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69 मेडल@69 कहानियां: साथी हाथ बढ़ाना, यही थी इस टीम की ताकत!

कहानी 55 और 56: एशियन गेम्स से पहले से ही स्कवॉश टीम बिना किसी नियामित कोच के अभ्यास कर रही है

Updated On: Sep 15, 2018 04:29 PM IST

FP Staff

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69 मेडल@69 कहानियां: साथी हाथ बढ़ाना, यही थी इस टीम की ताकत!

एशियन गेम्स में भारत को स्‍क्‍वॉश में पांच मेडल हासिल किए. इसमें से दो मेडल पुरुष और महिला टीम इवेंट में भारत को मिले. भारतीय महिला टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया वहीं पुरुष टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

भारत की स्टार खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने आठ बार की विश्व चैंपियन निकोल डेविड को हराया जिससे भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने गत चैंपियन मलेशिया को 2-0 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों के फाइनल में प्रवेश किया था.

जोशना चिनप्पा, दीपिका पल्लीकल कार्तिक, सुनयना कुरूविला और तन्वी खन्ना की भारतीय टीम ने इसके साथ ही गोल्ड मेडल की ओर कदम रख दिया था. हालांकि फाइनल में वह हॉन्गकॉन्ग से हार गई लेकिन टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था.

वहीं पुरुष टीम ने इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. गत चैम्पियन भारत को पुरुष स्क्वैश इवेंट के सेमीफाइनल में हॉन्गकॉन्ग से 0-2 से मिली हार के कारण ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. दोनों टीमों की यह जीत बेहद खास है कि भारत के ये खिलाड़ी बिना किसी कोच के ही खेलों की तैयारी कर रहे हैं. भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी पिछले कुछ समय से नियमित कोच के बिना खेल रहे हैं. एसआरएफआई ने साइरस पोंचा और भुवनेश्वरी कुमारी को बतौर कोच भेजा था, लेकिन दीपिका पल्लीकल ने कहा कि खिलाड़ी एक-दूसरे की मदद करना पसंद करते हैं.

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