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Asian Games 2018: आखिर क्‍यों पहलवानी जैसा लगता है कुराश

जबकि इसमें तो न ही आर्मलॉक्‍स किया जाता है और न ही कमर के नीचे पकड़ा जाता है

Kiran Singh Updated On: Aug 04, 2018 01:18 PM IST

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Asian Games 2018: आखिर क्‍यों पहलवानी जैसा लगता है कुराश

एशियन गेम्‍स का काउंट डाउन शुरू हो गया है और इस बार इन गेम्‍स में सबकी नजर बाकी सभी खेलों की तुलना में इस बार एशियाड में डेब्‍यू कर रहे खेलों पर अधिक होगी, जिसमें कुराक्ष भी शामिल है. कुराक्ष एक मार्शल आर्ट है, जो इंडोशिया में 18 अगस्‍त से 2 सितंबर तक होने वाले एशियन गेम्‍स में जु-जित्सु, पेनचाक सिलाट के साथ डेब्‍यू कर रहा है.

कुश्‍ती जैसा ही है कुराश

कुराक्ष भारत के देसी खेल पहलवानी जैसा ही है. दोनों ही खेलों में फर्क है तो कुछ नियम का, लेकिन देखने में आपको भी यह कुश्‍ती ही लगेगी. कुराश रेसलिंग के लिए उपयोग होने वाले तुर्की टर्म में से एक है. यह खासतौर पर मध्‍य एशिया में प्रचलित लोक कुश्‍ती शैलियों की एक संख्‍या को दर्शाता है. हालांकि यह उजबेकिस्‍तान से निकली पारंपरिक मार्शल आर्ट शैली है. अगर सीधे शब्‍दों में कहे तो कुराश बिना हिंसा की पहलवानी ही है. जो शरीर के उपरी भाग पर खेली जाती है. इसमें न तो कमर से नीचे पकड़ा जाता है और न ही हिट और किक मारा जाता है. कुराश में ग्राउंड रेसलिंग नहीं होती, न इसमें आर्मलॉक्‍स किया जाता है और न ही इसमें चोकिंग तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाता है. मार्शल आर्ट की करीब सौ वर्षों से भी ज्‍यादा पुरानी शैली कुराश को खेल में शामिल हुए अभी ज्‍यादा समय नहीं हुआ है. 1980 में इसे बतौर खेल अपनाया गया.

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नियम इसमें खेल में खिलाड़ी को अपने विपक्षी को ग्राउंड पर थ्रो करना होता है. यदि वह अपने विपक्षी को उसके बैक पर मजबूती से थ्रो करता है तो इसे खालोल कहा जाता है और उसे बाउट का विजेता घोषित कर दिया जाता है. हालांकि मुकाबला पुरुषों के लिए चार मिनट और महिला खिलाड़ी के लिए तीन मिनट का होता है. यदि खिलाड़ी अपने विपक्षी को उसकी तरफ थ्रो करता है तो उसे योनबोश अंक दिया जाता है और दो योनबोश से मिलकर एक खालोल बनता है. मुकाबला का लोअर अंक चाला होता है, जब खिलाड़ी अपने विपक्षी को उसकी ही तरफ हल्‍के से थ्रो करता है. जिस भी खिलाड़ी के सबसे ज्‍यादा अंक होते हैं, उसे विजेता घोषित किया जाता है.

कुल 28 मेडल में दांव पर

एशियन गेम्‍स में यह इवेंट महिला और पुरुषों को मिलाकर कुल 7 कैटेगरी में होगी. पुरुषों में -66 किग्रा, -81 किग्रा, -90 किग्रा और +90 किग्रा के चार भाग वर्ग है, वहीं महिलाओं की प्रतिस्‍पर्धा -52 किग्रा, -63 किग्रा और -78 किग्रा तीन वर्गों में होगी, जिसमें कुल 28 मेडल दांव पर होंगे. सभी वर्ग में एक गोल्‍ड, एक सिल्‍वर और दो ब्रॉन्‍ज मेडल दिए जाएंगे.

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भारत को भी मेडल की उम्‍मीद

कुराश में भारत भी अपना 14 सदस्‍यीय दल उतार रहा है. जिसमें से 8 पुरुष और 6 महिला खिलाड़ी हैं. अस्‍गाबत में हुए एशियन इंडोर गेम्‍स में भारत में कुराश में एक सिल्‍वर मेडल और दो ब्रॉन्‍ज मेडल जीते थे और यहां इस खेल में 28 मेडल दांव पर है, इसीलिए मजबूत कुराश टीम से कम से कम एक मेडल की तो उम्‍मीद की जा सकती हैं.

फोटो साभार:  इंटरनेशनल कुराश एसोसिएशन

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