों के अंडर 21 लाल बहादुर शास्त्री महिला टूर्नामेंट में वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनीं. 2014 में सीनियर टीम में जगह बनाई.

लिलिमा मिंज (मिडफील्डर)

उम्र – 23

मैच – 116

शर्ट नंबर – 31

नेशनल रूरल गेम्स 2009 में मिंज की प्रतिभा को पहचाना गया. तब ओडिशा चैंपियन बना था. हॉकी में बॉडी मूवमेंट और दूसरे खिलाड़ियों के लिए ओपनिंग तैयार करना अहम है. लिलिमा की यह पहचान है. 2013 मोंशेनग्लाडबैख में जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य जीतने वाली भारतीय टीम की वो सदस्य थीं. ओलिंपिक टीम का भी वो हिस्सा थीं.

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नवजोत कौर (फॉरवर्ड)

उम्र – 23

मैच – 133

शर्ट नंबर – 1

बैंकॉक में हुए अंडर 18 एशिया कप की टॉप स्कोरर नवजोत का भारतीय हॉकी में ऊपर आना काफी निरंतरता के साथ हुआ है. सर्किल में उनकी स्ट्राइकिंग पावर बहुत अच्छी है. हरियाणा की इस स्ट्राइकर का भरोसा भी आसमान छू रहा है. 2017 के एशिया कप फाइनल में चीन के खिलाफ उन्होंने गोल किया था. शूट आउट में भी वो शामिल थीं.

वंदना कटारिया (फॉरवर्ड)

उम्र – 25

मैच – 201

शर्ट नंबर – 16

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2013 जूनियर वर्ल्ड कप में वंदना पांच गोल करके सबसे ज्यादा गोल करने वालों में तीसरे नंबर पर थीं. विपक्षी के स्ट्राइकिंग सर्कल में मौके बनाना और भुनाना उन्हें अच्छी तरह आता है. इस साल एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं.

नवनीत कौर (फॉरवर्ड)

उम्र – 22

मैच – 40

शर्ट नंबर – 25

चैंपियंस ट्रॉफी में जापान के खिलाफ उनकी हैट्रिक ने मोमेंटम बनाया, जिसकी वजह से भारत फाइनल तक पहुंचा. निरंतर अच्छा प्रदर्शन उनकी खासियत है. एशिया कप की जीत में भी नवनीत सबसे असरदार खिलाड़ी रही थीं. उन्होंने चार गोल किए थे. 2013 वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य थीं वो.

लालरेमसियामी (फॉरवर्ड)

उम्र – 18

मैच – 25

शर्ट नंबर – 20

वर्ल्ड कप में लालरेमसियामी भारतीय टीम की सबसे युवा खिलाड़ी होंगी. टॉप टीम के खिलाफ लगातार गोल मारे हैं उन्होंने. अंडर 17 और अंडर 18 एशियन टूर्नामेंट में भी वो खासी कामयाब रही हैं. मिजोरम के कोलासिब में जन्मी लालरेमसियामी ने वीमंस हॉकी ट्रेनिंग सेंटर में खेल सीखा. पिछले साल के एशिया कप में भारत की जीत में उनका बड़ा रोल रहा. उन पर विपक्षी डिफेंडर खास नजर रखेंगे.

उदिता (मिडफील्डर)

उम्र – 20

मैच – 15

शर्ट नंबर – 18

मिडफील्डर उदिता धीरे-धीरे खुद को ऐसे खिलाड़ी के रूप में विकसित कर रही हैं, जो अपनी रफ्तार से विंग्स से सर्किल में जगह बना सकता है. 2016 में उदिता ने अंडर 18 टीम की कप्तानी की, जहां भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची. वहां प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को भरोसा हुआ कि यह ऐसा टैलेंट है, जिसे तराशा जाना चाहिए. खासतौर पर ऐसे साल, जब वर्ल्ड कप के ठीक बाद एशियन गेम्स होने हैं.

उदिता

उदिता

रीना खोखर (फॉरवर्ड)

उम्र – 24

मैच – 14

शर्ट नंबर – 6

चंडीगढ़ की रीना ने मध्य प्रदेश हॉकी एकेडमी से खेल की बारीकियां सीखी हैं. उनके कोच ने नेशनल कोच श्योर्ड मरीन्ये को नाम सुझाया, जिन्होंने खेल देखने के बाद लंदन के लिए टीम में रीना को जगह दी. एमबीए कर रही रीना खेल के बाद अपने करियर को भी ध्यान में रख रही हैं. लेकिन अभी उनका ध्यान पूरी तरह हॉकी पर ही होगा.

(इनपुट- संदीप मिश्रा)

 

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